जमशेदपुर / सास की हत्या करने वाले दारोगा मनोज का बचना मुश्किल, गवाह मुकरे तो भी होगी सजा



आरोपी दारोगा मनोज कुमार गुप्ता। आरोपी दारोगा मनोज कुमार गुप्ता।
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आरोपी दारोगा मनोज कुमार गुप्ता।आरोपी दारोगा मनोज कुमार गुप्ता।

  • एक्सपर्ट बोले : दारोगा की गढ़ी कहानी काम नहीं आएगी, पत्नी, बच्चे व परिवार विरोध में 

Dainik Bhaskar

Aug 08, 2019, 01:14 PM IST

जमशेदपुर. सोनारी नवलखा अपार्टमेंट में ममेरी सास सीमा देवी की हत्या, पत्नी पूनम गुप्ता व ममेरा साला चंदन गुप्ता को गोली मारकर घायल करने के मामले में निलंबित दारोगा मनोज कुमार गुप्ता को सजा मिलेगा या बरी होगा। ऐसे सवाल अाम लोगों की जुबान पर है। हत्यारोपी दाराेगा जेल में है। बेटी नेहा, प्रिया, बेटा मोहित व सास कौशल्या देवी उसे सजा दिलवाने के पक्ष में हैं। वहीं, मनोज ने खुद को बचाने के लिए पुलिस के सामने कहानी गढ़ी। किसका पक्ष ज्यादा मजबूत होगा। यह सब पुलिस के अनुसंधान पर निर्भर करता है। जब्त सामानों की जांच एफएसएल में कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एक्सपर्ट के अनुसार मनोज का बच पाना मुश्किल है। उसे सजा के चांस अधिक है। 

 

एक्सपर्ट: अार दयाल, सेवानिवृत्त डीएसपी 
यदि बच्चे मुकरे तो मजिस्ट्रेट का बयान कराकर अारोपी को सजा दिलावाई जा सकती है 

सेवानिवृत्त डीएसपी अार दयाल के मुताबिक ट्रायल में सारे सबूतों की जांच होने के बाद ही यह निष्कर्ष निकल पाएगा कि दारोगा मनोज कुमार गुप्ता को सजा होगी या फिर बरी होगा। घटना के बाद जिस तरह से पुलिस टीम साक्ष्य जुटा कर कोर्ट को पेश कर रही है। मनोज कुमार के बच्चों व सास का मजिस्ट्रेट के सामने धारा 164 का बयान कराया। घटना स्थल से जब्त खून लगा पकड़ा, पीलेट व जब्त रिवॉल्वर की एफएसएल जांच के लिए भेजा गया। फुटेज को भी पुलिस ने जब्त किया। अब गवाह का भी पुलिस बयान लेगी। पुलिस की इस तरह की जांच से मनोज का बच पाना मुश्किल है। अभी तो प्रारंभिक स्तर की जांच है। यदि बाद में 164 का बयान यदि बच्चे मुकर जाते हैं तो मजिस्ट्रेट का बयान कराकर अारोपी को सजा हो सकती है। 

 

एक्सपर्ट: लाला अजीत कुमार, वरिष्ठ अधिवक्ता 
164 के बयान में किसी करीबी ने नहीं बताया कि मनोज ने अपने बचाव में फायरिंग की 

वरिष्ठ अधिवक्ता लाला अजीत कुमार अंबष्टा मानते हैं कि घटना के बाद पुलिस ने दारोगा के बच्चों व सास का 164 का बयान कराया। उसने किसी ने नहीं अदालत को बताया कि मनोज गुप्ता ने डिफेंस में फायरिंग की है। बयान में एक लाइन कही गई है कि दरवाजा बंद कर फायरिंग की। यह केस को और मजबूत करता है। यदि डिफेंस की बात थी तो मनोज गुप्ता ने दरवाजा बंद करेगा कि वहां से भागेगा। देखना यह है कि वहां एक रिवॉल्वर से गोली चली या फिर दो से। अगर दूसरे से गोली चली है और पुलिस ने मनोज गुप्ता की सर्विस रिवॉल्वर को जब्त किया है तो इसका लाभ अागे चलकर मनोज गुप्ता को मिलेगा। पुलिस ने जब्त गोलियां व हथियार को एफएसएल जांच के लिए भेजा है। 

 

इनका अलग मत 
एक्सपर्ट: श्रीकांत गिरी, अधिवक्ता 
दारोगा मनोज कुमार गुप्ता कोर्ट की सभी दलीलें पूरी होने के बाद ही बरी हो सकता है 

अधिवक्ता श्रीकांत गिरी मानते हैं कि दारोगा मनोज कुमार गुप्ता कोर्ट की सभी दलीलें पूरी होने के बाद बरी हो सकता है। पुलिस ने घटना के बाद बेटी का बयान लिया। उसमें पत्नी पूनम गुप्ता का साइन करा एफअाईअार दर्ज कराई। इतना ही नहीं धारा 164 के बयान में भी बेटियों, बेटा और सास ने अलग-अलग बाते कोर्ट को बताई है। बेटा ने अदालत को बताया कि लाल रंग का दूसरा पिस्तौल घर पर उसके पिता ने रखा था। वह कहां है। चंदन और पूनम गुप्ता को गोली लगी। वह किसकी पिस्तौल से चली थी। इसमें पुलिस सजा दिलवाने में साक्ष्य जुटाएगी। पुलिस की केस डायरी व चार्जशीट दाखिल करने के बाद मनोज को बचाने के लिए पुलिस की कमियों को खंगाल कर मदद की जा सकती है। 

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