जमशेदपुर / एमजीएम अधीक्षक बोले-पुलिस को जानकारी नहीं देना मानवीय भूल, मकसद मामला दबाना नहीं

प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।
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प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।

  • अधीक्षक ने डीसी के शोकॉज का दिया जवाब, एमजीएम में भर्ती मरीज से दुष्कर्म का मामला

दैनिक भास्कर

Mar 17, 2020, 11:59 AM IST

जमशेदपुर. एमजीएम में भर्ती महिला के साथ दुष्कर्म मामले में अधीक्षक डाॅ. संजय कुमार ने सोमवार को डीसी के शोकॉज का जवाब दिया। अधीक्षक ने अपने जवाब में कहा कि अस्पताल में पहले 91 निजी सुरक्षागार्ड तथा 47 होमगार्ड जवान तैनात थे। पिछले एक साल से निजी गार्ड को हटा दिया गया है। होमगार्ड की संख्या 30 कर दी गई। एक शिफ्ट में सिर्फ 10 जवान रहते हैं। इससे वार्ड की निगरानी सही ढंग से नहीं हो पा रही है।

घटना की सूचना मिलने पर सहयोगियों के साथ अपने स्तर से सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य जांच की लेकिन वैसा कोई संदिग्ध नजर नहीं आया। पुलिस को जानकारी नहीं देना मानवीय भूल है, लेकिन इसका मकसद किसी को बचाना या मामले को दबाना नहीं है।

इधर, दुष्कर्म के अारोपी का डीएनए टेस्ट कराने के लिए कोर्ट में दी अर्जी
एमजीएम में महिला मरीज से दुष्कर्म के अारोपी जेल में बंद गुतू प्रमाणिक का पुलिस ने डीएनए टेस्ट कराने के लिए कोर्ट में अर्जी दी है। साकची थानेदार कुणाल कुमार ने सोमवार को सीजेएम की अदालत में अावेदन देकर अाराेपी का डीएन टेस्ट कराने और उसकी पैंट काे एफएसएल जांच के लिए भेजने की अनुमति मांगी है। अदालत से मंगलवार को अनुमति मिलने की संभावना है। पुलिस अारोपी को रिमांड पर लेकर कई बिंदुओं पर पूछताछ करेगी। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद अारोपी को जेल से एमजीएम लाकर डीएन डेस्ट के लिए खून का सैंपल लिया जाएगा।

अधीक्षक ने शोकॉज का जवाब दे दिया है: डीसी
डीसी रविशंकर शुक्ला ने कहा कि अधीक्षक द्वारा जवाब सौंप दिया गया है। मंगलवार को पत्र में जवाब देखने के साथ ही फाइनल रिपोर्ट दे दूंगा। वहीं बन्ना गुप्ता ने कहा कि डीसी की रिपोर्ट आने पर होगी कार्रवाई।

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