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अखिलेश से 6 नामों से 360 बार, पत्नी से 2 अलग-अलग नाम से 120 लिए सिग्नेचर

Bhaskar News | Last Modified - Nov 11, 2017, 07:14 AM IST

कोर्ट में गैगस्टर खड़े होकर, बैठकर और झुककर दोनों से हस्ताक्षर लिया गया।
  • अखिलेश से 6 नामों से 360 बार, पत्नी से 2 अलग-अलग नाम से 120 लिए सिग्नेचर
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    जमशेदपुर।गैंगस्टर अखिलेश सिंह और उनकी पत्नी गरिमा सिंह का शुक्रवार को प्रथम न्यायिक दंडाधिकारी शिवेंदु द्विवेदी की कोर्ट में फिंगर प्रिंट लिया गया। दोनों का तीन-तीन सेट में फिंगर प्रिंट्स लिया गया। अखिलेश सिंह का छह अलग-अलग नाम अखिलेश सिंह, संजय सिंह,अजीत सिंह, अरविंद शर्मा,दिलीप सिंह और मनोज सिंह के नाम से 360 बार हस्ताक्षर कराया गया।
    - गरिमा सिंह का अन्नू सिंह और गरिमा सिंह के नाम से अलग-अलग 120 बार हस्ताक्षर किया गया। दोनों का खड़ा होकर, बैठकर और झुककर हस्ताक्षर लिया गया। करीब पौने चार घंटे तक हुई कार्रवाई के बाद दोनों को वापस घाघीडीह जेल भेजा गया।
    - पुलिस ने कोर्ट में अखिलेश सिंह और गरिमा सिंह को दो दिनों की रिमांड पर लेने की अर्जी दी। अखिलेश सिंह के अधिवक्ता विद्या सिंह ने रात हो जाने की वजह से अर्जी को खारिज करने की मांग की। जिसके बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को कराने का आदेश दिया।
    - शुक्रवार को करीब चार बजे पुलिस अखिलेश सिंह और उसकी पत्नी गरिमा सिंह को कोर्ट में पेश किया। मालूम हो गत 8 नवंबर को बिरसानगर पुलिस ने कोर्ट में अखिलेश सिंह और गरिमा सिंह का फिंगर प्रिंट्स और हस्ताक्षर कराने की अनुमति की अर्जी दाखिल की थी।
    - जिसपर कोर्ट ने स्वीकृति दे दी थी। शुक्रवार को जालसाजी मामले में प्रथम न्यायिक दंडाधिकारी शिवेंदु द्विवेदी की कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों को सशरीर कोर्ट में पेश कर उनके समक्ष ही फिंगर प्रिंट्स और हस्ताक्षर लेने का निर्णय दिया गया।
    गुरुग्राम में मिली इंडेवर संजय पलसानिया की
    - गुरुग्राम में गैंगस्टर अखिलेश सिंह और उसकी पत्नी गरिमा सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया था तो उनके पास इंडेवर मिली थी। इंडेवर के कागजात देखे गए तो उसके मालिक के नाते दिल्ली के किसी संजय कुमार अग्रवाल का नाम दर्ज था।
    - मगर इंडेवर के कागजात की गहराई से छानबीन की गई तो पाया गया गाड़ी के मालिक संजय पलसानिया हैं। अखिलेश सिंह को सलाखों के पीछे भेजने के बाद पुलिस को तलाश थी संजय कुमार अग्रवाल की। अखिलेश ने बताया था वह गाड़ी दिल्ली के व्यापारी की है। गाड़ी के कागजात को खंगालने के बाद पाया गया स्थाई और अस्थाई पता दर्ज कराया गया है।
    पलसानिया गैंगस्टर के करीबी शरद के रिश्तेदार
    उपेंद्र सिंह और अमित राय हत्याकांड के बाद अखिलेश फरार था। फरार अपराधी को सहयोग करना अपराध है। पुलिस गैंगस्टर को खोज रही थी और वह संजय पलसानिया द्वारा दिए गए इंडेवर पर इधर से उधर भाग रहा था।
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Web Title: Three Hundred Sixty Times By Akhilesh For Six Names, Court-Initiated Signature
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