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डेमकागोड़ा में मनाया गया पत्थलगड़ी का स्थापना दिवस

Jamshedpur News - खरसावां प्रखंड के अर्न्तगत सिलपिगंदा के डेमकागोडा में झारखंड जंगल बचाओ आंदोलन, ग्राम सभा और वन अधिकारी समिति के...

Dainik Bhaskar

Mar 04, 2018, 02:50 AM IST
डेमकागोड़ा में मनाया गया पत्थलगड़ी का स्थापना दिवस
खरसावां प्रखंड के अर्न्तगत सिलपिगंदा के डेमकागोडा में झारखंड जंगल बचाओ आंदोलन, ग्राम सभा और वन अधिकारी समिति के द्वारा पत्थलगड़ी का का छठा वार्षिक स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान विभिन्न गांवों से आए वनाश्रितों ने पारम्परिक रीति रिवाज के तहत सामूहिक पूजा अर्चना की और जीविकोपार्जन के लिए सामूहिक रूप से जंगल का संरक्षण करने का संकल्प लिया। मौके पर झारखंड जंगल बचाओ आंदोलन के कोल्हान प्रभारी सोहल लाल कुम्हार ने कहा कि जंगल पर ग्रामीणों का सामूहिक अधिकार है। व्यक्तिगत पट्टे, सामुदायिक पट्टे, लघुवनोंपजों पर हक के साथ ही जंगल को बचाने व बढाने का दायित्व भी है। वनों के संरक्षण से पर्यावरण में संतुलन बना रहेगा। जीविकोपार्जन का माध्यम होगा, पलायन रुकेगा। इस दौरान विभिन्न ग्रामीण कलाकारों के द्वारा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। साथ ही वनाश्रितों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान कुचाई प्रमुख करम सिंह मुंडा, जिप रानी हेम्ब्रम, सोहन लाल कुम्हार, राधा कृष्णा सिंह मुण्डा, मुखिया मान सिंह मुंडा, मुखिया रानी हेम्ब्रम, दोलु सरदार, वोसेन मुंडा, बाबलु मुर्मू, दिवाकर सोरेन, राजेश कुमार हांसदा, गोपाल सरदार, सोम मुंडा, दुर्गा हांसदा, दुबी हासदा, मुगली माडी, सोमवारी हासदा, सुमित्रा हासदा, भरत सिंह मुंडा, राजेश हेम्ब्रम, आदि मौजुद थे।

वनाश्रितों ने पारम्परिक रीति रिवाज से की सामूहिक पूजा, जीविकोपार्जन के लिए जंगल के संरक्षण का लिया संकल्प

पत्थलगड़ी के वार्षिक स्थापना दिवस पर संकल्प लेते वनाश्रित।

इन गावों से पंहुचे वनाश्रित

पत्थरगड़ी का छठा वार्षिक स्थापना दिवस कार्यक्रम में सिंलपिगंदा, रायजामा, नारायणबेडा, हुडागंदा, हाडीभंजा, रिडिंगदा, पतपत, कांटाडीह, टांकोडीह, लखनडीह, मुदाडीह, झुझकी, रासिंदरी, विटापुर, कुचाई, राची, सरायकेला सहित खरसावां के विभिन्न्ा गांवो से वनाश्रित पंहुचे।

जंगल का संरक्षण है उद्देश्य-दोलु

झारखण्ड जंगल बचाओ आंदोलन के जिला प्रभारी दोलु सरदार ने कहा कि सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन का जिम्मा वनाश्रितों का है। जंगल को संरक्षित करना सामुदायिक वन पालन का उद्देश्य है।

जंगल संरक्षण सब की जिम्मेदारी-सोहन

झारखण्ड जंगल बचाओं आंदोलन के कोल्हान प्रभारी सोहन लाल कुम्हार ने कहा कि जंगल हमारी प्राकृतिक विरासत है। इसका संरक्षण हम सब की जिम्मेदारी है।

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