बंगाली समाज लक्खी पूजा, मिथिलावासी खेलेंगे कौड़ी-पचीसी, उड़िया भासी केले से बनाएंगी चांद

Jamshedpur News - सिटी रिपोर्टर

Bhaskar News Network

Oct 13, 2019, 07:10 AM IST
Jamshedpur News - bengali society lakkhi puja mithilavasi will play kauri pachisi oriya bhasi will make moon with banana
सिटी रिपोर्टर
शरद पूर्णिमा रविवार को मनाई जाएगी। इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है। शनिवार को बाजार में लोगों ने मां लक्ष्मी की मूर्ती व पूजा की सामग्री की खरीदारी की। साकची बाजार में 50 से पांच हजार रुपए तक की मूर्ति बिकी। बंगाली समाज लक्खी पूजा करेगा। मिथिलांचल के लोग कोजागरा पूजा करेंगे, उड़िया समाज की महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए गज लक्ष्मी की पूजा करेंगी। वहीं, यूपी वाले शरद पूर्णिमा मनाएंगे। पंडित एकादश पांडेय ने बताया कि शास्त्रानुसार भगवान कृष्ण ने इसी पूर्णिमा की रात को गोपियों के साथ महारास रचाई थी। इसलिए यह पूर्णिमा रास पूर्णिमा के रूप में भी जानी जाती है। ब्रह्मकमल भी इसी रात खिलता है।

उड़िया समाज : युवतियां अच्छे वर के लिए गुड़ और केला से बनाएंगी चांद

अाेडिया समाज की महिलाएं शनिवार को कुमार पूर्णिमा मनाएंगी। इस दौरान वह पति की लंबी उम्र के लिए गज लक्ष्मी पूजा करेंगी। इस दिन कुंवारी कन्याएं अच्छा वर पाने के लिए उपवास रखेंगी। वहीं, गुड, केला, ईख, सुपारी, खीरा, नारियल, झींगा आदि सात चीजों को तुलसी पेड़ के नीचे रखकर सूर्योदय के पहले गजलक्ष्मी की पूजा करेंगी। दिनभर उपवास रह कर चांद निकलने पर खीरा और झींगा से दातुन करेंगी। उसके बाद नए कपड़े पहन कर गुड़, केला को मिलाकर चांद बनाएंगी। उस पर सुपारी रख चांद की पूजा-अर्चना करेंगी।

मराठी समाज : कोजागरी पूर्णिमा के उपलक्ष्य में हिंदी-मराठी संगीत कार्यक्रम

बिष्टुपुर महाराष्ट्र हितकारी मंडल में रविवार काे कोजागरी पूर्णिमा के उपलक्ष्य में हिंदी-मराठी संगीत कार्यक्रम शाम 7.30 बजे से होगा। समाज के कुछ लोग इस दिन लक्ष्मी पूजन भी करेंगे। महाराष्ट्र भगिनी समाज की ट्रस्टी शिल्पा ने कहा- घर के बड़े बच्चे की आरती की जाती है। उसे आसन पर बैठाकर पूजा की जाती है। इसे मराठी समाज में को-जागृति कहा जाता है, इसलिए रात्रि जागरण का विधान है। मंडल में कोजागरी पूर्णिमा पर ओपन स्टेज का कार्यक्रम रखा है, जो शाम 7:30 बजे से हाेगा।

लक्ष्मी पूजा को लेकर बाजारों में सजी दुकानें।

मिथिला समाज : नवविवाहित वर अपने साले के साथ खेलेंगे कौड़ी-पचीसी

मिथिला के लोग शरद पूर्णिमा पर 13 अक्टूबर को कोजगरा पर्व मनाएंगे। नवविवाहितों के घर पहली बार यह पूजा धूमधाम से की जाती है। कई जगहों पर सुख-समृद्धि की देवी लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित कर पूजा हाेती है। इस दिन नवविवाहित वर को भांड़ लेकर आने वाले अपने साला के साथ कौड़ी-पचीसी खेलने की विधि भी पूरी करनी पड़ती है। सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं। वहीं, कोजगरा की रात जुआ और ताश खेलने की परंपरा भी वर्षों से चली आ रही है।

बंगाली समाज

मां लक्ष्मी के पैरों के चिन्ह से सजेंगे घर

बंगाली समाज के घर में मां लक्ष्मी के स्वागत की तैयारी हो चुकी है। मां की प्रतिमाएं घरों व मंडपों में शनिवार की शाम लाई गई। पूजा से पूर्व सुबह में घरों को अल्पना से सजाया जाएगा। मां लक्ष्मी के पैरों के चिन्ह और धान के शीश की डिजाइन हर घर व द्वार पर लगाए जाएंगे। अनामिका बनर्जी ने बताया कि सुबह में परंपरा अनुसार, सोला से कदम्ब बनाए जाएंगे। द्वार को आम पल्लव के तोरण से सजाया जाएगा। इसके बाद उनकी विधिवत पूजा होगी। लक्ष्मी पूजा में मां को नारियल का लड्डू प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है।

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