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झारखंड की बेटियां अपनी सुरक्षा खुद कर सकंेगी, कान्फिडेंस भी बढ़ेगा- राज्यपाल

सिटी रिपोर्टर

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:50 AM IST

सिटी रिपोर्टर जमशेदपुर

राज्य के सभी महिला कॉलेजों में मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण कार्यक्रम अनिवार्य रूप से चलाया जाएगा। इसके लिए निर्देश जारी कर दिया गया है। इसकी ट्रेनिंग लेने के बाद महिलाएं अपनी सुरक्षा खुद कर सकती हैं। सरकार वन टू वन सुरक्षा नहीं दे सकती है। इसके लिए महिलाओं को सुरक्षा के प्रति सजग रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं का कांफिडेंस भी बढ़ेगा। जुल्म करने वालों को सबक सिखाएंगी। यह बातें झारखड की राज्यपाल महामहिम द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को कहीं।

मौका था मदरसा बाग-ए-आयशा की ओर से माइकल जॉन आडिटोरियम में सालाना जलसा और दीक्षांत समारोह मनाने का। वे बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि बेटियां बेटों से कमतर नहीं हैं। बेटियां सहनशीलता, धैर्य और स्नेह की मूरत होती हैं। उनको सशक्त बनाने में सभी के योगदान की जरूरत है। उन्होंने कहा कि समाज में रीति रिवाज और अनुशासन जरूरी है, लेकिन इसके आड़ में हुनर और विकास को कुंठित नहीं होने देना चाहिए। बेटियों को शिक्षित करने पर जोर दिया जाना चाहिए। महिलाएं समाज की रीढ़ हैं, उन्हें पिछड़ा न समझा जाए। बेटियां आदिशक्ति का रूप होती हैं। उनके प्रयास से समाज और देश विकसित हो सकता है। गरीबी पढ़ाई में गरीबी आड़े नहीं आने की बात कही।

दोनों घरों पे नूर लुटाती हंै बेटियां, दुनिया तो बोझ समझती...

माइकल जॉन आॅडिटोरियम में राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने छात्राओं को उपाधि दीं।

18 छात्राओं को उपाधि प्रदान की

राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने मदरसा से किरत की पढाई पूरी करने वाली 18 छात्राओं को उपाधि प्रदान किया। इसके अलावा मदरसा द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं का पुरस्कार देकर हौसला बढ़ाया। अरका जैन युनिवर्सिटी के कुलपति डाॅ. एसएस रजी, मदरसा की डायरेक्टर जेबा कादरी मौजूद थीं। इस अवसर पर छात्रा तसमिया ने महिलाओं पर कविता पेश की। इस पर कई लोगों के आंसू निकल आए। रेशम की तरह होती है बेटियां, औरों का दर्द देख के रोती हैं बेटियां, बेटा तो एक घर का ही रोशन करते मगर, दोनों घरों पे नूर लुटाती हंै बेटियां, दुनिया तो बोझ समझती रहीं मगर, सबके गमों का बोझ उठाती हंै बेटियां। अगर हीरे हैं बेटे तो मोती है बेटियां। इल्म आैर हुनर में हम भी तो बेटों से कम नहीं, एहसास हर घड़ी दिलाती है बेटियां...।

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