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गैंगस्टर के सिंडिकेट के कारोबार की विवरणी के लिए मेटल जंक्शन को नोटिस भेजने का आदेश

एसएसपी ने मेटल जंक्शन के अफसर से कहा- जिनके खिलाफ गैंगस्टर से सिंडिकेट में भागीदार होने के सबूत मिलेंगे, वे जेल जाएंगे।

Dainik Bhaskar

Nov 15, 2017, 08:06 AM IST
Gangster will get proof of being a syndicate partner, they will go to jail
जमशेदपुर. गैंगस्टरअखिलेश सिंह द्वारा बनाए गए स्क्रैप व्यापारियों के ‘सिंडिकेट’ के कारोबार की विवरणी हासिल करने के लिए एसएसपी अनूप टी मैथ्यू ने टाटा स्टील के मेटल जंक्शन को लीगल नोटिस भेजने का आदेश दिया है। मेटल जंक्शन के अफसर राहुल उपाध्याय को मंगलवार को पहले बिष्टुपुर थानेदार श्रीनिवास ने तलब किया। उनसे कहा गोलमुरी में उनके द्वारा दायर किए गए मुकदमे के अनुसंधान को अंजाम तक पहुंचाने के लिए सिंडिकेट बनने के पहले और उसके बाद की नीलामी की सारी विवरणी चाहिए।
- मेटल जंक्शन के अफसर ने पहले वायदा किया कि जल्द विवरणी मिल जाएगी। कुछ देर बाद उनका जवाब था कि कोलकाता मुख्यालय से मिल सकेगा। इसके बाद बिष्टुपुर थानेदार ने उन्हें एसएसपी अनूप टी मैथ्यू से मिलने का निर्देश दिया।
- एसएसपी ने मेटल जंक्शन के अफसर से कहा कि जिस अफसर या कर्मचारी के गैंगस्टर से सिंडिकेट में भागीदार होने के सबूत मिलेंगे, उन्हें सीधे जेल भेजा जाएगा। नो पैरवी, रियायत। दरअसल, टाटा स्टील का बाई प्रोडक्ट होने के नाते पिग आयरन, पुल आयरन समेत सारे स्क्रैप का ऑक्शन मेटल जंक्शन विभाग के जरिए होता है।
- ऑक्शन में शहर के व्यापारी भाग लेते हैं और देश के दूसरे हिस्सों के लोग भी। गैंगस्टर अखिलेश सिंह ने जनवरी 2016 में शहर के सत्रह व्यापारियों का सिंडिकेट बनाया था। एक दो महीने के बाद इधर से उधर से पैरवी करा कर कुछ और कारोबारी सिंडिकेट में शामिल हुए।
- यह तय हुआ कि सिंडिकेट में रखे गए व्यापारी मेटल जंक्शन के ऑक्शन में भाग लेंगे, बाहर के व्यापारी को आक्शन में आने से रोकने का काम गैंगस्टर का होगा, सिर्फ सिंडिकेट के व्यापारी होंगे तो कम कीमत पर स्क्रैप लेंगे और प्रति टन 250 से 500 रुपए तक गैंगस्टर को देंगे।
- ऑक्शन के बाद टाटा स्टील के स्क्रैप का उठाव लिफ्टर के जरिए किया जाता है। लिफ्टर को मालूम होता है कि कारखाना के भीतर कहां से कितना स्क्रैप किस कारोबारी के लिए उठाया गया है।
- गैंगस्टर ने शुरुआत में लिफ्टरों को यह जवाबदेही दी थी कि वे कारोबारी से प्रति टन के हिसाब से राशि लेंगे एवं उसे देंगे। पुलिस को इसकी जानकारी हुई तो लिफ्टरों की पिटाई की गई, फिर एसएसपी ने खुद कई कारोबारियों पर हाथ चलाया था।
- अवैध दस्तावेज से संपत्ति अर्जित करने के मामले में बिरसानगर पुलिस द्वारा आरोपी अखिलेश सिंह को तीन दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। अखिलेश से पूछताछ अधिवक्ता श्रीकांत गिरि और संजय द्विवेदी की उपस्थिति में होगी।
मेटल जंक्शन की विवरणी खोलेगी सिंडिकेट से जुड़े कई राज
- सिंडिकेट बनने के पहले स्क्रैप की कीमत कितनी थी और बनने के बाद किस दर पर स्क्रैप लिया गया है? पुलिस ने मेटल जंक्शन के अफसर से इसकी विवरणी मांगी है। यह भी जानकारी मांगी है कि सिंडिकेट बनने के पहले किन लोगों के नाम पर ऑक्शन हुआ और उसके बाद किन कारोबारी को अधिक स्क्रैप मिला है। यह विवरणी सिंडिकेट में शामिल कारोबारियों के कई राज को खोलेगी।
- पुलिस को उम्मीद है कि दो से तीन दिन में मेटल जंक्शन से सारी विवरणी मिल जाएगी। इसके बाद सिंडिकेट में शामिल रहे कारोबारियों पर शिकंजा और कसा जाएगा। सबूत इकट्ठा कर कारोबारियों को सिर्फ जेल भेजा जाएगा अपितु गैंगस्टर के साथ उनका रिकाॅर्ड तैयार किया जाएगा। शंभूनाथ जायसवाल और बबलू जायसवाल की तरह कुछ कारोबारियों के अवैध जमीन पर गोदाम तोड़े जाएं।
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