1500 Km. दूर शादी करने पहुंच गई M.Sc पास दुल्हन...साथ में गए थे 7 लोग, वहां पहुंचकर पिता ने कहा- बेटा सैलरी स्लिप तो दिखाओ...इसके बाद अपनी औकात पर आ गया लड़का

शादी के जोड़े में आधे किमी भागी दुल्हन, कहा- उससे शादी हो जाती तो मैं घुट-घुटकर मर जाती

Dainikbhaskar.com

Mar 14, 2019, 01:46 PM IST
Jamshedpur Jharkhand news in hindi: the story of dowry greedy by the victim

जमशेदपुर (झारखंड). उत्तराखंड के ऋषिकेश (जमशेदपुर से 15 सौ किमी दूर) में बेटी की शादी करने गए बागबेड़ा के कन्या पक्ष के लोगों को पुलिस ने मुक्त करा दिया है। दहेज की मांग पर नौ रिश्तेदारों को लड़का पक्ष ने बंधक बना लिया था। मंगलवार को ऋषिकेश में शिवाजी नगर थाने की पुलिस ने छापामारी की थी। लड़के को इंजीनियर बताकर धोखा देने वाले परिवार के बर्ताव और दहेज लोभी दूल्हा की हरकतों को देखकर लड़की ने शादी करने से इनकार कर दिया था। उनकी चंगुल से बचकर वह सोमवार रात शहर पहुंची और एसएसपी अनूप बिरथरे को घटना को जानकारी दी थी। एसएसपी ने उत्तराखंड पुलिस से संपर्क किया और परिवार को बंधक मुक्त कराया।

पीड़ित परिवार के बयान पर ऋषिकेश के कोतवाली थाना में एफआईआर दर्ज किया गया है। लड़का पक्ष के लोग फरार हैं। पुलिस के संरक्षण में लड़की के परिजनों को मंगलवार रात टाटानगर के लिए ट्रेन से रवाना किया गया है। शादी से इनकार करने वाली युवती ने बागबेड़ा में दैनिक भास्कर से पूरी घटना सुनाई। पढ़ें पीड़िता की जुबानी, दहेज लोभियों की कहानी...

लालची दूल्हे और परिवार के अत्याचार से टूट गया मेरा परिवार : पीड़ित

पीड़िता के अनुसार, दहेज लोभी दूल्हे और उसके परिवार के अत्याचार से मेरा परिवार टूट चुका है। माता-पिता ने अच्छा लड़का और परिवार समझ मेरी शादी वहां तय की थी। लेकिन मेरी शादी उससे हो जाती तो मैं घुट-घुटकर मर जाती। मैं एमएससी पास हूं। मुझे बताया गया कि लड़का सिविल इंजीनियर है। मैं माता-पिता और भाई समेत परिवार के आठ लोग 8 मार्च को ऋषिकेश पहुंचे। वहां मालूम हुआ- जिसे भगवान समझा, वह हैवान है। माता-पिता ने लड़के का पेमेंट स्लिप मांगा तो वह आनाकानी करने लगा। वहीं पता चला कि लड़का पक्ष के लोग अपराधी प्रवृत्ति के हैं। वे अवैध कारोबार से जुड़े हुए हैं। लड़का वालों ने पहले बोला था कि बिना लेनदेन के शादी करेंगे। फिर 1.5 लाख रुपए मांगा तो परिवार वालों ने दे दिया।

9 मार्च को लड़का और 1.5 लाख रुपए मांगने लगा। मेरे पिताजी कारपेंटर का काम करते हैं। उनकी आमदनी इतनी नहीं कि डिमांड पूरी कर सकें। उन्होंने असमर्थता जताई तो लड़का वाले गालीगलौज और मारपीट करने लगे। उनकी हरकत देख मैंने सोचा- शादी से पहले यह स्थिति है तो बाद में जीवन बर्बाद हो जाएगा। जीवनभर परेशान रहने के बजाय मैंने शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद हमें बंधक बना लिया गया। 9 मार्च को पूजा-पाठ का कार्यक्रम चल रहा था। बगल के कमरे में मैं अकेले थी। मौका देखकर भाग निकली। मेरे पास केवल पर्स था, उसमें रुपए थे।

दहेज लोभियों से बचने के लिए मैं आधा किमी जंगल में दौड़ती रही। किसी तरह ऋषिकेश पहुंची। वहां से बस से दिल्ली गई। वहां से फ्लाइट पकड़कर कोलकाता आई और ट्रेन से जमशेदपुर पहुंची। वहां लड़का वालों ने मेरे परिजनों को बंधक बना लिया। हालांकि, पुलिस ने उन्हें मुक्त करा दिया है। मुझे रिश्ता टूटने का अफसोस नहीं है, बल्कि खुशी है कि दहेज लोभी परिवार में फंसने से बच गई। दूसरी लड़कियों से भी कहना चाहूंगी कि चकाचौंध भरी जिंदगी की कल्पना कर वे धोखे में न पड़ें। खुद चालाक बनें, ताकि जीवन बर्बाद होने से बचा सकें।

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