जिल्लत के हजार दिन से बेहतर है इज्जत के एक दिन की जिंदगी : मौलाना कादरी
ऑल इंडिया माइनॉरिटी सोशल वेलफेयर फ्रंट के बैनर तले सीएए और एनपीआर सरीखे काले कानून को लेकर गुरुवार गांधी मैदान मानगो में 220 घंटे का इंकलाबी जन सत्याग्रह का आगाज हुआ। पहले दिन बारिश के कारण कार्यक्रम अपने तयशुदा समय से तीन घंटे विलंब से शुरु हुआ, जो रात 11.30 बजे तक चला। सबसे पहले दिल्ली में शहीद हुए लोगों को दो मिनट मौन रह कर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद मौलाना शमशादुल कादरी ने आपसी भाईचारे का संदेश पत्र पढ़ा। कादरी ने कहा कि जब तक इस काले कानून को वापस नहीं लिया जाता, हम चैन से नहीं बैठेंगे। इसके लिए हमें अपनी कुर्बानी भी देनी पड़े तो हम देंगे। हमारे पूर्वजों ने एक कुर्बानी देश आजाद कराने के लिए दी थी। हम संविधान को बचाने के लिए अपनी कुर्बानी देंगे। जिल्लत की हजार दिन से बेहतर है इज्जत की एक दिन की जिंदगी जीना। टीपू सुल्तान ने हमें शेर की तरह जीना सिखाया है। इस अवसर पर फ्रंट के केंद्रीय महासचिव बाबर खान ने हम संविधान की रक्षा की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने इंकलाबी जन सत्याग्रह के लिए लोगों से एक मुट्ठी चावल देने की अपील की।
मानगो गांधी मैदान में चल रहे कार्यक्रम में हिस्सा लेते लोग।