• Hindi News
  • Jharkhand
  • Jamshedpur
  • यह देश सिर्फ धोती, कुर्ता व टोपी का नहीं, वीर सावरकर, ढींगरा और भगत सिंह का है-राकेश
--Advertisement--

यह देश सिर्फ धोती, कुर्ता व टोपी का नहीं, वीर सावरकर, ढींगरा और भगत सिंह का है-राकेश

सिटी रिपोर्टर

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 02:55 AM IST
यह देश सिर्फ धोती, कुर्ता व टोपी का नहीं, वीर सावरकर, ढींगरा और भगत सिंह का है-राकेश
सिटी रिपोर्टर
यह देश धोती, कुर्ता और टोपी का नहीं है। यह देश मदन लाल ढींगरा, वीर सावरकर, लोकमान्य तिलक, स्वामी विवेकानंद और भगत सिंह का भी है। यह बात संघ विचारक और भारतीय नीति प्रतिष्ठान नई दिल्ली के राकेश सिन्हा ने शनिवार को कहीं। मौका था तुलसी भवन सभागार में विचार साधना सत्र का। राकेश सिन्हा ने धर्म की राजनीति और राष्ट्रवाद विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने गांधी और नेहरू पर हमला बोला। इतिहास के पुनर्लेखन पर जोर दिया।

उन्होंने कहा- वामपंथी इतिहासकारों ने देश की आजादी में वीर सावरकर, भगत सिंह और लोकमान्य तिलक की भूमिका को जगह नहीं दी। उन्हें कमतर आंका है। उन्होंने गांधी और नेहरू को महान बनाने वाले इतिहासकारों से पूछा- क्या वीर सावरकर और भगत सिंह की कहानियां, दादी-मां की कहानियां हैं? वामपंथी इतिहासकारों ने इतिहास के इन तथ्यात्मक घटनाओं को खत्म कर इतिहास को बंजर भूमि बना दिया है। जरूरत है हमें इस इतिहास को बदल कर भारत का नया इतिहास लिखने की। मौके पर कोल्हान विवि की वाइस चांसलर शुक्ला मोहंती भी मौजूद थीं। कार्यक्रम का संचालन नर्मदेश्वर पांडेय ने किया।

नवादा और आसनसोल की घटनाएं तो पानी का बुलबुला है

राकेश सिन्हा ने नवादा और आसनसोल में हुई हाल की साम्प्रदायिक हिंसा को पानी का बुलबुला बताया। उन्होंने कहा कि देश में गृहयुद्ध लाने की तैयारियां हो रही हैं, लेकिन इस बार देश का हिन्दू इसका सामना करने को तैयार है। देश की राजनीति बदलने के बाद हम एक बार फिर विश्व विजेता बनेंगे। नए भारत में संस्कृत को ब्राह्मणों की भाषा नहीं, सभ्यता मानी जाएगी। हमें पांच हजार साल की समृद्ध इतिहास और विरासत पर गर्व है।

X
यह देश सिर्फ धोती, कुर्ता व टोपी का नहीं, वीर सावरकर, ढींगरा और भगत सिंह का है-राकेश

Recommended

Click to listen..