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संसारिक बंधन से मुक्ति पाने के लिए विवेक व वैराग्य जरूरी

एक वर्ष पहले
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स्वामी भूमानंद तीर्थ।

जमशेदपुर | सोनारी आत्मीय वैभव विकास केंद्र में चल रहे रामायण प्रवचन का शुक्रवार को तीसरा दिन था। इस माैके पर स्वामी भूमानंद तीर्थ ने कहा कि भगवान सर्वव्यापी है और आप चारों ओर से उनसे घिरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि संपूर्ण संसार नाशवान है। हमारे शरीर के कोषाणु भी नित्य नष्ट होते रहते हैं और नए बनते कोषाणु में बदल जाते हैं। लेकिन, शरीर में एक एेसी उपस्थिति भी है जिसमें कभी कोई परिवर्तन नहीं होता है। वह है हमारी चेतना, हमारी आत्मा है। स्वामी जी ने कहा कि मुक्ति की कामना करने वालाें अाैर संसार के बंधनों एवं दुखाें से छुटकारा पाने के लिए विवेक एव वैराग्य जरूरी है। इस दौरान रामायण प्रवचन सुनकर श्रद्धालु काफी मंत्रमुग्ध हो गए। वहीं रामनाम के जयकारे ने माहौल भक्तिमय हो गया। कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं जुटी थीं।
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