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मंदिरों के कपाट बंद रहे, मस्जिदों में पढ़ी गई नवाज

सिदगोड़ा सूर्य मंदिर का बंद कपाट। सिटी रिपोर्टर | जमशेदपुर चंद्रग्रहण बुधवार को 3 घंटे 33 मिनट तक रहा। लोग खगोलीय...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 01:35 PM IST
सिदगोड़ा सूर्य मंदिर का बंद कपाट।

सिटी रिपोर्टर | जमशेदपुर

चंद्रग्रहण बुधवार को 3 घंटे 33 मिनट तक रहा। लोग खगोलीय घटना को देखने को लेकर उत्साहित नजर आए। घरों की छतों से लेकर सड़क और चौक-चौराहे पर लोगों ने अद्भुत चमक का नजारा देखा। चंद्र ग्रहण शाम 5.17 बजे शुरू हुआ। सुपर मून पहले लाल दिखाई दिया बाद में चमकीला होने लगा। उधर, मान्यता के अनुरूप बड़ी संख्या में शहरवासियों ने चंद्रग्रहण के दौरान भोजन या पानी का सेवन नहीं किया। चंद्रग्रहण के समाप्त होने के बाद ही लोग खाना खाया। चंद्र ग्रहण को लेकर दोपहर बाद से मंदिरों के पट बंद कर दिए गए थे। ग्रहण के बाद कुछ मंदिरों के पट खोले गए तो कुछ के गुरुवार को खुलेेंगे।

चंद्रग्रहण के चलते बुधवार को मंदिरों के कपाट सुबह से शाम तक बंद रहे। जिससे दिन में पूजा-पाठ नहीं हुआ। पूर्णिमा के कारण सुबह से ही मंदिरों में दर्शन के लिए भीड़ देखी गई। सूतक लग जाने के बाद मंदिरों के पट बंद होने थे, ऐसे में भक्तजनों ने सुबह ही पूजा-अर्चना की। कुछ मंदिरों के पट सुबह 9.15 बजे तो कहीं 12 बजे से पहले बंद हो गए। ग्रहण समाप्ति के बाद मंदिरों में साफ-सफाई की गई। इसके बाद पंचामृत से स्नान कराकर भगवान को नवीन वस्त्र धारण कराया गया। चंद्रग्रहण को लेकर मस्जिदों में नमाज अदा की गई। टेल्को के अहले हदीस मस्जिद में विशेष नमाज शाम 6.45 से 7.30 बजे तक पढ़ी गई।

जुगसलाई बाजार व बिरसानगर में बिजली आपूर्ति बंद कराई

शहर नगर निकायों ने जनता को पूर्ण चंद्रग्रहण देखने में सुविधा को लेकर रात 8.41 बजे से लेकर रात 9.41 बजे तक बिरसानगर, जुगसलाई व मानगो क्षेत्र में बिजली पोल पर लगे लाइट व स्ट्रीट लाइट बंद कराया। जमशेदपुर अक्षेस के विशेष पदाधिकारी संजय कुमार ने सरकार के आदेश के बाद बुधवार देर शाम को बिजली बोर्ड के कार्यपालक अभियंता पीके विश्वकर्मा को बिरसानगर क्षेत्र में लगाए गए स्ट्रीट लाइट को एक घंटे के लिए बिजली आपूर्ति बंद करने की अपील की। इस पर बिजली बोर्ड ने बिरसानगर में मेन रोड पर लगाए गए एलईडी लाइट को बंद कर दिया। लेकिन रिहायशी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पर किसी प्रकार की कटौती नहीं की गई। सिर्फ मेन रोड व ब्रांच रोड जहां स्ट्रीट लाइट की आपूर्ति लाइन अलग है, वैसे क्षेत्रों में नगर निकायों द्वारा लाइट को बंद किया गया है। ताकि सुपर मुन का दीदार कर सके। जुगसलाई नपा क्षेत्र में मेन रोड व ब्रांच रोड की स्ट्रीट लाइट को बंद किया गया, ताे मानगो के कुछ मोहल्लों में लाइट बंद कराई गई।

चंद्रग्रहण का असर

साकची में ठेले वाले ग्राहकों का करते रहे इंतजार।

चंद्रग्रहण खगोलीय घटना, इसका मानव पर कोई असर नहीं होता है-डॉ. अनिल भारद्वाज

ज्योतिष विज्ञान (एस्ट्रोलॉजी) के क्षेत्र में काम करने वाली भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (पीआरएल) अहमदाबाद के निदेशक डॉ.अनिल भारद्वाज ने कहा कि चन्द्र ग्रहण का कोई भी असर मानव के जीवन पर नहीं होता है। अहमदाबाद से टेलीफोन पर दैनिक भास्कर के साथ बात करते हुए डॉ.भारद्वाज ने कहा कि यह एक खगोलीय स्थिति है जब चंद्रमा पृथ्वी के ठीक पीछे उसकी छाया में आ जाता है। ऐसा तभी हो सकता है जब सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा इस क्रम में लगभग एक सीधी रेखा में अवस्थित हो। डॉ.भारद्वाज ने कहा कि इस ग्रहण से किसी भी तरह की कोई हानि नहीं होती है। 31 जनवरी को लगने वाले चन्द्रग्रहण में चन्द्रमा पृथ्वी से सबसे नजदीक होगा। नजदीक होने की वजह से वह ज्यादा चमकीला दिखेगा। भारत में चन्द्र ग्रहण को लेकर कई तरह की मान्यताएं है, जो पूरी तरह अवैज्ञानिक है। बकौल डॉ.भारद्वाज, मुझे लगता है कि पुराने जमाने में ऐसी धारणा बना दी गयी है, जिसे हम ढोते जा रहे हैं। यह विश्वास की बात है। निश्चित रूप से भारत जैसे धार्मिक समाज में ग्रहण को लेकर वैज्ञानिक सोच विकसित करना चुनौती है। कई बार लोग इसे आस्था से जोड़कर देखते हैं। मुझे लगता है जब हम मंगल पर मानव मिशन को भेजने पर विचार कर रहे हैं, वैसे में अभी भी चन्द्रमा को धार्मिक नजरिए से देखने का कोई अर्थ नहीं है। उल्लेखनीय है कि जब चंद्र ग्रहण लगता है तब देवी-देवताओं का दर्शन करना अशुभ माना जाता है। मंदिरों के कपाट बंद रहते हैं।

टेल्को अहले हदीस मस्जिद में नमाज पढ़ते लोग।

भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला अहमदाबाद के निदेशक डॉ. अनिल भारद्वाज से दैनिक भास्कर की विशेष बातचीत

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