एमजीएम / 11 महीने में 4 लाख मरीजों का इलाज, अाैसत हर दिन 8 मरीज की माैत

अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने कहा कि एमजीएम में जमशेदपुर के साथ दूसरे आसपास के जिलों से भारी संख्या में मरीज आ रहे हैं। (फाइल फोटो) अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने कहा कि एमजीएम में जमशेदपुर के साथ दूसरे आसपास के जिलों से भारी संख्या में मरीज आ रहे हैं। (फाइल फोटो)
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अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने कहा कि एमजीएम में जमशेदपुर के साथ दूसरे आसपास के जिलों से भारी संख्या में मरीज आ रहे हैं। (फाइल फोटो)अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने कहा कि एमजीएम में जमशेदपुर के साथ दूसरे आसपास के जिलों से भारी संख्या में मरीज आ रहे हैं। (फाइल फोटो)

  • सबसे ज्यादा मेडिसिन में पहुंचे लोग, हृदय, न्यूरो, कैंसर, किडनी के डॉक्टर ही नहीं 
  • सरायकेला, चाईबासा, चक्रधरपुर और आसपास के इलाके से एमजीएम अस्पताल आते हैं मरीज

दैनिक भास्कर

Dec 28, 2019, 11:52 AM IST

जमशेदपुर. कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम में इस वर्ष 11 माह में 4,01,535 मरीजों का इलाज हुआ। सबसे अधिक इलाज मेडिसिन विभाग में 98,927 हैं। 11 माह को यदि दिन से गणना करें तो लगभग 334 दिनों में हर दिन लगभग 12 सौ मरीजों का यहां इलाज हुआ। इस दौरान अस्पताल में कुल 2688 मरीजों की मौत हुई और हर दिन 8.04 मरीजों की मौत भी हुई। 

एमजीएम में जमशेदपुर के अलावा इसके आसपास के जिलों के मरीजों को भी इलाज के लिए यहां रेफर कर दिया जाता है। पश्चिम सिंहभूम, सरायकेला, चाईबासा, चक्रधरपुर आदि इलाके के मरीज इलाज के लिए आते हैं। गंभीर केस सबसे ज्यादा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा पश्चिमी सिंहभूम इलाकों से ही आते हैं, क्योंकि इन इलाकों में चिकित्सकीय सेवा बदतर है। 
 
इस वर्ष 2688 मरीजों की गई जान सबसे अधिक मौत अक्टूबर महीने में 
एमजीएम में 11 माह में 2780 मरीजों की जानें भी चली गई हैं। सबसे अधिक मौतें अक्टूबर में 280 हैं। वहीं, सबसे कम मौतें अप्रैल में 177 हैं। 11 माह को यदि दिन से गणना करें तो लगभग 334 दिनों में हर दिन 8.32 फीसदी की औसत से मरीजों की जान गई है। लगभग 40 प्रतिशत मौतें सड़क दुर्घटना, मारपीट आदि से संबंधित है। इसे दुर्भाग्य ही कहा जा सकता है कि 500 सौ बेड वाले इसे मेडिकल कॉलेज में एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। लिहाजा दुर्घटनाओं में आने वाले मरीज पहले तो काफी देर से एमजीएम आ पाते हैं, यहां आने पर विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं मिलते हैं। 

किस विभाग में कितने मरीजों का हुआ इलाज 

विभाग मरीजों की संख्या
मेडिसिन 98,927
हड्डी रोग 40,570
सर्जरी 29,977
नेत्र 37,358
ईएनटी 32,970
स्त्री एवं प्रसव 31,523
चर्म रोग 56,614
दंत 15,680
शिशु रोग 21,619
मनोरोग 11,268

किस माह में कितनी मौतें 

जनवरी 271
फरवरी 253
मार्च 267
अप्रैल 192
मई 216
जून 213
जुलाई 256
अगस्त 243
सितंबर 214
अक्टूबर 284
नवंबर 279

दूसरे अस्पतालों से अंतिम समय में मरीजों को रेफर करते हैं एमजीएम 
अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने कहा कि एमजीएम में जमशेदपुर के साथ दूसरे आसपास के जिलों से भारी संख्या में मरीज आ रहे हैं। संसाधन के अनुरूप इलाज हो रहा है। दूसरे अस्पताल से अंतिम समय में कई मरीजों को एमजीएम में रेफर कर दिया जाता है। ऐसे किसी भी गंभीर मरीज को हम भर्ती कर लेते हैं। कई मरीज को भर्ती होने के आधे घंटे में दम तोड़ देते हैं। इस कारण भी संख्या बढ़ती है। कई बार तो मरे हुए मरीज को लेकर अस्पताल आते हैं और वह भी संख्या यहीं जुड़ता है। जहां मरीज अधिक आएंगे वहां मौत का प्रतिशत भी अधिक होता है।

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