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शहर में 162 करोड़पति हो गए, सालभर में 17 बढ़े

जमशेदपुर शहर में 162 करोड़पति हैं। पिछले साल इनकी संख्या 145 थी। सालभर में 17 नए करोड़पति शहर में मिले हैं। इनकी आय...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 01:45 PM IST

जमशेदपुर शहर में 162 करोड़पति हैं। पिछले साल इनकी संख्या 145 थी। सालभर में 17 नए करोड़पति शहर में मिले हैं। इनकी आय सालाना 10 करोड़ के ऊपर है।

चालू वर्ष में करोड़पतियों की संख्या बढ़ी है, मगर अरबपति की श्रेणी में कोई नहीं है। नोटबंदी के बाद करदाताओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। 30 जनवरी 18 तक आयकर विभाग में आयकर रिटर्न जमा करने वाले करदाताओं की लिस्ट तैयार हुई। शहर में 155 एेसे करदाता हैं, जिनकी आय एक करोड़ से 10 करोड़ के बीच है। इस ग्रुप के करदाता की संख्या पिछले साल 139 थी, जो इस बार बढ़कर 155 हो गई है। चालू वित्तीय वर्ष खत्म होने में अभी दो माह शेष है। 10 करोड़ से ऊपर आय वाले करदाताओं की संख्या 7 है, जो पिछले साल की तुलना में एक अधिक है। 2017 के मार्च तक इस श्रेणी में छह लोग थे। आयकर विभाग के अनुसार नोटबंदी के बाद अब तक 20500 नए कर दाता जुड़े है, जो अब आयकर रिटर्न देंगे। ऐसे लोगों में पांच से 10 लाख आय में शामिल है तो कई ऐसे भी है, जो आयकर रिटर्न जमा पहली बार करेंगे। आय कर विभाग के प्रधान आयुक्त अविनाश किशोर सहाय ने बताया कि करदाता जमशेदपुर प्रमंडल में बढ़े हैं, आने वाले दिनों में अधिक से अधिक लाेग रिटर्न जमा करें, इसके लिए विभाग जागरूकता भी चलाएगा। उन्होंने बताया कि यहां सवा लाख कर दाता है जो रिटर्न जमा करते है। नोटबंदी के बाद कई नए कर देने वाले सामने आए है।

30 से 40 लाख इनकम ग्रुप में लगातार बढ़ रहे है करदाता

विभाग के मुताबिक शहर में 30 लाख से 40 लाख इनकम ग्रुप में लगातार कर दाता बढ़ रहे है। इस श्रेणी में कर दाता पिछले साल 147 थे, जो इस साल अभी तक 812 कर दाता हो गए है। जबकि 40 से 50 लाख, 50 से एक करोड़ और एक करोड़ से 10 करोड़ तक आय वाले करदाता भी लगातार बढ़ रहे है। 10 करोड़ से अधिक आय वालों की संख्या मात्र एक बढ़ी है।

आयकर रिटर्न के किस स्लैब में कितने करदाता

32078

40

30

20

10

0

05-10

लाख

33129

40

30

20

10

0

10-20

लाख

10996

05-10

लाख

10-20

लाख

वर्ष 2017

10158

1887

147

20-30

लाख

30-40

लाख

वर्ष 2018

वित्तीय वर्ष की सूची पर नजर

304

40-50

लाख

30 जनवरी तक की सूची पर नजर

2095

20-30

लाख

389

50-01

करोड़

812

387

30-40

लाख

40-50

लाख

139

06

01-10

करोड़

472

10 <

करोड़

155

50-01

करोड़

7

01-10

करोड़

10 <

करोड़

इधर, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, एनएमएल, उषा मार्टिन, आरकेएफएल समेत कई कंपनियों को भेजा नोटिस

डॉक्टरों-ठेकेदारों की आय अधिक, टैक्स देते हैं कम, अब होगी सख्ती : आयुक्त

ज्यादातर ग्रुप-सी के सरकारी नौकरी करने वाले व रिटायर कर्मचारी इनकम टैक्स रिटर्न जमा नहीं कर रहे हैं। ऐसे में सरकारी सेवा वाले और रिटायर होने वाले कर्मचारियों को रिटर्न जमा कराने के लिए डीसी को नोटिस भेजा गया है। टाटा स्टील, टाटा मोटर्स समेत अन्य कंपनियों से भी चिकित्सकों और सभी ठेकेदारों की सूची मांगी गई है। ठेकेदार आय कम दिखाते हैं। चिकित्सकों की आय नकद में अधिक है, मगर वे रिटर्न नहीं देते हैं। आयकर विभाग के प्रधान आयुक्त अविनाश किशोर सहाय ने बुधवार को सर्किट हाउस स्थित कार्यालय में इनकम टैक्स रिटर्न जमा नहीं करने वालों को चेतावनी दी। आयकर विभाग अब ग्रुप-सी के सरकारी कर्मचारी, रिटायर कर्मचारी, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, उषा मार्टिन, आरकेएफएल समेत अन्य कंपनियों के कर्मचारी पर नजर रखेगी। दो माह में 379 करोड़ रुपए कलेक्शन का लक्ष्य मिला है।

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