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ईसाई संगठन धोखा दे रहे, ईसाई धर्म अपनाने वाले आदिवासी सरना धर्म में लौटें : सालखन

3 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर जमशेदपुर

ईसाई धर्म अपनाने वाले आदिवासी घर वापसी करते हुए सरना धर्म में वापस आएं। यह आह्वान पूर्व सांसद झारखंड दिशोम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सालखन मुर्मू ने किया है। वे अखिल भारतीय माझी परगना मांडवा की ओर से उपायुक्त कार्यालय के समक्ष आयोजित धरना को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि झारखंड में सक्रिय ईसाई संगठन साधन संपन्न हैं, लेकिन आदिवासियों के हित में काम नहीं कर रहे हैं।

चर्च के अधिकतर धर्मगुरु आदिवासियों के अस्तित्व, पहचान व हिस्सेदारी को बचाने का कोई काम नहीं कर रहे हैं अपितु आदिवासियों के साथ धोखा कर रहे हैं। समाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सालखन ने राज्य की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि झारखंड में एनडीए व यूपीए है। इनमें एक नागनाथ तो दूसरा सांपनाथ है। ऐसी स्थिति में झारखंड में तीसरे विकल्प की आवश्यकता है और इस दिशा में उनके द्वारा प्रयास किया जा रहा है। आम आदमी पार्टी के नेताओं के साथ तीसरे मोर्चा के गठन के लिए बातचीत चल रही है। 22 दिसंबर को दुमका में चार राज्यों के आदिवासियों का सम्मेलन होने वाला है, जिसमें आप के संयोजक व दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को भी आमंत्रित किया जाए। मुर्मू ने कहा कि अगर अरविंद केजरीवाल सम्मेलन में शामिल होते हैं तो झारखंड में मजबूत तीसरे मोर्चा की शुरुआत हो जाएगी। मुर्मू ने कहा कि झारखंड सरकार ने आदिवासी स्वशासन पद्धति के माझी, जोगा माझी, नायके आदि को सम्मान राशि देने की घोषणा की है, जो स्वागत योग्य है। सरकार से मांग है कि केवल सरना धर्म से जुड़े और जनतांत्रिक तरीके से चुने गए लोगों को कम से कम पांच हजार रुपए सम्मान राशि दे। धरना के बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीसी अमित कुमार को सौंपा गया। धरना में कई आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। मौके पर सोनाराम सोरेन, बिरसा मुर्मू, बिमो मुर्मू, सुगनाथ हेंब्रम आदि मौजूद थे।

उपायुक्त कार्यालय के सामने धरना पर बैठे झारखंड दिशोम पार्टी के कार्यकर्ता।

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