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मनुष्य के चिंतन पर उसका भविष्य निर्भर : शंभू शरण

संसार में मनोवृत्ति जब भी दोहरी होती है, तब-तब व्यवस्था में व्यवधान आता है। प्रभाव से आलोपित व्यक्ति का स्वभाव...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 01:35 PM IST
संसार में मनोवृत्ति जब भी दोहरी होती है, तब-तब व्यवस्था में व्यवधान आता है। प्रभाव से आलोपित व्यक्ति का स्वभाव अच्छा होगा यह जरूरी नहीं है और जिसका स्वभाव अच्छा नहीं है वह पूर्णतः बुरा होगा यह भी जरूरी नहीं। मनुष्य के चिंतन और मनोवृत्ति पर ही उसका भविष्यफल निर्भर करता है। यह बातें साकची बंगाल क्लब में आयोजित रामकथा में बुधवार को संत शंभू शरण ने कहीं। इस अवसर पर श्याम सुंदर गोयल, प्रवीण गुटगुटिया, सीताराम अग्रवाल, लालचंद अग्रवाल, महेंद्र झांझड़िया, रामकृष्ण चौधरी, बिज्जू बाबू, प्रमोद भालोटिया, पवन पोद्दार, अशोक चौधरी, प्रशांत खिरवाल, रामावतार झांझड़िया (राम्मू), कमल अग्रवाल, बालमुकुंद गोयल सहित बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित थे।

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