20 साल से बंद केबुल कंपनी मामले में एनसीएलटी में सरकार कानूनी लड़ाई लड़ेगी, पार्टी बनने को तैयार
20 साल से बंद केबुल कंपनी को पुन: शुरू करने को लेकर जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय की पहल पर सरकार ने सकारात्मक रूख दिखाया है। सरयू राय द्वारा केबुल मामले में पूछे गए सवालों के जबाव में राज्य सरकार ने कहा कि केबुल कंपनी के मामले में एनसीएलटी में राज्य सरकार कानूनी लड़ाई लड़ेगी अाैर इसमें पार्टी बनने काे तैयार है।
इसके साथ ही बंद हुई कंपनियों के पुनर्वास को लेकर सरकार झारखंड औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति-2016 के तहत मदद करेगी। इसके साथ ही मेसर्स इन्कैब इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा उद्योग विभाग को पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना के लिए प्रस्ताव नहीं उपलब्ध कराया गया। कंपनी द्वारा पुनर्वास और पुनर्स्थापना का प्रस्ताव मिलने पर सरकार कंपनी को शुरू करने को लेकर नियमानुसार कार्रवाई करेगी। विधायक सरयू राय ने बताया कि कंपनी खाेलने का प्रस्ताव भी सरकार देगी।
उन्हाेंने कहा कि मजदूराें के बकाया वेतन भुगतान के लिए केबुल कंपनी की प्राेपर्टी काे बेचा जा सकता है। केबुल कंपनी के पास मुंबई, काेलकाता समेत कई महानगराें में अचल संपत्ति है। इसे बेचकर बकाया भुगतान किया जा सकता है। सरयू राय ने कहा कि टाटा लीज में 177 एकड़ जमीन सरकार ने दी है। इस जमीन की असली मालिक सरकार ही है। काेई इस जमीन काे बेच नहीं सकता है।
2 मार्च को विधायक सरयू राय ने पूछा था सवाल
गाैरतलब है कि बंद केबुल कंपनी काे खाेलने काे लेकर दाे मार्च काे विस के बजट सत्र में सरयू राय ने ध्यानाकर्षण सवाल पूछा था। जिसके जवाब में सरकार ने सदन में अधूरी जानकारी दी थी। इस पर सरयू राय ने सरकार के जवाब पर नाराजगी भी सदन व सदन के बाहर जताई थी।
बंद पड़ी केबुल कंपनी