स्कूलों की जमीन पर किए गए कब्जे का डीईओ और डीएसई से मांगा ब्योरा
कब्जा होने से पठन-पाठन प्रभावित और कर्मी होते हैं हतोत्साहित
सरकारी विद्यालयों की जमीन पर भू माफिया द्वारा किए गए कब्जे से संबंधित खबर दैनिक भास्कर में प्रमुखता से छापे जाने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। इस मामले में संज्ञान लेते हुए प्राथमिक शिक्षा निदेशक आदित्य कुमार आंनद ने जिला शिक्षा पदाधिकारी व जिला शिक्षा अधीक्षक को पत्र जारी किया है। इसमें उन्होंने स्कूलों का ब्योरा मांगा है, जिस पर भू माफियाओं द्वारा अवैध रूप से कब्जा किया गया है।
पत्र में कहा गया है कि सरकारी स्कूल की संपत्ति भूमि एवं भवन पर मालिकाना हक दिखा कर उस पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे गंभीर मामलों में ससमय कार्रवाई नहीं होने से जहां एक ओर राज्य सरकार की बहुमूल्य जमीन का अतिक्रमण और अवैध क्रय-विक्रय होता है। दूसरी ओर भू-माफिया का मनोबल बढ़ता है। इससे सरकारी कर्मी हतोत्साहित होते हैं और स्कूल में पठन-पाठन भी प्रभावित होता हैl सरकारी स्कूलों पर अवैध कब्जा व अतिक्रमण से संबंधित ब्योरा अविलंब उपलब्ध कराई जाए। पत्र मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने सभी बीईओ को निर्देश जारी कर उन विद्यालयों के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि बिहार राज्य सरकार द्वारा राजकीय विद्यालयों को बिहार के सरकारी प्रारंभिक विद्यालय अधिनियम 1976 के तहत राज्य सरकार द्वारा नियंत्रण में लिया गया है और अधिनियम की धारा 4 (i )के तहत अधिग्रहित विद्यालय के स्वामित्व या कब्जे के सभी चल व अचल संपत्तियां जिसके अंतर्गत विद्यालय से संबंधित भूमि, भवन, दस्तावेज, पुस्तक एवं रजिस्टर भी हैं और 1 अप्रैल 1976 के प्रभाव से उन पर राज्य सरकार का स्वामित्व व कब्जा है।
धालभूमगढ़ में प्रस्तावित लोयोला स्कूल व बारीडीह हाई स्कूल की जमीन की जांच शुरू
बारीडीह हाई स्कूल व धालभूमगढ़ में प्रस्तावित लोयोला हाई स्कूल की जमीन की जांच शुरू हुई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) शिवेन्द्र कुमार के आग्रह पर संबंधित अंचल कार्यालय ने इस मामले की जांच शुरू की है। डीईओ की ओर से एडीसी सौरव कुमार सिन्हा को लिखे पत्र में कहा गया है कि बारीडीह हाई स्कूल का सीबीएसई से संबद्धता का प्रस्ताव लंबित है। विद्यालय की भूमि लीज है अथवा निबंधित- इसकी जांच कराई जाए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अनियमितता से बचा जा सके। धालभूमगढ़ के चोयररा गांव में लोयोला हाई स्कूल की स्थापना की जानी है। इस संबंध में जांच करने का आग्रह डीईओ ने एडीसी से किया था। धालभूूमगढ़ के अंचलाधिकारी ने अपनी जांच रिपोर्ट भेज दी है। रिपोर्ट के मुताबिक चोयररा गांव स्थित खाता नंबर-228, प्लॉट नंबर- 801, कुल क्षेत्रफल पांच एकड़ जमीन जमशेदपुर जेसुईट सोसायटी के नाम पर खतियान में दर्ज है।
ससमय कार्रवाई नहीं होने से राज्य सरकार की जमीन का अतिक्रमण और अवैध क्रय-विक्रय होता है
में ससमय कार्रवाई नहीं होने से जहां एक ओर राज्य सरकार की बहुमूल्य जमीन का अतिक्रमण और अवैध क्रय-विक्रय होता है। दूसरी ओर भू-माफिया का मनोबल बढ़ता है। इससे सरकारी कर्मी हतोत्साहित होते हैं और स्कूल में पठन-पाठन भी प्रभावित होता हैl सरकारी स्कूलों पर अवैध कब्जा व अतिक्रमण से संबंधित ब्योरा अविलंब उपलब्ध कराई जाए। पत्र मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने सभी बीईओ को निर्देश जारी कर उन विद्यालयों के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि बिहार राज्य सरकार द्वारा राजकीय विद्यालयों को बिहार के सरकारी प्रारंभिक विद्यालय अधिनियम 1976 के तहत राज्य सरकार द्वारा नियंत्रण में लिया गया है और अधिनियम की धारा 4 (i )के तहत अधिग्रहित विद्यालय के स्वामित्व या कब्जे के सभी चल व अचल संपत्तियां जिसके अंतर्गत विद्यालय से संबंधित भूमि, भवन, दस्तावेज, पुस्तक एवं रजिस्टर भी हैं और 1 अप्रैल 1976 के प्रभाव से उन पर राज्य सरकार का स्वामित्व व कब्जा है।
यह खबर 14 मार्च के अंक में छपी थी