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धोखाधड़ी / 30 युवक प्रशिक्षण लेकर नौकरी के लिए चेन्नई गए, एक हफ्ते में ही लौटे, कौशल विकास केंद्र पर हंगामा



कौशल विकास केंद्र पर हंगामा करते युवक। कौशल विकास केंद्र पर हंगामा करते युवक।
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कौशल विकास केंद्र पर हंगामा करते युवक।कौशल विकास केंद्र पर हंगामा करते युवक।

  • नौकरी के एवज में 15 हजार रुपए मिलने की बात कही गई थी, लेकिन मात्र 7 से 8 हजार रुपए का ही भुगतान
  • 20 युवतियां भी लौटना चाहती हैं , कौशल विकास केंद्र की ओर से भेजे गए हैं जिले के 80 युवा 

Dainik Bhaskar

Dec 07, 2018, 10:09 AM IST

जमशेदपुर. चाईबासा व सरायकेला- खरसावां जिले के 80 युवक-युवतियां नौकरी के नाम पर छले गए हैं। सभी को कौशल विकास केंद्र में कुछ दिनों तक ट्रेनिंग देने के बाद नौकरी दिलाने के लिए एक हफ्ते पहले ही चेन्नई ले जाया गया था। वहां उन्हें न तो तय राशि का भुगतान किया गया और ना ही रहने व भोजन आदि की सुविधा दी गई। ऐसे में 30 युवक नौकरी छोड़कर हाटगम्हरिया के जलडीहा स्थित दीनदयाल कौशल विकास केंद्र लौट आए। यहां आने के बाद जमकर हंगामा किया।

15 हजार की जगह सात से आठ हजार रुपए का भुगतान

  1. केंद्र के संचालक रिंटू ने इन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन वे काफी नाराज थे। युवकों ने कहा कि उन्हें नौकरी के एवज में 15 हजार रुपए मिलने की बात कही गई थी, लेकिन मात्र 7 से 8 हजार रुपए का ही भुगतान हुआ। वहां पहुंचते ही उनका शोषण शुरू हो गया। किसी तरह वहां से भागकर गांव लौटे हैं। भाड़े के लिए पैसे नहीं रहने के कारण 20 लड़कियां वहां फंस गई हैं। वहीं अन्य 30 लोग सरायकेला-खरसावां जिला स्थित अपने घर लौट गए हैं। युवकों ने कहा कि वे अब इस केंद्र में नहीं पढ़ेंगे ना ही हॉस्टल में रहेंगे। 
     

  2. चेन्नई में अलग-अलग जगहों पर उतारे गए

    युवाओं ने केंद्र के संचालक पर आरोप लगाया कि हम सभी को कौशल विकास के नाम पर कुछ ही दिन का प्रशिक्षण देकर प्लसमेंट के नाम पर चेन्नई भेज दिया गया। वहां सभी को अलग-अलग स्थानों में उतारा गया। बिचौलिया पवन कुमार व विजय कुमार ने उनसे चेन्नई जाने के क्रम मे प्रति व्यक्ति दो हजार रुपए की वसूली की। इतना ही नहीं युवतियों के साथ छेड़छाड़ भी की। वहां उन्हें अज्ञात स्थान पर भूखे- प्यासे रात बिताने को मजबूर किया गया। 

  3. नौकरी के नाम पर धोखा

    प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्र कुमार सानू महत, अशोक लोहार, राजेश गोप ने कहा कि अब हम वहां नहीं जाएंगे। नौकरी दिलाने के नाम पर धोखा हुआ है। अधिकार मांगा तो काम से निकाल देने की। जिस काम के लिए ले जाया गया, वह काम न देकर दूसरे काम पर लगाया गया। हमलोगों को रिसीव करने के लिए भी कोई नहीं आया। सबों को अलग- अलग जगह उतारा गया। साथ में 20 लड़कियां भी थीं। हमने दो- दो हजार जमा कर एक छोटा सा कमरा लेकर उसमें सभी लड़कियों को रखा है। 

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