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अतिक्रमणकारियों को लीज पर जमीन लेने के लिए देना होगा आवासीय प्रमाण पत्र

डीबी स्टार

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 02:55 AM IST
डीबी स्टार
राज्य के शहरी क्षेत्रों में सरकारी जमीन पर 1985 से पहले से रह रहे लोगों को 30 साल का लीज लेने के लिए आवासीय प्रमाण-पत्र देना होगा। भूराजस्व विभाग ने सभी डीसी को इसके लिए चेकलिस्ट और आवेदन का प्रारूप भेज दिया है। कहा है कि इसी चेकलिस्ट के अनुरूप कार्रवाई करें। आवेदन में 11 बिंदुओं पर सूचनाएं मांगी गई है। दखलकार के रूप में रहने वालों को साक्ष्य के रूप में जो कागजात मांगे गए हैं, उसमें आवास प्रमाण पत्र की भी मांग की गई है।

इसके साथ ही आवेदकों को जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, बिजली बिल या पानी का दस्तावेज, नगर पालिका, नगर निकाय द्वारा आवंटित होल्डिंग नंबर, टैक्स अदा करने संबंधी कागजात भी देने को कहा गया है।

साक्ष्य के रूप में टेलीफोन लगाने संबंधी साक्ष्य, अंचल अधिकारी या टाटा लीज उपसमाहर्ता या भूमि सुधार उपसमाहर्ता या अनुमंडल पदाधिकारी के न्यायालय में दायर अतिक्रमण वाद से संबंधित दस्तावेज की मांग आवेदन में की गई है। हाल में सर्वे में अंकित अवैध दखल संबंधी समयावधि से संबंधित दस्तावेज तथा अन्य सरकारी प्रामाणिक दस्तावेज की भी मांग की गई है। जमशेदपुर जिला प्रशासन ने तीन अप्रैल से कैंप लगाकर आवेदन लेने संबंधी सूचना जारी कर दी है। अन्य शहरों में भी आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू होगी।

साबित करना होगा कि 1985 से जमीन पर कब्जा है

20 फरवरी को कैबिनेट ने शहरी क्षेत्र में स्थित अतिक्रमित जमीनों को उसके दखलकारों को 10 डिसमिल जमीन 30 साल के लिए लीज पर देने का निर्णय लिया था। इसके तहत संबंधित कब्जाधारी व्यक्ति को यह साबित करना है कि संबंधित जमीन पर दावेदार व्यक्ति का वर्ष 1985 से कब्जा है। लीज के बाद यह जमीन किसी दूसरे के नाम पर ट्रांसफर नहीं होगी। जिस दर पर खास महल की जमीन लीज पर दी जानी है, उसी दर पर इस जमीन की बंदोबस्ती की जाएगी। इससे पहले ग्रामीण इलाकों के लिए सरकार फैसला ले चुकी है। ग्रामीण इलाकों में एक व्यक्ति को 12.5 डिसमिल जमीन देने का प्रावधान है।