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चाईबासा. झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने जिले के तीन निर्माणाधीन पेयजल आपूर्ति योजनाओं का निरीक्षण किया। तीनाें येाजनाएं फेल दिखीं। इससे मंत्री ठाकुर भड़क गए। मंत्री ने गुस्से में जगन्नाथपुर के माेंगरा जलापूर्ति याेजना के मामले पर यहां तक कह डाला कि अधूरे पड़े जलमीनार से काेई हादसा हाे जाता है ताे जिम्मेदार काे फांसी दे देंगे। नाैकरी भी जाएगी। मंत्री ने साेमवार काे जगन्नाथपुर प्रखंड के मोगरा जलापूर्ति योजना, खूंटपानी प्रखंड के बिंज जलापूर्ति योजना एवं बड़ा चिरु जलापूर्ति योजना का निरीक्षण किया।
मंत्री ने धीमी कार्य प्रगति एवं गुणवत्ता पर गहरा असंतोष जताया। मानक अनुसार, काम नहीं हाेने, धीमी कार्य प्रगति हाेने के बावजूद संवेदक के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई न हाेने पर वे खफा दिखे। माैके पर पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता जमकर फटकार लगाई। विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के वजह से खूंटपानी प्रखंड के चिरू जलापूर्ति योजना एक साल बाद भी शुरू नहीं हो पाने के कारण कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता के खिलाफ शोकॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। खूंटपानी प्रखंड के बिंज निर्माणाधीन योजना का निरीक्षण के क्रम में एजेंसी द्वारा डिबार ठेकेदारों द्वारा योजनाओं का कार्य कराए जाने की शिकायत पर मंत्री ने एजेंसी के पदाधिकारियों को जमकर फटकार लगायी।
जेई काे सस्पेंड करने, संवेदक पर प्राथमिकी का निर्देश
जगन्नाथपुर प्रखंड के मोंगरा गांव में मंत्री ने देखा कि पानी टंकी अधूरा है, बांस लटका हुआ है, कई टंकी बनने के पहले जर्जर हो चुके है और उस पर बंधे बांस टूटकर गिर रहे हैं। मंत्री ने कहा-अगर किसी प्रकार की दुर्घटना होती है तो बदनामी सरकार की होगी। इसलिए ऐसे लापरवाह अधिकारी और ठेकेदार को फांसी पर ही चढ़ा देंगे। मंत्री ने जेई मनीष कुमार को निलंबित करने और संवेदक पर प्राथमिकी का निर्देश भी दिया।
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