मैं बाउरी-मैं बाउरी मेरा राम भातार...से गूंजा ह्यूम पाइप

Jamshedpur News - ह्यूम पाइप गुरुद्वारा कमेटी की तरफ से भगत नामदेव जी के 749वें प्रकाशोत्सव को लेकर भव्य कीर्तन दरबार सजाया गया। सबसे...

Nov 11, 2019, 06:50 AM IST
ह्यूम पाइप गुरुद्वारा कमेटी की तरफ से भगत नामदेव जी के 749वें प्रकाशोत्सव को लेकर भव्य कीर्तन दरबार सजाया गया। सबसे पहले तीन दिनों से चल रहे अखंड पाठ की समाप्ति हुई। इसके बाद महाराजा रंजीत सिंह सेवादल की तरफ से मै बाउरी-मै बाउरी मेरा राम भातार... (अर्थात, मैं क्रेजी हूं और मेरा भगवान ही मेरा पति है) कीर्तन गायन किया गया। इसके बाद गुरुद्वारा के ग्रंथी हरजिंदर सिंह ने भगत नामदेव जी की जीवनी पर प्रकाश डाला। इस मौके पर झारखंड अल्पसंख्यक अायोग के उपाध्यक्ष गुरदेव सिंह राजा, झारखंड गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान शैलेंद्र सिंह, सीजीपीसी के प्रधान गुरमुख सिंह मुखे, जेवीएम के केंद्रीय महासचिव अभय सिंह, अकाली दल के गुरदीप सिंह, सीजीपीसी के चुनाव संयोजक दलजीत सिंह दल्ली, सेंट्रल स्त्री सत्संग सभा की प्रधान सुखजीत कौर, चेयरमैन कमलजीत कौर, रविंदर कौर को सिरोपा भेंटकर सम्मानित किया गया। इस बार कीताडीह निवासी व कीताडीह स्त्री सत्संग सभा की प्रधान अमरजीत कौर की तरफ से लंगर व पंडाल की सेवा की गई थी। मंच का संचालन परमजीत सिंह काले ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में ह्यूमपाइप गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान दलबीर सिंह, महासचिव गुरनाम सिंह, सचिव मनजीत सिंह, कोषाध्यक्ष सरबजीत सिंह, रतन सिंह, जगीर सिंह का योगदान रहा।

झारखंड गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान शैलेंद्र सिंह, सीजीपीसी के प्रधान गुरमुख सिंह मुखे समेत समाज के कई गणमान्य हुए शामिल

ह्यूम पाइप गुरुद्वारा में उपस्थित संगत।

स्टेशन रोड गुरुद्वारा में पाठ बोध समागम शुरू, 300 संगत शामिल

स्टेशन रोड गुरुद्वारा में पाठ बोध समागम शुरू, 300 संगत शामिल

गुरुनानक देव के 550वें प्रकाश उत्सव के उपलक्ष्य में पहली बार स्टेशन रोड जुगसलाई गुरुद्वारा में चार दिनों तक चलने वाले पाठ बोध समागम की शुरुअात रविवार की शाम हुई। इसमें तीन सौ सिख समाज की महिला व पुरुषों ने भाग लिया। पाठ बोध समागम में हिस्सा लेने वाले सभी श्रद्धालुओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। ज्ञानी गुरप्रताप सिंह द्वारा श्री गुरुनानक देव की शाह रचना जपजी साहिब का अर्थ और शुद्ध उच्चारण की प्रस्तुति की गई। पहले दिन पांच पोढ़ी के अर्थ की प्रस्तुति की। जपुजी श्री गुरुनानकजी की आध्यात्मिक वाणी के साथ ही अद्वितीय साहित्यिक रचना भी है। इसकी प्रश्नोत्तरी शैली पाठक के भावों पर अमिट छाप छोड़ी है। जपुजी एक दार्शनिक और विचार प्रधान कृति है और इसकी रचना गुरुजी की अन्य वाणी की भांति रागों के अनुसार नहीं की गई है, किंतु फिर भी इसमें अनेक छंदों का प्रयोग किया गया है। इसमें मुख्य छंद, दोहा, चौपाई व नाटक आदि है। जपुजी के आरंभ और अंत में एक श्लोक है।

गुरुनानक देव के 550वें प्रकाश उत्सव के उपलक्ष्य में पहली बार स्टेशन रोड जुगसलाई गुरुद्वारा में चार दिनों तक चलने वाले पाठ बोध समागम की शुरुअात रविवार की शाम हुई। इसमें तीन सौ सिख समाज की महिला व पुरुषों ने भाग लिया। पाठ बोध समागम में हिस्सा लेने वाले सभी श्रद्धालुओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। ज्ञानी गुरप्रताप सिंह द्वारा श्री गुरुनानक देव की शाह रचना जपजी साहिब का अर्थ और शुद्ध उच्चारण की प्रस्तुति की गई। पहले दिन पांच पोढ़ी के अर्थ की प्रस्तुति की। जपुजी श्री गुरुनानकजी की आध्यात्मिक वाणी के साथ ही अद्वितीय साहित्यिक रचना भी है। इसकी प्रश्नोत्तरी शैली पाठक के भावों पर अमिट छाप छोड़ी है। जपुजी एक दार्शनिक और विचार प्रधान कृति है और इसकी रचना गुरुजी की अन्य वाणी की भांति रागों के अनुसार नहीं की गई है, किंतु फिर भी इसमें अनेक छंदों का प्रयोग किया गया है। इसमें मुख्य छंद, दोहा, चौपाई व नाटक आदि है। जपुजी के आरंभ और अंत में एक श्लोक है।

गुरुवाणी गायन करते रागी जत्था।

सिदगोड़ा पार्क में नानक पेड़ के पास 10 गुरुओं के नाम से लगाए पौधे

नानक पेड़ सेवा दल सिदगोड़ा की अोर से गुरुनानक देव के 550वें प्रकाश पर्व को लेकर सिदगोड़ा पार्क में 10 गुरुओं के नाम से 10 अशोक के पौधे लगाए गए। मुख्य अतिथि विधायक प्रतिनिधि पवन अग्रवाल, शैलेंद्र सिंह, अरुणा मिश्रा, कमलजीत कौर, डॉ. सुनीता बेदी, कुलबीर सिंह, सन्नी सिंह, विनय सिंह, बहादुर सिंल, बलविंदर कौर और देवनाथ ने पौधे लगाए। मौके पर पुरुषोत्तम मिश्रा, उद्यम सिंह, सुखविंदर सिंह मौजूद थे।

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