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कर्मचारियों के वेतन अफसर से ज्यादा, 1.50 लाख तक मिलते हैं टाटा स्टील कर्मियों को

2 वर्ष पहले
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  • कर्मचारियों के वेतन में हो रही बेतहाशा बढ़ोतरी पर लगाम लगाने के लिए गंभीर हुआ टाटा समूह
  • वर्तमान स्वरूप में ग्रेड समझौता हुआ तो कर्मचारियों का औसत वेतन 90 हजार हो जाएगा
  • अच्छे इंजीनियरिंग और प्रबंधन संस्थानों से पढ़ाई कर नौकरी करने वालों से भी ज्यादा है वेतन

जमशेदपुर. अपने कर्मचारियों के वेतन में हो रही बेतहाशा बढ़ोतरी के बाद टाटा समूह प्रबंधन ग्रेड रिवीजन को लेकर बेहद संजीदा होता जा रहा है। टाटा स्टील से लेकर टाटा मोटर्स तक की कोशिश है कि कर्मचारियों के साथ होने वाले लांग टर्म एग्रीमेंट (ग्रेड समझौते) में ऐसे प्रावधान किए जाएं, ताकि कंपनी पर आर्थिक दबाव कम हो। यही कारण है कि टाटा स्टील में एनएस (न्यू सीरिज) ग्रेड आने के बाद अब टाटा मोटर्स भी अपने नए कर्मचारियों के लिए नया ग्रेड लागू करने पर जोर दे रहा है। इसके चलते दोनों कंपनियों में ग्रेड की गाड़ी फंसी हुई है।

 

कर्मचारियों का औसत वेतन बढ़कर 90 हजार रुपए हो जाएगा
टाटा स्टील के स्टील वेज में शामिल कर्मचारियों के वेतन मैनेजरों से भी ज्यादा हो गए हैं। रिटायरमेंट तक पहुंचते-पहुंचते कर्मचारियों के वेतन डेढ़ लाख रुपए तक हो जाते हैं। स्टील वेज के कर्मचारियों का औसत वेतन मासिक 70 हजार रुपए है। मैट्रिक पास इन कर्मचारियों का सालाना औसत वेतन साढ़े आठ लाख के करीब है जो किसी इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट संस्थान से पढ़ाई कर नौकरी करने वालों से ज्यादा है। यूनियन सूत्रों का कहना है कि पिछले साल की शर्तों के तहत अगर प्रबंधन और यूनियन के बीच समझौता होता है तो कर्मचारियों का औसत वेतन बढ़कर 90 हजार रुपए हो जाएगा।

 

टाटा कमिंस में पहले से ही नए कर्मियों के लिए अलग ग्रेड
टाटा कमिंस ने पहले से ही नए कर्मियों के लिए अलग से ग्रेड बना रखा है। इससे कंपनी के पुराने और नए कर्मचारियों के बीच वेतन में काफी अंतर होता है। स्थायी होने वाले नए कर्मचारियों को नए ग्रेड में आना होता है।

 

मैनेजर को शुरुआत में मिलते हैं 30 हजार
प्रबंधन की कोशिश पुराने ग्रेड के कर्मचारियों के वेतन पर लगाम कसना है। यही कारण है कि प्रबंधन कर्मचारियों को डीए पर डीए नहीं देकर उसे फिक्स्ड करना चाह रहा है, जबकि यूनियन की लगातार मांग है कि पहले की व्यवस्था जारी रहे। उल्लेखनीय है कि टाटा स्टील के 13500 कर्मचारियों में से साढ़े सात हजार कर्मचारी स्टील वेज के तहत हैं, जबकि न्यू सीरिज (एनएस) ग्रेड के तहत 6 हजार कर्मचारी हैं। टाटा स्टील में एक मैनेजर जब करिअर शुरू करता है तो उसका वेतन 30 हजार रुपए होता है। 8 साल पहले एनएस ग्रेड बना था। इस ग्रेड के तहत कर्मचारियों का वेतन 20 हजार से 40 हजार रुपए के बीच है।

 

टाटा मोटर्स में भी नया ग्रेड बनाने की कोशिश
टाटा मोटर्स में भी न्यू सीरिज ग्रेड बनाने के लिए प्रबंधन प्रयासरत है, जिसे यूनियन ने मानने से इंकार कर दिया है। प्रबंधन की कोशिश है कि नए स्थायी कर्मचारियों को अलग ग्रेड में रखा जाए, ताकि वेतन में बेतहाशा बढ़ोतरी पर लगाम लगाया जा सके। पिछले ग्रेड के बाद कर्मचारियों के वेतन में 16 हजार रुपए की बढ़ोतरी हो गई थी। टाटा मोटर्स के स्थायी कर्मियों को 32 हजार रुपए से लेकर 70 हजार रुपए कर वेतन मिलते हैं। औसत वेतन 45 से 50 हजार रुपए के बीच है। मैट्रिक पास ये कर्मचारी अपने पिता की नौकरी पर आए हैं। कंपनी में स्थायीकरण के बाद कर्मचारियों के वेतन में सीधे 12-13 हजार रुपए की बढ़ोतरी हो जाती है।

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