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कुछ ने आम बजट की सराहना की तो कई ने कहा- मध्यम वर्ग को नहीं दी गई राहत

Jamshedpur News -  यह किसान मजदूरों का बजट है। तीन साल तक नए मजदूरों के पीएफ का पैसा सरकार की ओर से जमा करने की घोषणा सराहनीय कदम है।...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 03:10 AM IST
कुछ ने आम बजट की सराहना की तो कई ने कहा- मध्यम वर्ग को नहीं दी गई राहत
 यह किसान मजदूरों का बजट है। तीन साल तक नए मजदूरों के पीएफ का पैसा सरकार की ओर से जमा करने की घोषणा सराहनीय कदम है। ओवरऑल यह बजट सभी वर्ग के हित में है। इस बजट से गरीबों का विकास होगा। विपक्षी तरह-तरह की बात कर रहे हैं। लेकिन बजट से गरीबों को फायदा होगा। शिबू बर्मन, व्यवसायी

जमशेदपुर
गरीबों का बजट

इस बार उम्मीदों भरा किसान मजदूरों का बजट है

केंद्र सरकार ने मध्यम वर्ग व पूंजीपतियों के बीच दूरियां बढ़ाई

बजट लोकलुभावन, मध्यम वर्ग के हितों की अनदेखी, नौकरी पेशा वालों को निराशा मिली

जमशेदपुर
आदित्यपुर : विपक्ष ने दिशाहीन तो सत्ता पक्ष ने विकासोन्मुखी बजट बताया

 बजट से विकास की रफ्तार तेज होगी। ऐतिहासिक बजट है। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा पर ध्यान दिया गया है। किसानों को फायदा होगा। आम लोगों की लाइफ स्टाइल में परिर्वतन देखने को मिलेगा। गंगा प्रसाद शर्मा, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य भाजपा ।

 नौकरी-पेशा, किसान और मजदूरों के लिए अच्छा बजट है। मिडिल क्लास महिलाओं को बजट से निराशा मिली है। सौभाग्य योजना से करोड़ों घर रोशन होंगे। अधिकतर सामान की कीमत बढ़ जाएगी। ऐसे में घर चलाना मुश्किल हो जाएगा। हालांकि दवाइयां सस्ती होगी। मध्य वर्ग की उपेक्षा हुई है । गीता नटराजन, गृहिणी, कदमा

 बजट की गुणवत्ता इसी बात से देखी जा सकती है कि शेयर बाजार धड़ाम से नीचे आ गया है। दिशाहीन बजट में केवल मध्यम वर्ग को निशाना बनाकर उसे लूटने की योजना है। टैक्सों में बढ़ोत्तरी इसका उदाहरण है। पुरेंद्र नारायण सिंह, पार्षद

 गरीबों को सपने दिखाकर केंद्र सरकार ने चुनावी नैया पार लगाने के लिए बजट पेश किया है। मध्यम वर्ग के हितों की अनदेखी की गई है। बजट में 70 लाख लोगों को नौकरी देने का वादा किया है। लेकिन अब तक कितने को सरकार ने नौकरी दी है? यह तो पहले सार्वजनिक करे। जनता को बरगलाने के लिए पेट्रोल व डीजल को जीएसटी से बाहर और एक्साइज ड्यूटी कम किया गया है। अरविंद कुमार सिंह, पूर्व विधायक, ईचागढ़

 केंद्र व राज्य कर्मचारियों के लिए यह बजट निराशाजनक रहा। उम्मीद थी कि इनकम टैक्स के स्लैब के कर में बढ़ोत्तरी कर राहत दी जाएगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ है। शशांक कुमार गांगुली, प्रदेश अध्यक्ष अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ

 आम बजट गरीब, बेरोजगार युवा और किसानों के लिए बेहतर है। 80 लाख युवाओं को रोजगार देने और किसानों को फसल की लागत का डेढ़ गुणा देने की घोषणा मील का पत्थर साबित होगा। सतीश शर्मा, भाजयुमो प्रदेश कार्यक्रम समन्वयक

 आम बजट से देश को निराशा हुई है। बजट में नौकरी का छलावा दिया गया है। वोट के लिए किसानों और गरीबों को सपना दिखाया गया है। बजट में कहां से राशि आएगी और कहां खर्च होगा, इसकी कोई प्लानिंग नहीं हुई है। सिर्फ आने वाले आम चुनाव को देखकर केंद्र सरकार ने बजट को लोकलुभावन बनाया है। चुनाव में भाजपा को जनता का कोपभाजन बनना पड़ेगा। बबुआ सिंह, महानगर अध्यक्ष, झाविमो

 आम बजट लगातार तीसरी बार निराशाजनक रहा है। पिछले बजट में की गई घोषणाएं अब तक पूरी नहीं हुई हैं। भाजपा को राजस्थान के उपचुनाव में लोकसभा व विधानसभा में मिली हार से कुछ सबक लेने चाहिए थे। सुरेशधारी, कांग्रेस नेता

विपक्ष ने कहा- बजट देशहित में नहीं, गरीबों को भ्रमित किया गया

गरीब व किसान खुशहाल होंगे

वंचित, शोषित व पीड़ित वर्गों के लिए कई योजनाएं शुरू करने की घोषणा की गई है। बजट में गरीबों के लिए पक्का मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए आधारभूत संरचना व सुविधा बढ़ाने का प्रयास किया गया है।' अमरप्रीत सिंह काले, पूर्व प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा

बेरोजगारी दूर करने वाला क्रांतिकारी बजट

बजट गरीबी एवं बेरोजगारी दूर करनेवाला क्रांतिकारी बजट है। कृषि, ग्रामीण विकास, शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं को फोकस करके विकास पर अधिक धन आवंटित किया गया है। कृषि के विकास से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।' डॉ दिनेशानंद गोस्वामी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, झारखंड भाजपा

गांव की तस्वीर बदलने वाला बजट

 भारत के गांव, किसान और युवाओं की तस्वीर बदलने वाला बजट है। बजट में रोजगार और उन्नति के अवसर सृजित कर देश को प्रगति के नए शिखर पर लेने की सोच पीएम व वित्त मंत्री ने दर्शाया है। शिक्षा की गुणवत्ता व कौशल विकास पर फोकस किया गया है,इससे भारत के आर्थिक विकास की गति को बल मिलेगा।’ दिनेश कुमार, अध्यक्ष, भाजपा महानगर

एकलव्य स्कूल बनाने की घोषणा का स्वागत

शिक्षा को लेकर यह बजट सराहनीय है। बजट में आदिवासी बच्चों के लिए ज्यादा से ज्यादा एकलव्य स्कूल बनाने की घोषणा स्वागत योग्य है। सरकार ने ब्लैक बोर्ड को डिजिटल बोर्ड में बदलने और ग्रामीण स्कूलों को बेहतर करने पर जोर दिया है। देश में हायर एजुकेशन में शोध और विकास के लिए सरकार ने एक लाख करोड़ रुपए का आवंटन किया है। इससे देश में शोध को गति मिलेगी।’ फादर ई अब्राहम, एक्सएलआरआई निदेशक

इस बजट से नौकरी की कोई उम्मीद नहीं

मोदी सरकार का बजट 25 फीसदी जुमला है और 75 फीसदी वादा। हो जाएगा, करेंगे, किया जाएगा, इस बजट में यही संदेश दिया गया है। इस बजट से नौकरी की कोई उम्मीद नहीं दिखती। नए कल कारखानों के लिए विदेशों से एफडीआई नहीं आ सकता। यह नहीं बताया गया कि भारतीय निवेशकों को सुविधा दी जाएगी अथवा नहीं। उन्होंने कहा कि डीजल एवं पेट्रोल पर 2 रुपए की रियायत देकर शीर्ष पद पर बैठे लोगों की तनख्वाह बढ़ा दी गई है। सरकारी अस्पताल को बेहतर करने की बात नहीं कही गई है। इस बजट ने सवाल खड़ा कर दिया है।’ हर्षवर्धन, मजदूर नेता

भाजपा की अब शुरू होगी उल्टी गिनती

यह चुनावी बजट है। आम लोगों को निराशा हुई है। देश हित में नहीं है। गरीबों को भ्रमित किया गया है। किसानों का ऋण तो माफ नहीं हुआ, लेकिन वोट के लिए बजट के जरिए सपने जरूर दिखा रही है। सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।' बन्ना गुप्ता, पूर्व मंत्री

महिला, नौकरीपेशा के हितों की अनदेखी

यह चुनावी बजट है। महिलाओं, नौकरी पेशा और आम लोगों के हितों की अनदेखी की गई है। देश की अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाली सरकार का आखिरी बजट है। ये सिर्फ जुमला बजट है, इसे पकौड़ा बजट कहें तो गलत नहीं होगा।’ राकेश साहू, सचिव, झारखंड प्रदेश युवा कांग्रेस

लाखों युवाओं को मिलेगा रोजगार

इस बार का बजट किसान, गरीब व युवा वर्ग को ध्यान में रखकर बनाया गया है। किसानों के लिए 14.5 लाख करोड़ का कृषि क्षेत्र में आवंटन कर इस क्षेत्र को मजबूती देने का कार्य किया गया है। लाखों युवाओं को आने वाले दिनों में रोजगार मिलेगा। बिजली,हेल्थ, शिक्षा,गरीबों को पक्का मकान दिया जाएगा।’ राजेश कुमार शुक्ल, प्रदेश प्रवक्ता, झारखंड भाजपा

जनता कभी मोदी की ताजपोशी नहीं करेगी

मध्यम वर्ग के लिए यह बजट निराशाजनक है। नरेंद्र मोदी सरकार का आखिरी बजट होने के नाते मध्यम वर्ग को बहुत उम्मीदें थी। मगर मध्यम वर्ग के बारे में सरकार ने तनिक भी नहीं सोचा। आयकर सीमा नहीं बढ़ाई गई, न ही शिक्षा ऋण पर विचार किया गया। कस्टम ड्यूटी बढ़ाने से आयातित सामान और महंगे होंगे। किसानों के साथ छलावा किया गया है। सरकार ने सिर्फ लोकलुभावन बजट पेश कर लोगों को गुमराह करने का काम किया है। बेरोजगारों को रोजगार मिलने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।’ हिदायतुल्लाह खान, अध्यक्ष, झामुमो अल्पसंख्यक मोर्चा के केंद्रीय

मध्यम वर्ग के बारे में सरकार ने नहीं सोचा

मोदी सरकार का यह आखिरी बजट था। मोदी सरकार में कभी आम बजट पेश नहीं होगा क्योंकि देश की जनता नरेंद्र मोदी की दोबारा ताजपोशी कतई नहीं करेगी। यकीन था कि नौकरीपेशा लोगों को मोदी सरकार कुछ न कुछ राहत जरूर देगी। आज तक नौकरीपेशा लोग ईमानदारी से आयकर देते रहे हैं। मगर उन लोगों के बारे में सरकार ने सोचना भी जरूरी नहीं समझा है। 2 करोड़ बेरोजगारों को हरेक साल नौकरी देने का वायदा कर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने थे। आखिरी बजट में भी बेरोजगार को रोजगार देने को कुछ नहीं किया। आयकर छूट की सीमा नहीं बढ़ाई गई।’ प्रदीप बलमुचू, राज्यसभा सांसद, कांग्रेस

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