• Hindi News
  • Jharkhand
  • Jamshedpur
  • कला संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संघ की हुई स्थापना
--Advertisement--

कला संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संघ की हुई स्थापना

सिटी रिपोर्टर

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 03:05 AM IST
कला संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संघ की हुई स्थापना
सिटी रिपोर्टर
शहर की सामाजिक व सांस्कृतिक संस्था अमल संघ 2 मई को 65वीं वर्षगांठ मनाएगी। संघ की ओर से साकची स्थित रविंद्र भवन में वार्षिक समारोह का आयोजन किया गया है। इस दौरान कोलकाता के मशहूर गायक रूपांकर बागची एंड टीम संगीत की प्रस्तुति देंगे। कला संस्कृति व खेलकूद को बढ़ावा देने के मकसद से अमल संघ की स्थापना 1952 में की गई थी। जेआरडी टाटा ने 19 दिसंबर, 1958 को इमारत की आधारशिला रखी थी। 16 फरवरी, 1964 को सर जहांगीर गांधी ने क्लब का उद्घाटन किया था। 1958 - 64 तक दोनों संघ के मुख्य संरक्षक रहे। अमल संघ क्लब आउटडोर और इंडौर सेक्शन दो भागों में बंटा हुआ है। इनडोर सेक्शन में स्थानीय वंचित बच्चों को शिक्षा प्रदान की जाती है। आउटडोर में खेलों का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा यहां पर रक्तदान शिविर, नि:शुल्क चिकित्सा शिविर, पौधराेपण, कवि सम्मेलन आदि जैसे अन्य सामाजिक कार्य होते हैं। वर्तमान समय में भी करीब दो सौ गरीब बच्चे कक्षा एक से पांचवीं तक पढ़ते हैं। जिन्हें संघ की ओर से मुफ्त में कॉपी-किताब, ड्रेस उपलब्ध करवायी जाती है।

अमल संघ की स्थापना में इन लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा

बीएन गुप्ता, प्रेसीडेंट, आरएन रॉय-सचिव, एनआर घोष, एसएन लाहेरी,पीएन गांगुली, एनजी बोस, एसएन रायडी।

सिटी रिपोर्टर
शहर की सामाजिक व सांस्कृतिक संस्था अमल संघ 2 मई को 65वीं वर्षगांठ मनाएगी। संघ की ओर से साकची स्थित रविंद्र भवन में वार्षिक समारोह का आयोजन किया गया है। इस दौरान कोलकाता के मशहूर गायक रूपांकर बागची एंड टीम संगीत की प्रस्तुति देंगे। कला संस्कृति व खेलकूद को बढ़ावा देने के मकसद से अमल संघ की स्थापना 1952 में की गई थी। जेआरडी टाटा ने 19 दिसंबर, 1958 को इमारत की आधारशिला रखी थी। 16 फरवरी, 1964 को सर जहांगीर गांधी ने क्लब का उद्घाटन किया था। 1958 - 64 तक दोनों संघ के मुख्य संरक्षक रहे। अमल संघ क्लब आउटडोर और इंडौर सेक्शन दो भागों में बंटा हुआ है। इनडोर सेक्शन में स्थानीय वंचित बच्चों को शिक्षा प्रदान की जाती है। आउटडोर में खेलों का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा यहां पर रक्तदान शिविर, नि:शुल्क चिकित्सा शिविर, पौधराेपण, कवि सम्मेलन आदि जैसे अन्य सामाजिक कार्य होते हैं। वर्तमान समय में भी करीब दो सौ गरीब बच्चे कक्षा एक से पांचवीं तक पढ़ते हैं। जिन्हें संघ की ओर से मुफ्त में कॉपी-किताब, ड्रेस उपलब्ध करवायी जाती है।

वर्तमान सदस्य- अंचितम गुप्ता-प्रेसीडेंट, देवाशिष लहरी, जयंत घोष, रंजन बनर्जी, सोनिया मुखर्जी,अशोक बरूआ, सामंतो कुमार-वाइस प्रेसीडेंट, संदीप सिन्हा चौधरी- महासचिव, डीएम सामड, मिनमय सुर, संतोष पात्रा, मनोरंजन सुंदर, हेमंत कुमार, मधुमिता बनर्जी- सहायक सचिव, कोषाध्यक्ष- विश्वनाथ गुप्ता के साथ कुल अमल संघ के 300 सदस्य जुड़े हंै।

 बंग समुदाय की ओर से अमल संघ की स्थापना 1952 में बंगाली संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी। 1958 में अमल संघ पाठशाला का निर्माण किया गया। जिसमें बंग समुदाय के बच्चे पढ़ा करते थे। उन दिनों यह पाठशाला बांग्ला मीडियम से जाना जाता था।  संदीप सिन्हा चौधरी, महासचिव, अमल संघ

कला संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संघ की हुई स्थापना
X
कला संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संघ की हुई स्थापना
कला संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संघ की हुई स्थापना
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..