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अपराध / बैरल व लोहे की प्लेट खरीद घर में बनाता था देसी कट्टे, पांच साल में 150 से ज्यादा बेचे



पुलिस हिरासत में आरोपी। पुलिस हिरासत में आरोपी।
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पुलिस हिरासत में आरोपी।पुलिस हिरासत में आरोपी।

  • मानगो में हथियार की फैक्ट्री चलाने वाला आरोपी गिरफ्तार, 1500 रुपए भाड़े पर सप्ताहभर के लिए देता था कट्टा

Dainik Bhaskar

Dec 08, 2018, 11:46 AM IST

जमशेदपुर. मानगो दाईगुट्टू साव लाइन में अवैध रूप से चल रही हथियारों की छोटी फैक्ट्री पकड़ी गई। ऑर्डर पर देसी कट्टा, पिस्तौल और बंदूक की सप्लाई करने वाला गोविंद शर्मा भी शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के घर को सील कर दिया है। गुप्त सूचना पर मानगो, सोनारी और जुगसलाई थाना की पुलिस ने गोविंद के घर में छापेमारी की। घर से एक देसी पिस्तौल, दो कारतूस, एक खोखा समेत हथियार बनाने के औजार बरामद किए गए। वह अपने घर में पांच वर्षों से अवैध रूप से हथियार की फैक्ट्री चला रहा था। 

दो से पांच हजार रुपए में बेचता था कट्टा

  1. पुलिस के अनुसार, गोविंद बाजार से बैरल, लोहे की प्लेट और अन्य सामान खरीदकर लाता, घर में देसी कट्टा बनाकर उसे दो से पांच हजार रुपए में बेच देता। वह पांच साल से इस धंधे में लगा था और अबतक 150 से ज्यादा देसी कट्टा बेच चुका था। पड़ोस के लोगों को गोविंद के धंधे की भनक नहीं थी। मानगो थाना में पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। 

  2. ऐसे हुई गोविंद की गिरफ्तारी

    सोनारी नर्स क्वॉर्टर के पास पिछले दिनों किशन बलमुचू व उसके साथियों ने राकेश दूबे पर फायरिंग की थी। इस मामले में किशन बलमुचू ने कोर्ट में सरेंडर किया। रिमांड पर पूछताछ में उसने बताया कि फायरिंग में इस्तेमाल की गई पिस्तौल को मानगो दाईगुट्टू साव लाइन में गोविंद शर्मा से खरीदी थी। जिसके पुलिस ने छापेमारी कर गोविंद को पकड़ उसके घर को सील कर दिया है।

  3. ऐसे हुई गोविंद की गिरफ्तारी

    सोनारी नर्स क्वॉर्टर के पास पिछले दिनों किशन बलमुचू व उसके साथियों ने राकेश दूबे पर फायरिंग की थी। इस मामले में किशन बलमुचू ने कोर्ट में सरेंडर किया। रिमांड पर पूछताछ में उसने बताया कि फायरिंग में इस्तेमाल की गई पिस्तौल को मानगो दाईगुट्टू साव लाइन में गोविंद शर्मा से खरीदी थी। जिसके पुलिस ने छापेमारी कर गोविंद को पकड़ उसके घर को सील कर दिया है।

  4. 1500 रुपए भाड़े पर सप्ताहभर के लिए देता था कट्टा

    मानगो थाना के प्रभारी अरुण महथा ने बताया कि गोविंद ने कहीं से ट्रेनिंग नहीं ली, बल्कि लोहार व बिजली मिस्त्री का काम करने के कारण देसी कट्टा, पिस्टल और बंदूक बनाने में माहिर है। वह बाजार से बैरल, लोहे की प्लेट, स्प्रिंग, दरवाजे की सिटकनी खरीदता और इनसे कट्टा बनाता था। बंदूक बनाने के लिए साधारण बैरल की जगह कबाड़ी के यहां मिलने वाले ट्रैक्टर या पुरानी कार की स्टेयरिंग की पाइप का इस्तेमाल करता था। वह किराये पर भी कट्टा देता था। टारगेट ठिकाना लगाने के लिए कई अपराधी 1500 रुपए भाड़े पर देसी कट्टा लेते थे। घर में सिर्फ एक-दो रिजर्व में रखता था। 

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