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आयुष्मान कार्डधारी की पत्नी का इलाज नहीं करने वाले निजी अस्पतालों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करेगा स्वास्थ्य विभाग

एक वर्ष पहले
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झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के निर्देश पर आयुष्मान कार्डधारी पुजारी उद्दयन की प|ी साधना देवी का वीआईपी ट्रीटमेंट शुरू हो गया है। दैनिक भास्कर में मामला प्रकाश में आने के बाद स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने स्वतः संज्ञान ले मरीज के बेहतर इलाज का निर्देश दिया है। मंत्री के प्रेस सलाहकार संजय लगातार मरीज को परिजन से संपर्क कर हर सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। दूसरी ओर आयुष्मान कार्डधारी पुजारी का इलाज नहीं करने वाले मेडिट्रिना, मेडिका व किडनी केयर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जिले के सिविल सर्जन डॉ. महेश्वर प्रसाद ने कार्रवाई की पहल शुरू कर दी है। सीएस ने कहा कि रात व दिन देखकर इमरजेंसी नहीं आती है। इन अस्पताल प्रबंधनों को शोकॉज जारी कर जवाब पूछा जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुजारी ने बताया कि गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के प्रतिनिधि संजय ने खुद फोन कर मामले की जानकारी ली। साथ ही इलाज में हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है। वहीं सिविल सर्जन डॉ. महेश्वर प्रसाद भी खुद फोन कर मामले की जानकारी लिए और एक पदाधिकारी से संपर्क कर सही जानकारी देने के साथ ही किसी तरह की परेशानी होने पर तत्काल फोन कर जानकारी देने को कहा है। पुजारी के अनुसार मंत्री व सिविल सर्जन के प्रयास से अस्पताल प्रबंधन का व्यवहार बदल गया है और वे अब खुद ही सभी इंतजाम कर इलाज कर रहे हैं।

पीड़ित साधना देवी।

ज्ञात हो कि पुजारी रविवार की रात अपनी बीमारी प|ी को लेकर मेडिट्रीना, मेडिका, किडनी केयर का चक्कर लगाता रहा पर कहीं उसका इलाज नहीं हो सका। आयुष्मान कार्डधारी पुजारी इलाज के लिए मेडिट्रिना अस्पताल गए, जहां अस्पताल की ओर से कहा गया कि 35 हजार रुपए जमा कीजिए तब इलाज शुरू होगा। उन्होंने आयुष्मान कार्ड दिखाया तो रिसेप्शन पर मौजूद कर्मचारी ने किसी से फोन पर बात करने के बाद कहा कि स्पेशलिस्ट डाॅक्टर शहर से बाहर हैं, अभी इलाज नहीं हो सकता। वहीं मेडिट्रीना अस्पताल के ऑपरेशनल मैनेजर अनुराग ने कहा कि रविवार की शाम पांच बजे के बाद डायलिसिस होने वाली टंकी की सफाई होती है इसलिए इलाज नहीं हुआ। यह बात मरीज को भी मालूम है। वहीं, किडनी केयर अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मामले की जानकारी उन्हें अखबार से हुई कि उनके यहां मरीज आया था। वैसे किसी मरीज को वापस नहीं किया जाता है।

रविवार की रात बीमार प|ी को लेकर अस्पतालों का चक्कर काट रहे थे पुजारी

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना के आदेश के बाद पीड़ित महिला का अस्पताल में वीआईपी ट्रीटमेंट शुरू
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