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पुराने बार भवन को बंद करने व चैंबर भवन खुला रखने पर अधिवक्ताओं ने किया हंगामा

2 वर्ष पहले
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पुराने बार भवन को बंद करने और चैंबर वाले नए बार भवन को खुला रहने पर गुरुवार को अदालत परिसर में अधिवक्ताओं ने जमकर हंगामा किया।

इसकाे लेकर अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने विरोध जताया। उनका कहना था कि जब अधिवक्ताओं के बार भवन को बंद कर दिया गया है, तो चैंबर भवन को क्यों बंद नहीं किया गया। हंगामे की सूचना मिलने पर बार एसाेसिएशन के अध्यक्ष अजीत कुमार अम्बष्ठ माैके पर पहुंचे और बार भवन को बंद कर दिया।

बताया गया कि कोर्ट परिसर में मुवक्किलों के प्रवेश करने वाले गेट को बंद कर दिया गया है। एक गेट जिससे जज, मजिस्ट्रेट, अधिवक्ताओं व पुलिस को जाने की अनुमति है, उससे अंदर जाने दिया जा रहा था। सिर्फ वैसे ही लोगों को अंदर जाने दिया जा रहा था, जिन्हें जमानत लेनी है। इससे गेट के बाहर काफी संख्या में लोगों का जमावड़ा लगा रहा। बार भवन के बंद होते ही अधिवक्ताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अधिवक्ता कोर्ट परिसर में अपना काम खड़े होकर दीवार के सहारे कर रहे हैं। इधर, गुरुवार को सुबह कोर्ट परिसर में वकीलों की संख्या काफी थी। शाम तीन बजे तक कोर्ट परिसर खाली हो गया। कोरोना वायरस को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। गुरुवार को कोर्ट परिसर में अधिवक्ताअाें के अलावे जिनकाे जरूरत थी उन्हें ही वकील के कहने पर ही अंदर प्रवेश करने दिया जा रहा था।

बार भवन में लगा ताला।

हंगामे के बाद कोर्ट में तैनात पुलिस कर्मी।

दीवार के सहारे खड़ा होकर काम करने रहे अधिवक्ता

वकीलों की संख्या काफी थी। शाम तीन बजे तक कोर्ट परिसर खाली हो गया। कोरोना वायरस को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। गुरुवार को कोर्ट परिसर में अधिवक्ताअाें के अलावे जिनकाे जरूरत थी उन्हें ही वकील के कहने पर ही अंदर प्रवेश करने दिया जा रहा था।


कोरोना वायरस के चलते कोर्ट के सभी गेट बंद, एक नंबर गेट से ही अधिवक्ताओं और मुवक्किलों की इंट्री

राज्य सूचना आयोग ने जिला जन सूचना पदाधिकारी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। 6 साल पहले डुमरिया के आरटीआई एक्टिविस्ट सिर्मा देवगम ने आरटीआई के तहत जन सूचना पदाधिकारी से बीपीएल व अंत्योदय कार्डधारियों की सूची उपलब्ध कराने की मांग की थी। पदाधिकारी ने आवेदक सूचना नहीं दी। इस पर सिर्मा ने एडीएम विधि-व्यवस्था सह प्रथम अपीलीय प्राधिकार जमशेदपुर के यहां प्रथम अपील दायर किया था। प्रथम अपील दायर करने के बाद भी जनसूचना पदाधिकारी ने आवेदक को सूचना नहीं देने पर सूचना आयोग, रांची में द्वितीय अपील दायर किया था। सिर्मा के सूचना आयोग में दायर अपील में सीआईसी, रांची ने सुनवाई की।

सूचना नहीं देने पर अधिकारी पर 25 हजार का जुर्माना

इधर, अदालत पहुंचे एक अधिवक्ता निजामुद्दीन की तबीयत अचानक खराब होने के बाद वे गेट के पास ही गिर गए। तुरंत ही इसकी सूचना मिलने पर अधिवक्ता अजीत कुमार अम्बष्ठ, गौरव कुमार पाठक, राजेश जायसवाल, प्रीति भगत, जितेन्द्र सिंह व नरेन्द्र प्रसाद सहित अन्य लोग उन्हें पहले एपेक्स ले गए। फिर टीएमएच में ले जाकर भर्ती कराया। यहां उनकी जांच के बाद डॉक्टरों ने कमजोरी होने की शिकायत की। अधिवक्ता निजामुद्दीन का कहना है कि वह घर से पैदल ही कोर्ट पहुंचे थे। इसलिए उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। अधिवक्ता निजामुद्दीन को शुक्रवार को अस्पताल से छुट्टी कर दी जाएगी। अधिवक्ता के बारे में देर शाम को बार के अध्यक्ष लाला अजीत कुमार अंबष्ठ ने दुरभाष पर जानकारी ली।

काेर्ट में अधिवक्ता की तबीयत बिगड़ी, टीएमएच में भर्ती
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