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भूषण स्टील के अधिग्रहण से कलिंगानगर का विस्तारीकरण नहीं रुकेगा, 4 साल में उत्पादन क्षमता 8 एमटी तक : नरेंद्रन

टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक सह सीईओ टीवी नरेंद्रन ने कहा- भूषण स्टील के अधिग्रहण से कलिंगानगर प्लांट के...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:55 AM IST
टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक सह सीईओ टीवी नरेंद्रन ने कहा- भूषण स्टील के अधिग्रहण से कलिंगानगर प्लांट के विस्तारीकरण का काम नहीं रुकेगा। चार साल के भीतर कलिंगानगर प्रोजेक्ट की उत्पादन क्षमता 3 से बढ़ाकर आठ मिलियन टन (एमटी) की जाएगी।

सेंटर फॉर एक्सीलेंस में रविवार को नरेंद्रन ने मीडिया से कहा- भूषण स्टील के अधिग्रहण के लिए टाटा स्टील को एलओवाई मिल चुकी है। भूषण स्टील की उत्पादन क्षमता 5 एमटी है, लेकिन अभी 4 एमटी उत्पादन हो रहा है। साहिबाबाद और बोकोली में उसका प्लांट है। टाटा स्टील अगर भूषण स्टील का अधिग्रहण करेगी तो उसका मार्केट मिलेगा और उत्पादन भी। भूषण स्टील का भी अपना बाजार है। ऐसी परिस्थिति में भूषण स्टील के अधिग्रहण से टाटा स्टील पर आर्थिक दबाव अधिक नहीं बढ़ेगा।

उन्होंने कहा- पोटका में भूषण पॉवर ने जमीन का अधिग्रहण किया है या भूषण स्टील ने, इसका अध्ययन नहीं किया गया है। टाटा स्टील इस मसले का अध्ययन करेगी। इलेक्ट्रो स्टील के लिए वेदांता समूह को एलओवाई मिला है। भूषण पॉवर के मसले पर अभी वस्तुस्थिति सामने आनी बाकी है। तनिक इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा- कलिंगा नगर में पहले चरण में टाटा स्टील समूह ने 23 हजार करोड़ का निवेश किया है। दूसरे चरण में 23 हजार करोड़ का निवेश किया जाएगा। देश में स्टील की जरूरत बढ़ रही है। अनुमान है कि भूषण स्टील के अधिग्रहण और कलिंगानगर में उत्पादन बढ़ने से टाटा स्टील को अंततोगत्वा फायदा ही होगा। स्टील खपत की दर देश की विकास दर के मुताबिक होनी चाहिए। देश का जीडीपी ग्रोथ रेट 6 से सात फीसदी रहा है जबकि स्टील की ग्रोथ रेट 4 से पांच प्रतिशत रही है।

भूषण स्टील के अधिग्रहण से टाटा स्टील पर अधिक आर्थिक दबाव नहीं

मीडिया से मुखातिब होते टीवी नरेंद्रन, साथ में आनंद सेन व सुनील भास्करन।

कलिंगानगर में प्रति कर्मचारी 2 हजार टन उत्पादकता होगी

नरेंद्रन ने कहा- जमशेदपुर प्लांट में प्रति कर्मचारी प्रति वर्ष उत्पादकता दर 740 टन है। कलिंगा नगर प्लांट बड़ा है, डिजाइन आधुनिक है। वहां प्रति कर्मचारी उत्पादकता की दर प्रति वर्ष 1300 टन है। कलिंगानगर की उत्पादन क्षमता 8 एमटी होगी तो वहां प्रति कर्मचारी उत्पादकता की दर 2000 टन प्रति वर्ष होगी। स्टील उद्योग में उत्पादकता का यही ग्लोबल मानक है। जमशेदपुर प्लांट में भी उत्पादकता दर को बढ़ाने के लिए सतत प्रयास किया जाएगा।

ऑटोमोबाइल सेक्टर की विकास दर का आंकड़ा उत्साह बढ़ाने वाला

नरेंद्रन ने कहा- ऑटोमोबाइल सेक्टर की विकास दर उत्साह बढ़ाने वाला है। पिछले साल ऑटोमोबाइल सेक्टर में टाटा स्टील के 1.9 मिलियन टन स्टील की खपत हुई है। टाटा मोटर्स और अशोक लीलैंड के वाहन की मांग लगातार बढ़ रही है। कार व दोपहिया वाहन उद्योग भी आगे बढ़ रहे हैं। यह बाजार में सुधार का संकेत है। हम ऑटोमोबाइल सेक्टर पर अपना फोकस बरकरार रखेंगे।

वित्तीय वर्ष में नोटबंदी और जीएसटी से अर्थव्यवस्था के उबरने के संकेत

नरेंद्रन ने कहा-गुजरे वित्तीय वर्ष की दूसरी छमाही ने नोटबंदी और जीएसटी से अर्थव्यवस्था के उबरने के संकेत दिए हैं। दूसरी छमाही में विकास की दर सही दिशा में आगे बढ़ी है। कंपनी का प्रदर्शन भी इस अवधि में कहीं बेहतर रहा है। तीन साल पहले चीन से विदेश में 120 मिलियन टन स्टील का निर्यात होता था। अब यह घट कर 70 मिलियन टन हो चुका है। भारत में जापान और कोरिया से भी स्टील का बड़े पैमाने पर आयात हो रहा था। अब यह नियंत्रित है।

बैलेंस शीट अनियंत्रित नहीं होने देती कंपनी 12800 करोड़ का राइट्स इश्यू निर्गत

बैंकों का लोन सरकार के साथ कॉरपोरेट जगत के लिए तनाव का सबब बना हुआ है। इस मसले पर एमडी ने कहा- कंपनी अपने बैलेंस शीट को अनियंत्रित नहीं होने देती। अभी 12800 करोड़ का राइट्स इश्यू निर्गत किया गया था। यह देश का दूसरा सबसे बड़ा राइट्स इश्यू था। इससे बड़े आकार का राइट्स इश्यू स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का था। हम बैलेंस शीट को बिगड़ने नहीं देंगे।

अगर जरूरत हुई तो टाटा समूह की कंपनियों का विलय होगा

टी वी नरेंद्रन ने कहा कि अगर जरूरत हुई तो टाटा समूह की कई कंपनियों का आपस में विलय होगा। कई कंपनी समान बाजार में है। अगर टाटा समूह के लिए बढ़िया होगा तो जरूरत मर्जर किया जाएगा। ऐसा पहले भी हुआ है, आगे भी होगा। अहम तथ्य यह है कि टाटा समूह आगे बढ़ना चाहिए।

वेस्ट बोकारो में विस्तारीकरण के लिए शिफ्ट कर रहे कॉलोनी

टी वी नरेंद्रन ने कहा कि वेस्ट बोकारो की कोयला खदान का विस्तारीकरण किया जाना है। इस दिशा में कार्यवाही शुरू हो चुकी है। वेस्ट बोकारो में कंपनी की कॉलोनी को शिफ्ट करने का काम शुरू हो चुका है। कर्मचारियों की सुविधा का ख्याल रखते हुए यह काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि झरिया में कोयला खदान की गहराई 600 मीटर हो चुकी है। अभी झरिया डिवीजन में कोयला के खनन की जो लागत है, वह आयातित कोयला से अधिक है। वहां लगातार सुधार की जरूरत है। यूनियन से बात कर वहां आगे बढ़ेंगे।

टाटा स्टील का उत्पादन बढ़ा और उत्पाद की बिक्री भी

टाटा स्टील में उत्पादन बढ़ा है और उसके उत्पाद की बिक्री भी बढ़ी है। वित्तीय वर्ष 2017-18 की समाप्ति के बाद कंपनी ने इसके आंकड़े सार्वजनिक की है। कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक अंतिम तिमाही में टाटा स्टील में 3.26 मिलियन टन का उत्पादन हुआ है। इससे एक साल पहले अंतिम तिमाही में यह आंकड़ा 3.13 मिलियन टन था। कंपनी ने वर्ष 2017 में 11.35 मिलियन टन स्टील का उत्पादन किया। गुजरे वित्तीय वर्ष में उत्पादन का यह आंकड़ा बढ़ कर 12.26 मिलियन टन हुआ। वर्ष 2017 की चौथी तिमाही में कंपनी की बिक्री योग्य स्टील का आंकड़ा 3.2 एमटी था जो 2018 की इसी अवधि में बढ़कर 3.3 एमटी हो गया। वित्त वर्ष 2017 में 10.97 मिलियन टन की बिक्री की थी। गुजरे वित्तीय वर्ष में यह बढ़ कर 12.13 मिलियन टन हो गया। कंपनी ने 5 प्रतिशत बाजार की विकास दर की अपेक्षा 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है।

ट्यूब डिवीजन का और विस्तारीकरण किया जाएगा

टाटा स्टील के प्रेसिडेंट (टीक्यूएम एंड स्टील बिजनेस) आनंद सेन ने कहा कि ट्यूब डिवीजन का और विस्तारीकरण किया जाएगा। ट्यूब डिवीजन ने गुजरे वित्तीय वर्ष में 5 लाख टन के उत्पादन का आंकड़ा पार किया है। 18 फीसदी की ग्रोथ रेट रही है। निकट भविष्य में वहां 9 लाख से एक मिलियन टन के उत्पादन का टारगेट किया गया है। वहां नए उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे।

कीनन स्टेडियम पर क्रिकेट एसोसिएशन से बातचीत

टाटा स्टील के कॉरपोरेट सर्विसेज उपाध्यक्ष सुनील भास्करन ने कहा कि कीनन स्टेडियम के मसले पर झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के साथ बातचीत हो रही है। कीनन स्टेडियम की पिच वर्ल्ड क्लास है। रणजी ट्राफी के मैच यहां कराए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच अथवा आईपीएल मैच के आयोजन के मसले पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।