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टाटानगर बुकिंग काउंटर में दाेपहर ढाई घंटे बिजली गुल रही, सर्वर भी ठप था

डीबी स्टार

Danik Bhaskar

Sep 13, 2018, 03:17 AM IST
डीबी स्टार
यह तस्वीर टाटानगर स्टेशन की है। टिकट बुकिंग केन्द्र में बुधवार दोपहर 12.30 से 2.00 बजे तक बिजली गुल रही। सर्वर भी फेल था। इस कारण कंप्यूटर से आरक्षित टिकट नहीं निकले। टिकट के लिए आए लोग लोग लाइन में परेशान रहे। काउंटर पर बैठे बुकिंग क्लर्क से जब यात्रियों ने पूछा तो उन्होंने कहा- कुछ देर में बिजली आ जाएगी, लेकिन ढाई घंटे तक बिजली गुल रही। नतीजतन कछ यात्री टिकट लिए बगैर लौट गए। गर्मी से यात्रियों का बुरा हाल था। यह स्थिति एक दिन की नहीं है, आए दिन टाटानगर बुकिंग काउंटर में अघोषित बिजली कटौती हो जाती है। रेलवे की बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है।

रेल अधिकारियों के उदासीन रवैये का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है। कतार में खड़े यात्री पसीना बहाते रहते हैं। फिर भी इन्हें टिकट नहीं मिलता है। काउंटर पर हंगामा करते हैं। टिकट बुकिंग काउंटर में पावर बैकअप की सुविधा नहीं है। बिजली गुल और सर्वर फेल होने के कारण आरक्षित टिकट केंद्र, करंट काउंटर, डॉरमेट्री बुकिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स आरक्षण चार्ट, एटीवीएम मशीन, उद्घोषणा यंत्र, डिस्पले बोर्ड, पूछताछ केंद्र व बर्मामाइंस गेट की व्यवस्था ठप हो जाती है। दूर-दराज क्षेत्रों से प्रतििदन हजारों लोग टिकट लेने के लिए टाटानगर स्टेशन आते हैं। लेकिन टिकट नहीं मिलने से इनकी परेशानी बढ़ जाती है। चक्रधरपुर रेल मंडल का एकमात्र मॉडल स्टेशन टाटानगर में ऐसी लापरवाही रेल प्रबंधन की की लचर व्यवस्था को उजागर करती है। कम से कम ऐसी स्थिति से निपटने के लिए कोई न कोई व्यवस्था तो रेलवे को करनी ही चाहिए। ताकि यात्रियों को तकलीफ न उठाना पड़े।

टाटानगर टिकट काउंटर के पास खड़े यात्री।

डीबी स्टार
यह तस्वीर टाटानगर स्टेशन की है। टिकट बुकिंग केन्द्र में बुधवार दोपहर 12.30 से 2.00 बजे तक बिजली गुल रही। सर्वर भी फेल था। इस कारण कंप्यूटर से आरक्षित टिकट नहीं निकले। टिकट के लिए आए लोग लोग लाइन में परेशान रहे। काउंटर पर बैठे बुकिंग क्लर्क से जब यात्रियों ने पूछा तो उन्होंने कहा- कुछ देर में बिजली आ जाएगी, लेकिन ढाई घंटे तक बिजली गुल रही। नतीजतन कछ यात्री टिकट लिए बगैर लौट गए। गर्मी से यात्रियों का बुरा हाल था। यह स्थिति एक दिन की नहीं है, आए दिन टाटानगर बुकिंग काउंटर में अघोषित बिजली कटौती हो जाती है। रेलवे की बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है।

रेल अधिकारियों के उदासीन रवैये का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है। कतार में खड़े यात्री पसीना बहाते रहते हैं। फिर भी इन्हें टिकट नहीं मिलता है। काउंटर पर हंगामा करते हैं। टिकट बुकिंग काउंटर में पावर बैकअप की सुविधा नहीं है। बिजली गुल और सर्वर फेल होने के कारण आरक्षित टिकट केंद्र, करंट काउंटर, डॉरमेट्री बुकिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स आरक्षण चार्ट, एटीवीएम मशीन, उद्घोषणा यंत्र, डिस्पले बोर्ड, पूछताछ केंद्र व बर्मामाइंस गेट की व्यवस्था ठप हो जाती है। दूर-दराज क्षेत्रों से प्रतििदन हजारों लोग टिकट लेने के लिए टाटानगर स्टेशन आते हैं। लेकिन टिकट नहीं मिलने से इनकी परेशानी बढ़ जाती है। चक्रधरपुर रेल मंडल का एकमात्र मॉडल स्टेशन टाटानगर में ऐसी लापरवाही रेल प्रबंधन की की लचर व्यवस्था को उजागर करती है। कम से कम ऐसी स्थिति से निपटने के लिए कोई न कोई व्यवस्था तो रेलवे को करनी ही चाहिए। ताकि यात्रियों को तकलीफ न उठाना पड़े।

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