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इस तरह की डिवाइस से ATM का क्लोन बना आपके खाते से बदमाश निकालते हैं रुपए, पुलिस को आरोपी ने बताया- इसके जरिए बदमाश यू-ट्यूब से सीखकर करोड़ों की कर रहे ठगी 

Dainik Bhaskar

Jan 13, 2019, 05:48 PM IST

जामताड़ा न्यूज: क्लोन के जरिए ठगी से बचने का यह है तरीका...

Jamtara Jharkhand  News ATM cloning device

जामताड़ा (झारखंड)। जामताड़ा और साईबर पुलिस जामताड़ा के सहयोग से जामताड़ा के पाकडीह से दो साईबर अपराधी को गिरफ्तार किया गया है। जामताड़ा थाना के सहयोग से तेलंगाना की पुलिस ने टिंकू मंडल नामक साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। टिंकू के खिलाफ तेलंगाना के बेडापल्ली जिला के गोडवाड़ी खाई 1 टॉउन थाना में कांड संख्या 576/18 दर्ज है। टिंकू को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस पदाधिकारी मो करीम बेग की अगुवाई में पुलिस जामताड़ा आयीं थी।

पुलिस ने टिंकू को गिरफ्तार कर एसीजेएम के कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे 6 दिनों के ट्रांजिट परमिट पर अपने साथ ले गई। वहीं दूसरी ओर रांची सदर की पुलिस ने पाकडीह से नीरज नामक साईबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ रांची सदर थाना में कांड संख्या 637/18 दर्ज है। यह प्राथमिकी रांची के विजयकांत पाठक ने दर्ज कराया है। जिसमें उनसे 1.18 लाख रुपए की ठगी कर लिया गया था। पुलिस ने इससे पूर्व नीरज के एक रिश्तेदार समीर को गिरफ्तार किया था। उसके निशानदेही पर ही नीरज को गिरफ्तार किया गया है। वहीं पुलिस ने समीर को दो दिन का रिमांड पर लिया है।


केस स्टडी-1 खाते से 1.8 लाख की निकासी : महुदा के रहने वाले बिजली मिस्त्री श्यामलाल राय के बैंक एकाउंट से 1.8 लाख रुपए की निकासी साइबर अपराधियों ने कर ली। राय के पास न तो साइबर अपराधियों फोन आया और न ही एटीएम कार्ड की जानकारी उन्होंने किसी को दी थी। एटीएम के पास रहते हुए दोनों व्यक्तियों के एकाउंट से पैसे की निकासी हो गई। साइबर अपराधियों ने एटीएम का क्लोन बना कर घटना को अंजाम दिया था। सबसे बड़ी बात यह है कि पासबुक अपडेट कराने पर राय को पैसा निकासी किए जाने का पता चला।


मैग्नेटिक क्रेडिट व डेबिट कार्ड रीडर
बेवसाइट पर अलग-अलग कंपनियों के कई मैगनेटिक कार्ड रीडर मौजूद हैं । जिसकी कीमत 6 हजार से पचास हजार रुपए तक है। इसे पंचिंग मशीन भी कह सकते हैं। स्कीमर से एटीएम कार्ड स्कैन करने के बाद कंप्यूटर के जरिए डाटा को ब्लैंक एटीएम कार्ड में ट्रांसफर किया जाता है।


मिनी स्कीमर : इस डिवाइस की कीमत तीन से छह हजार रुपए के करीब है। यह बहुत ही छोटी डिवाइस है, जिसे आप अपनी हथेली में रख सकते हैं। स्कीमर का उपयोग साइबर साइबर अपराधी एटीएम कार्ड को स्कैन करने के लिए करते हैं।


ब्लैंक एटीएम कार्ड : मैग्नेटिक ब्लैंक डेबिट व क्रेडिट एटीएम कार्ड वेबसाइट पर ऑनलाइन खरीदा जा सकता है। ऑनलाइन इसे 499 रुपए में 20 पीस खरीदा जा सकता है। ज्यादा खरीदने पर इसकी कीमत और भी कम हो जाती है। आपके एटीएम कार्ड का डिटेल्स ब्लैंक एटीएम कार्ड में फीड कर साइबर अपराधी देश में कहीं भी एटीएम से रुपयों की निकासी कर सकते हैं।


स्पाई पेन कैमरा: स्पाई कैमरा वेबसाइट पर 225 रुपए से लेकर 2 हजार 440 रुपए में मिलता है। वाईफाई से काम करने वाला स्पाई कैमरा महंगा है। इसका इस्तेमाल साइबर अपराधी एटीएम से पैसा निकालने के दौरान करता है। जैसे ही आप पिन कोड इंटर करते हैं, साइबर अपराधी के पास स्पाई पेन कैमरा उसे रिकार्ड कर वाईफाई के जरिए बाहर खड़ा साइबर अपराधी तक पहुंचा देगा।


केस स्टडी-2 जवान के खाते से 39.5 हजार की निकासी : लोयाबाद के रजनीश कुमार भारती के खाते से साइबर अपराधियों ने 39.5हजार की निकासी कर ली। भारती दिल्ली में पदस्थापित हैं। एटीएम कार्ड भी उनके पास था। जबकि पैसे के निकासी पटना के अनीसाबाद से कर ली गई। दो बार में उनके अकाउंट से पैसे की निकासी की गई। मोबाइल पर आए मैसेज से अकाउंट से रुपए निकासी हाेने की जानकारी उन्हें हुई। उन्होंने प्राथमिकी दर्ज करने के दिल्ली पुलिस को आवेदन दिया लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। लोयाबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई है।


मैग्नेटिक स्ट्रिप वाले एटीएम नहीं सुरक्षित
मैग्नेटिक स्ट्रिप वाले डेबिट व क्रेडिट कार्ड के पीछे काली पट्टी होती है। काली पट्टी में ही आपके खाते की पूरी जानकारी होती है। साइबर अपराधी स्कीमर के जरिए इसे स्वैप कर डाटा कॉपी कर लेते हैं। इसके बाद कंप्यूटर अथवा लैपटाप के माध्यम से ब्लैंक कार्ड में ट्रांसफर कर लेते हैं। हालांकि बैंकों के द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा ईवीएम चिप वाले कार्ड को फिलहाल सुरक्षित माना जा रहा है।


साइबर ठगों के बयान सच साबित हुए
डीबी स्टार ने क्लोन बना कर लोगों के खाते से पैसे उड़ाने वाले साइबर अपराधियों के बयान के बाद खुद वेबसाइट पर जाकर तथ्य तलाशे। आरेापियों की बात सच निकली। वेबसाइट पर कई कॉमर्शियल पोर्टल वेबसाइट पर मौजूद हैं। जहां आॅनलाइन खरीदारी की जा सकती है। इनमें अलीबाबा डॉट कॉम, मेड इन चाइना वाइएम लाइव सहित अन्य कई दुकानें वेबसाइट पर खुली हुई हैं। डिवाइस की कीमत दो हजार से लेकर पचास हजार रुपए तक है। इसमें भी डिस्काउंट और ग्राहकों को लुभाने वाले विज्ञापन भी मौजूद है। दिक्कत इसे खरीदने की नहीं है। यह आमलोगों को ध्यान में रख कर बेचा जा रहा है लेकिन समस्या है इसका गलत लोगों के द्वारा इस्तेमाल किया जाना। साइबर अपराधी इन डिवाइस के जरिए लोगों के खून पसीने की कमाई मिनटों में उड़ा ले रहे हैं।


लैपटाॅप: यह कंपनी के अनुरूप राशि तय है। इसका इस्तेमाल स्कीमर से स्कैन किया गया एटीएम कार्ड को अपलोड करने के बाद पंचिंग मशीन से ब्लैंक एटीएम कार्ड में फीड करना होता है।


क्लोन से बचने का यह तरीका
पहला - पैसे निकासी करने एटीएम जा रहे हैं तो दूसरे व्यक्ति के मौजूदगी में पैसा नहीं निकाले।
दूसरा - किसी भी हालत में दूसरे के हाथों में अपना एटीएम कार्ड ना दें।
तीसरा - एटीएम में कार्ड इंट्री करने से पहले पूरी तरह से आश्वस्त हो जाएं कि वहां कोई डिवाइस तो नहीं लगा हुआ हैं।


यू-ट्यूब से सीखकर करोड़ों की कर रहे ठगी
आपको यह जान कर आश्चर्य होगा कि साइबर अपराधी जिस तकनीक से आपके बैंक एकाउंट से पैसे उड़ा रहे हैं, वे यह विधि वे ऑनलाइन वेबसाइट पोर्टल पर जाकर सीख रहे हैं। एटीएम कार्ड का क्लोन बनाने का तरीका और डिवाइस वेबसाइट पर बहुत ही सस्ती दर में उपलब्ध है। धनबाद पुलिस गुरुवार को ऐसे ही एक गिरोह को पकड़ा जो एटीएम कार्ड का क्लोन बना कर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। अभी तक यह गैंग झारखंड के अलावा बिहार, बंगाल और ओडिशा में कई लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी कर चुके हैं। इनके पास से पुलिस को कार्ड स्कीमर, पंचिंग मशीन और ब्लैंक मैग्नेटिक कार्ड मिले हैं। अपराधी ने यह खुलासा किया है कि क्लोन बनाने की सभी डिवाइस वेबसाइट पर सस्ते दर पर सहजता से उपलब्ध है। क्लोन बनाने का तरीका भी वे यू-ट्यूब पर ही सीख रहे हैं।

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