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साइबर पुलिस का एसबीआई को पत्र: ठगी के शिकार लोगों के 5.29 लाख रुपए वापस करें, क्योंकि गलती बैंक की है

एक वर्ष पहले
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साइबर क्राइम पुलिस ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के अधिकारियों को पत्र लिखकर साइबर ठगों के शिकार लोगों की राशि वापस करने को कहा है। उल्लेखनीय है कि एसबीआई के एटीएम में क्लोनिंग कर ठगों ने ग्राहकों के अकाउंट से राशि निकाल ली थी। पुलिस ने बैंक को 24 लोगों के लगभग 5.29 लाख रुपए वापस करने को कहा है। पुलिस ने बताया है कि ये ठगी ग्राहकों की गलती से नहीं हुई है। बल्कि बैंक के एटीएम से ठगी की गई है। एेसे में एसबीआई की जिम्मेदारी है कि वे लोगों के पैसे वापस करें। बैंक को लिखे पत्र में अब तक पांच एटीएम का जिक्र किया गया है, जहां से सबसे ज्यादा क्लोनिंग की गई है। साइबर पुलिस ने गुरुवार को एसबीआई के चैनल मैनेजर सतीश जारिका को इस बावत जानकारी दी और ग्राहकों के पैसे वापस करने को कहा है। हालांकि अब तक बैंक की ओर से राशि वापस करने की दिशा में कोई पहल नहीं हुई है। बैंक अभी एटीएम की जांच कर रहा है। जिसके बाद राशि वापस करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। साइबर क्राइम पुलिस ने एसबीआई के एटीएम से हो रही क्लोनिंग की घटना की जांच मामले में बैंक से सीसीटीवी फुटेज की मांग की थी। एसबीआई ने सीसीटीवी फुटेज पुलिस को उपलब्ध कराया है, जिससे क्लोनिंग के लिए कार्ड रीडर बदलने की ठगों की प्रक्रिया और चिप लगाने वाले के चेहरे सामने आ सकते हैं। अभी सीसीटीवी फुटेज की पुलिस जांच कर रही है।

ग्राहक एटीएम की गड़बड़ी की वजह से ठगी का शिकार हुए

एसबीआई को पत्र लिखा गया है कि वह ठगी के शिकार ग्राहकों के पैसे वापस करें, क्योंकि लोग एटीएम की गड़बड़ी की वजह से ठगी के शिकार हुए हैं। एेसे में बैंक की जिम्मेवारी है कि जिन लोगों के एकाउंट से पैसे गायब हुए हैं, उनकी राशि को वापस करें। - उपेंद्र कुमार मंडल, थाना प्रभारी, साइबर थाना, बिष्टुपुर।
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