बच्चों की पतंगबाजी के झगड़े में दो पक्ष भिड़े, पथराव में सात महिला समेत 14 घायल

3 वर्ष पहले
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  • दो दिन पहले पतंग फाड़ने के विवाद में बच्चों में हुई थी मारपीट 

जमशेदपुर. बर्मामाइंस में बच्चों की पतंगबाजी के झगड़े में दो दिन बाद दो बस्ती के लोग भिड़ गए। रविवार की सुबह आठ बजे से दोनों पक्षों में एक घंटे तक पत्थरबाजी हुई। बर्मामाइंस सेवा आश्रम और मुस्लिम बस्ती की सात महिला समेत 14 लोग घायल हो गए। पत्थरबाजी में आधा दर्जन कच्चे मकानों की छतें टूट गई हैं। दो घरों में लूटपाट की गई। दोनों पक्षों ने कार्रवाई की मांग पर बर्मामाइंस थाने में हंगामा किया। 

1) पतंग कटने को लेकर शुक्रवार को भी उलझे थे दो परिवार के लोग

शुक्रवार को सेवा आश्रम में रहने वाले एक बच्चे की पतंग कट कर मुस्लिम बस्ती में जा गिरी थी। यहां के एक बच्चे ने पतंग उठा लिया। इस पर दो बच्चों में झगड़ा हुआ तो एक ने पतंग फाड़ दिया। बच्चों के विवाद में दोनों परिवार उलझे। पुलिस के समझाने पर लोग शांत हुए थे। इसी विवाद पर रविवार को दोनों पक्ष उलझ गए। बस्ती में हुए उत्पात में दोनों पक्ष के लोग घायल हुए हैं। एमजीएम अस्पताल में इलाज चल रहा है। इधर, सूचना पाकर बर्मामाइंस, बिरसानगर, टेल्को पुलिस और डीएसपी सिटी अनुदीप सिंह क्यूआरटी के साथ पहुंचे। इसके बाद क्यूआरटी ने भीड़ को खदेड़ा।

पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ थाने में लिखित शिकायत की है। विवाद गहराने का कारण एक बच्चे की मां को बताया जा रहा है। दरअसल, शुक्रवार को जिन बच्चों के बीच पतंग को लेकर मारपीट हुई थी, उनमें एक बच्चे की मां ने बस्ती में पहले पक्ष के बच्चों से कहा था कि तुमने मेरे बेटे को क्यों मारा? पहले हमें बताना चाहिए था। इसके बाद कुछ लोगाें ने मामले काे उकसाया। फिर दोनों पक्ष में बहस हुई और मामला पथराव, मारपीट आैर तोड़फोड़ तक पहुंच गई। दोनों बस्ती के लोग छोटी-छोटी बात पर अक्सर भिड़ जाते हैं। अब तक तीन बार इन बस्तियों में मारपीट और हंगामा हो चुका है। यहां के लोग दो पक्ष में बंटकर अपनों के दुश्मन बन जाते हैं। पड़ोसी का विवाद भी दो पक्ष, दो जाति और समुदायों का मामला बना दिया जाता है। इसके पहले आश्रम में पत्थरबाजी को लेकर हंगामा हो चुका है। दूसरी बार छात्रों के दो गुटों में मारपीट की घटना को साम्प्रदायिक रंग दे दिया गया था। पुलिस की कार्रवाई के कारण मामला शांत हुआ था और अब लोग बच्चों की लड़ाई में भिड़ गए। 

पुष्पा मुखी ने लिखित शिकायत की है कि मो समद, मो शाहरुख, मो साजू, मो अरमान, मो लाली, मो साहिल, मो फिरोज, मो सगीर कई दिनों से मेरे साथ छेड़खानी कर रहे हैं। वे जातिसूचक शब्द बाेलकर अभद्र व्यवहार भी करते हैं। मैं उनकी हरकतों को अनदेखा करती थी। रविवार की सुबह 8 बजे मो. समद मेरे घर में घुस गया और पकड़ लिया। मो. सगीर ने दरवाजा बंद कर दिया। सगीर ने पिस्टल तान दी और अपशब्द कहने लगा। मैंने दोनों का विरोध किया। शोर मचाने पर बस्ती के लोग जुट गए। इस पर भी पिस्टल दिखाकर डराते-धमकाते रहे। इसके बाद पथराव कर दिया।

मो. शाहरुख की पत्नी अफरोजा खातून के अनुसार, रेशमी मुखी ने जातिसूचक शब्द कहते हुए अपने बस्ती के लड़कों से कहा-इस औरत को पकड़ो, उसे भागने मत देना। इसके बाद तूफान और अमित महतो ने मुझे पकड़ लिया। रेशमी तलवार और पूजा लाठी लेकर आई। रेशमी ने तलवार से हमला कर दिया। मैं घायल होकर गिर गई। मो. अलाउद्दीन ने भी गोपाल, अशोक, भोलो, घनश्याम महतो पर उसकी मौसी विनोता खातून के साथ मारपीट का आरोप लगाया है। रेशमी पर दारू बेचने और धार्मिक भावना भड़काकर मारपीट करवाने का आरोप भी लगाया है।