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अधिकतर बस्तीवासी लीज नहीं, मालिकाना हक चाहते हैं

जमशेदपुर

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 02:45 AM IST
जमशेदपुर
विपक्षी दल के नेताओं ने इस निर्णय को चुनाव नजदीक आते देकर आनन-फानन में लिया गया निर्णय करार दिया है। विरोधियों का कहना है लोग मालिकाना हक की मांग को लेकर 35 सालों से अधिक समय से आंदोलनरत थे। सरकार 30 सालों के लिए जमीन बंदोबस्त कर रही है।

लीज बंदोबस्ती को लेकर बिरसानगर के लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया

सरकार ने लीज बंदोबस्ती की घोषणा की है। इसको लेकर बस्तीवासी एकजुट होकर विरोध करने लगे हैं। गैर भाजपा दलों की ओर से से दीवार लेखन की जा रही है। ‘बिरसानगर के बाशिंदों होशियार, मालिकाना के नाम पर नहीं ठगे जाएंगे बार-बार, रघुवर हटाओ बस्तियां बचाओ। नारे लिखकर विरोध हाे रहा है। जगह-जगह आम सभा कर बस्ती वासियों को आगाह किया जा रहा है। रघुवर सरकार वोट के लिए लाेगों को गुमराह कर रही है, इससे सावधान रहें।

समय पर सीएम को याद दिलाएंगे

 रघुवर दास ने सात साल पहले एग्रीको मैदान में घोषणा की थी कि बस्तियों में रहने वालों को मालिकाना हक मिलेगा, लेकिन अब तक एेसा नहीं हुआ। बस्तीवासी समय पर सीएम को पुराना वादा याद दिलाएंगे। 2019 में लोस चुनाव होने वाला है। अब जनता झांसे में नहीं आने वाली है।  कृष्णा गोराई, बिरसानगर वासी

सरकार की मंशा गलत

 मैं भाजपा का समर्थक हूं। इसके बावजूद लीज बंदोबस्ती मामले में सरकार के फैसले का विरोध करता हूं ।  पीके चौधरी , बिरसानगर वासी

सरकार ने शिगूफा छोड़ा

 आने वाले दिनों में लोस व विस का चुनाव होना है। वोटरों को लुभाने के लिए सरकार ने लीज बंदोबस्ती का शिगूफा छोड़ा है।  सुनील पात्रो , बिरसानगर वासी

लीज की जमीन की खरीद-बिक्री नहीं होगी

 बस्तिवासियों को हर हाल में मालिकाना हक मिलना चाहिए। लीज बंदोबस्ती से किसी का भला नहीं होगा। क्योंकि लीज की जमीन पर बने मकानों को बैंक से लोन नही मिलता है। मकान की खरीद-बिक्री भी नहीं हो सकती है।  सनत लोहार, बिरसानगर वाली

लीज बंदोबस्ती गलत

 पिछले चुनाव में मैंने भाजपा का समर्थन किया था। लीज बंदोबस्ती की घोषणा ने हम सबों को निराश किया है। रामनरेश शर्मा, बिरसानगर वासी