अंतरराष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस पर सिदगोड़ा अमल संघ में चित्रों की लगाई प्रदर्शनी

Jamshedpur News - अंतरराष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस का आयोजन सिदगोड़ा अमल संघ प्रांगण में झारखंड बंग भाषी समन्वय समिति व अमल संघ के...

Feb 22, 2020, 07:16 AM IST

अंतरराष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस का आयोजन सिदगोड़ा अमल संघ प्रांगण में झारखंड बंग भाषी समन्वय समिति व अमल संघ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद को श्रद्धा अर्पित कर की गई। इसके बाद उदयन बोस, सुष्मिता चक्रवर्ती, झरणा राय, प्रियदर्शिनी सेन, तोमाली लाहिड़ी, दीपिका गुप्त, मधुमिता बनर्जी ने संगीत प्रस्तुत किए, दीप दास ने तबला में संगत किया। भाषा शहीद पर आधारित चित्र की प्रदर्शनी की गई। समिति के अध्यक्ष बिकाश मुखर्जी ने बताया साल 2000 में इस दिन को यूनाइटेड नेशन ने अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस घोषित किया था। तभी से लगातार
यह दिवस मनाया जाता है। 1952 में भाषा आंदोलन के दौरान अपनी मातृभाषा के लिए शहीद हुए युवाओं की स्मृति में यूनेस्को ने 1999 में 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। कार्यक्रम में विकाश मुखर्जी, चन्दन दत्ता, ऋषिकेश घोष, बिश्वजीत मंडल, नेपाल दास, प्रद्युत घटवारी, संदीप सिन्हा चौधरी, मनोरंजन सरकार, जयंतो डे, विश्वनाथ गुप्त, बिशु, देबाशीष लाहिड़ी, रंजन बनर्जी, देबराज दास, सुजीत गुप्ता, प्रणव मजूमदार, पुरवी दत्ता, जितेन्द दास उपस्थित थे।

भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए जंतर-मंतर पर धरना

भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए भोजपुरी जन जागरण अभियान ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। धरना में दिल्ली, बिहार, झारखंड देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों ने भाग लिया। अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस में आयोजित धरना की अध्यक्षता रामपुकार सिंह व जोगा सिंह ने की। धरना में जमशेदपुर से राजेश भोजपुरिया के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों भी शामिल होने के लिए पहुंचे थे। धरना में अध्यक्ष संतोष पटेल, जय प्रकाश फाकिर, अभिषेक भोजपुरिया, फाकिर जय, संतोष कुमार यादव, मनोज कुमार सिंह, देवेन्द्र कुमार, वीणा वादिनी चौबे मौजूद थे।

बांग्ला को राज्य की प्रथम राजभाषा बनाने की मांग

अमल संघ में अंतरराष्ट्रीय मातृ दिवस मनाते संगठन के लोग।

अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर शुक्रवार को रैली निकाली गई। साकची आमबगान से रैली शुरू होकर उपायुक्त कार्यलाय तक गई। इसके बाद सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन उपायुक्त कार्यालय में सौंपा। रैली का नेतृत्व कर रही रेखा भार्गव ने बताया कि राज्य में 60 प्रतिशत जनता बांग्लाभाषी है तो एेसे में राज्य की प्रथम राज्यभाषा बांग्ला बने। इसके साथ ही कार्यालयों में बाग्ला भाषा में साइनबोर्ड लगाया जाए। वहीं बांग्ला स्कूलों की संख्या बढ़ें, किताबें बांग्ला में मिले और बांग्लाभाषी शिक्षकों की ज्यादा से ज्यादा नियुक्ति हो। इसके बाद रैली डीसी कार्यालय से साकची गोलचक्कर में जाकर सभा में तब्दील हो गई।

X

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना