विधानसभा चुनाव / ईचागढ़ पर आजसू के दावे से बढ़ी साधु चरण की मुसीबत, सुदेश महताे के लड़ने की अटकलें



सुदेश महतो। (फाइल फोटो) सुदेश महतो। (फाइल फोटो)
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सुदेश महतो। (फाइल फोटो)सुदेश महतो। (फाइल फोटो)

  • कोल्हान की दो सीटें जमशेदपुर पश्चिमी और घाटशिला पर उम्मीदवारी को लोकर तस्वीर अभी साफ नहीं

Dainik Bhaskar

Nov 08, 2019, 11:59 AM IST

जमशेदपुर. ईचागढ़ विधानसभा सीट पर इस बार आजसू ने मजबूत दावेदारी की है। इससे भाजपा के वर्तमान विधायक साधुचरण महतो की मुसीबत बढ़ गई है। हालांकि भाजपा अलाकमान इस पर दिल्ली मंथन कर रहा है, लेकिन आजसू इस सीट पर अड़ी हुई है। आजसू को उम्मीद है कि ईचागढ़ कुड़मी बहुल क्षेत्र है, इसलिए उसे लाभ मिल सकता है। भाजपा का दबाव है कि आजसू लोहरदगा, बरही और चंदनकियारी सीट पर अपना दावा छोड़े। इन सीटों के बदले आजसू ने ईचागढ़ की मांग की है। लोहरदगा से पिछली बार सुखदेव भगत कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते थे। उन्होंने आजसू प्रत्याशी काे हराया था। वहीं, बरही से कांग्रेस नेता मनोज यादव और चंदनकियारी से झाविमो के अमर बाउरी ने आजसू उम्मीदवारों को हराया था। ये सीटें भाजपा ने आजसू के लिए छोड़ी थीं। 

 

इन सीटों पर जीते नेता अब भाजपा में हैं। भाजपा इनके लिए ये सीटें मांग रही है। इसके एवज में आजसू ने भाजपा पर ईचागढ़ सीट छोड़ने का दबाव बनाया है। इससे वर्तमान भाजपा विधायक साधुचरण महतो परेशानी में हैं। आजसू के केंद्रीय उपाध्यक्ष स्वप्न सिंहदेव का कहना है कि भाजपा ईचागढ़ सीट छोड़े, बड़ा भाई के तौर पर उसे कलेजा बड़ा करना चाहिए। उधर, साधुचरण ने कहा कि यह भाजपा की सीटिंग सीट है इस पर आजसू का दावा नहीं है। 

 

सिल्ली से दो बार हार चुके हैं सुदेश महतो 
ईचागढ़ पर आजसू के दावे के साथ ही अटलकों का बाजार गर्म हो गया है। दावा किया जा रहा है कि आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो इस सीट से अपना भाग्य आजमा सकते हैं। उनकी परंपरागत सीट सिल्ली रही है, लेकिन दो बार चुनाव में हार के बाद उनको वहां से शिफ्ट कर ईचागढ़ लाने की तैयारी पार्टी अपने स्तर से कर रही है। ईचागढ़ कुड़मी बहुल क्षेत्र है अाैर सुदेश कुड़मी के बड़े नेता माने जाते हैं। एेसे में इस सीट पर सुदेश आसानी से जीत सकते हैं। 

 

विधायक साधु चरण बोले- ईचागढ़ भाजपा की सीटिंग सीट, इस पर काेई विवाद नहीं 
आजसू के केंद्रीय उपाध्यक्ष स्वप्न सिंहदेव ने कहा कि ईचागढ़ सीट पर आजसू ने दावा किया है। भाजपा काे बड़े भाई का राेल अदा करते हुए कलेजा बड़ा करने की जरूरत है। हमारे पास यहां के लिए काफी सशक्त उम्मीदवार है।
भाजपा के विधायक साधुचरण महतो ने बताया कि ईचागढ़ सीट भाजपा की रही है। इस पर भाजपा ही लड़ेगी। आजसू और बीजेपी के बीच लोहरदगा और चंदनकियारी पर बातचीत चल रही है। ईचागढ़ के लिए कोई मामला नहीं है।
 
कांग्रेस-झामुमाे के बीच गठबंधन में घाटशिला पर गांठ, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बलमुचू ने की दावेदारी 
कांग्रेस अाैर झामुमाे के बीच गठबंधन में घाटशिला सीट काे लेकर जिच है। यहां से कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप बलमुचू ने मजबूत दावेदारी की है। वहीं, झामुमाे के पूर्व विधायक अाैर पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष रामदास साेरेन ने भी अपना दावा ठाेंक दिया है। 2014 के विधानसभा चुनाव में भी घाटशिला सीट गठबंधन में बाधा बनी थी। कांग्रेस के प्रदीप कुमार बलमुचू यहां से टिकट के लिए पूरा जाेर लगाए हुए हैं। दिल्ली में डेरा डाले बलमुचू ने कहा कि कांग्रेस का यहां से दावा बनता है। वे अालाकमान के सामने चुनाव लड़ने की मंशा साफ कर चुके हैं। पिछली बार उनकी बेटी चुनाव मैदान में थी। इस बार वे खुद लड़ेंगे। उन्हाेंने दावा किया कि कांग्रेस अालाकमान के पास सभी स्थितियाें से अवगत करा दिया है। 

 

मैं जिलाध्यक्ष हूं, संगठन करेगा सम्मान : रामदास 
झामुमाे जिला अध्यक्ष रामदास साेरेन ने कहा कि कांग्रेस-झामुमाे में गठबंधन हाेना बाकी है। जल्द ही स्थिति साफ हाे जाएगी। 2014 विस चुनाव में कांग्रेस अाैर झामुमाे अलग-अलग लड़े थे। कांग्रेस से पार्टी के बड़े नेता प्रदीप बलमुचू की बेटी उम्मीदवर थी अाैर तीसरे नंबर पर रही थी। जबकि झामुमाे से वे दूसरे स्थान पर थे। एेसे में दूसरे नंबर पर थे। जिलाध्यक्ष के नाते संगठन उन्हें सम्मान देगा। 

 

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