झारखंड के 4.5 लाख दिव्यांगों काे कृत्रिम अंग देकर दिव्यांगता खत्म करेंगे: कैलाश

Jamshedpur News - भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति व जयपुर फुट यूएसए की अाेर से शनिवार को साकची के रेड क्रॉस भवन में नि:शुल्क अंग...

Oct 13, 2019, 07:06 AM IST
भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति व जयपुर फुट यूएसए की अाेर से शनिवार को साकची के रेड क्रॉस भवन में नि:शुल्क अंग प्रत्यारोपण शिविर शुरू हुअा। शिविर का उद्घाटन जयपुर फुट यूएसए के सलाहकार अाैर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय तथा झारखंड के पूर्व मुख्य न्यायाधीश व राजस्थान मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष प्रकाश चंद्र टाटिया ने किया। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि झारखंड के 4.5 लाख दिव्यांगों की दिव्यांगता खत्म करने की दिशा में जयपुर यूएसए ने पहल शुरू की है। नि:शक्तता विभाग यदि सहयोग करे तो राज्य में एक भी दिव्यांग नहीं रहेगा। संस्था सभी को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराएगी। प्रकाश टाटिया ने कहा कि झारखंड भारत का एकमात्र राज्य है जहां महिलाएं पुरुषों की बराबरी में खड़ी है। जयपुर फुट यूएसए के चेयरमैन डॉ. प्रेम भंडारी ने कहा कि वर्ष 2002 से वे इस सेवा कार्य से जुड़े हैं। अबतक 33 लाख लोगों में कृत्रिम अंगों का सफल प्रत्यारोपण किया जा चुका है। राजस्थान के पूर्व लोकायुक्त एसएस कोठारी, नि:शक्तता आयुक्त सतीश चंद्रा, सांसद विद्युत वरण महतो अादि मौजूद थे। -देखें पेज-5

रेडक्रॉस भवन में कैलाश विजयवर्गीय व अन्य।

बंगाल में हत्याओं के खिलाफ क्यों नहीं बोल रहे बुद्धिजीवी: कैलाश

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प. बंगाल में लोकतंत्र की हत्या हाे रही है। वहां भाजपा कार्यकर्ताओं काे निशाना बनाया जा रहा है। इन हत्याओं पर देश के तथाकथित बुद्धिजीवी जो बात-बात पर अवार्ड लाैटाने को तैयार रहते हैं वे चुप क्यों है।

चेहरे खिले... उम्मीदों के साथ बढ़ाया कदम तो किसी ने हाथ जोड़ किया शुक्रिया

मो. अरमान, लातेहार

कृत्रिम हाथ लगते ही पहले जींस की जेब में डाला हाथ

मो. अरमान का दो साल पहले 33 हजार वोल्ट का करंट लगने से बांया हाथ जल कर अलग हो गया था। डाॅक्टरों ने हाथ के बचे हुए हिस्से को काट दिया। एक हाथ से सारा काम करते थे। शिविर में उनका बायां कृत्रिम हाथ लगाया, इसके बाद पहले जिंस की पॉकेट में दोनों हाथ डाला, फिर सभी काे हाथ जोड़ शुक्रिया अदा किया।

महावीर मोहंती, भुइयांडीह

जिंदगी रेंग रही थी, भरोसा है कि अब दौड़ने लगेगी

महावीर मोहंती के बाएं पैर में सेप्टिक होने के बाद पैर काटना पड़ा था। पैर कटने के बाद व्यापार ठप हो गया। बकौल मोहंती एेसा लग रहा था कि जिंदगी की उम्मीद खत्म हो गई है। पैर लगने के बाद बैखाशी के भरोसे चल रही जिंदगी में उम्मीद जगी। पहला कदम बढ़ाने के बाद कहा- जिंदगी रेंग रही थी, भरोसा है कि अब दौड़ने लगेगी।

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