Hindi News »Jharkhand »Jamshedpur »Jamshedpur» विश्व में हीमोफीलिया के 4 लाख मरीज, शहर में 103 का चल रहा इलाज

विश्व में हीमोफीलिया के 4 लाख मरीज, शहर में 103 का चल रहा इलाज

हीमोफीलिया एक जेनेटिक (आनुवांशिक) बीमारी है। इस बीमारी से ग्रसित मनुष्य को जख्म के बाद जब ब्लड निकलता है तो रुकता...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 03:05 AM IST

विश्व में हीमोफीलिया के 4 लाख मरीज, शहर में 103 का चल रहा इलाज
हीमोफीलिया एक जेनेटिक (आनुवांशिक) बीमारी है। इस बीमारी से ग्रसित मनुष्य को जख्म के बाद जब ब्लड निकलता है तो रुकता नहीं है। यह स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है। अमूमन यह बीमारी युवाओं और बच्चों में ज्यादा देखने को मिल रही है। कई बार इसके बारे में जानकारी न होने के कारण मरीज की मृत्यु भी हो जाती है। हीमोफीलिया के विश्व फेडरेशन के अनुसार, विश्व भर के लगभग 4 लाख व्यक्ति इस गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं। शहर में पिछले एक साल में इस बीमारी से पीड़ित 103 लोगों का इलाज किया गया है।

कई बार इस बीमारी की जानकारी नहीं होने से मरीज की मृत्यु भी हो जाती है

मां वाहक है और पिता नार्मल है, तो बेटा हीमोफीलिक होगा। एक बेटी वाहक होगी और एक बेटी नार्मल।

वहीं, बेटे को हीमोफीलिया है और जिससे उसकी शादी होगी, वह नॉर्मल है तो उसके बेटा नार्मल होगा, जबकि बेटियां वाहक होंगी।

ऐसे जेनेटिक है हिमोफिलिया

इस बीमारी के लक्षण पुरुषों में दिखाई देते हैं। जबकि, महिलाएं इसकी वाहक होती हैं। यह बीमारी पुरुषों में ज्यादा होता है। रेयर केस में महिलाओं में भी यह बीमारी दिखाई देती है।

हीमोफीलिया के लक्षण

किसी प्रकार की दुर्घटना या दूसरी चोट से खून बह रहा हो और लंबे समय तक न रुके तो यह हीमोफीलिया के लक्षण हैं। जोड़ों में दर्द व सूजन, घुटने व कोहनी में दर्द का रहना, मुंह व मसूड़ों में रक्तस्त्राव आदि शामिल है।

2 लाख यूनिट फैक्टर-8 दिए गएहीमोफीलिया का इलाज फैक्टर 8 और फैक्टर 9 देकर किया जाता है। रिम्स में स्थित हीमोफीलिया ट्रीटमेंट सेंटर में पिछले एक साल में 2 लाख 47 हजार यूनिट फैक्टर 8 दिए गए। मरीजों को 21250 यूनिट फैक्टर 9 दिए गए।

क्लॉटिंग फैक्टर की कमी से होती है यह बीमारी

डॉक्टरों के अनुसार, यह बीमारी क्लॉटिंग फैक्टर की कमी के कारण होती है। यह एक प्रकार का प्रोटीन होता है, जो खून का थक्का बना कर रक्तस्राव को रोकता है। हीमोफीलिया रक्त को जमने से रोकती है। हीमोफीलिया से ग्रस्त व्यक्ति के अंदर क्लॉटिंग फैक्टर नहीं होता है या कम हो जाता है। ब्लडिंग सामान्य से ज्यादा देर तक होता है।

प्रोफलैक्टिक ट्रीटमेंट से हो रहा है इलाज

डाॅ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि इस बीमारी में मां कैरियर होती है। इससे बीमारी पीढ़ी दर पीढ़ी फैलती है। इस बीमारी के लिए नया ट्रीटमेंट आया है, जिसे प्रोफलैक्टिक ट्रीटमेंट कहते हैं। इससे लोगों को लाभ होगा। बताया कि इसमें लो डोज में फैक्टर देते हैं, हफ्ते में तीन दिन। उसके कारण ब्लड में फैक्टर को मेनटेन करता है, जो ब्लीडिंग को कम कर देता है।

Get the latest IPL 2018 News, check IPL 2018 Schedule, IPL Live Score & IPL Points Table. Like us on Facebook or follow us on Twitter for more IPL updates.
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Jamshedpur News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: विश्व में हीमोफीलिया के 4 लाख मरीज, शहर में 103 का चल रहा इलाज
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Jamshedpur

    Trending

    Live Hindi News

    0
    ×