लगातार छठे साल देरी से 18 जून तक शहर पहुंचेगा मानसून

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 07:02 AM IST

Jamshedpur News - इस बार भी जमशेदपुर समेत झारखंड में मानसून के अाने में देरी हाेगी। इसकी मुख्य वजह दक्षिण पश्चिम मानसून के केरल...

Jamshedpur News - monsoon to reach 6th consecutive year till june 18
इस बार भी जमशेदपुर समेत झारखंड में मानसून के अाने में देरी हाेगी। इसकी मुख्य वजह दक्षिण पश्चिम मानसून के केरल पहुंचने में हाेने वाली देरी है। मालूम हाे कि 2006 के बाद मानसून कभी समय पर नहीं आया। हर बार करीब सप्ताह भर विलंब से मानसून ने सूबे में दस्तक दी है।

इधर, मौसम विभाग का कहना है कि जमशेदपुर में मानसून के पहुंचने में कुछ देर हो सकती है। इसके 18 जून तक प्रवेश करने की संभावना है। एक जून को मानसून केरल पहुंचना था। लेकिन उसमें देरी को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि झारखंड और बिहार में यह अपने निर्धारित से करीब एक सप्ताह विलंब से आएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून के देर से आने से किसानों को नुकसान होगा। इससे उन्हें अपनी तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाएगा। आमतौर पर मानसून के देर से आने के कारण किसान खेती में पिछड़ जाते हैं।

मौसम विभाग: लगातार तीसरे साल औसत से अधिक बारिश होने का अनुमान

पिछले छह साल में मानसून का आगमन

2018 21 जून

2017 19 जून

2016 17 जून

2015 21 जून

2014 20 जून

2013 13 जून

2012 19 जून

2011 17 जून

2010 18 जून

2009 29 जून

वेदर रिपाेर्टर | जमशेदपुर

इस बार भी जमशेदपुर समेत झारखंड में मानसून के अाने में देरी हाेगी। इसकी मुख्य वजह दक्षिण पश्चिम मानसून के केरल पहुंचने में हाेने वाली देरी है। मालूम हाे कि 2006 के बाद मानसून कभी समय पर नहीं आया। हर बार करीब सप्ताह भर विलंब से मानसून ने सूबे में दस्तक दी है।

इधर, मौसम विभाग का कहना है कि जमशेदपुर में मानसून के पहुंचने में कुछ देर हो सकती है। इसके 18 जून तक प्रवेश करने की संभावना है। एक जून को मानसून केरल पहुंचना था। लेकिन उसमें देरी को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि झारखंड और बिहार में यह अपने निर्धारित से करीब एक सप्ताह विलंब से आएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून के देर से आने से किसानों को नुकसान होगा। इससे उन्हें अपनी तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाएगा। आमतौर पर मानसून के देर से आने के कारण किसान खेती में पिछड़ जाते हैं।

क्या है मानसून

एकप्रकार की हवा, जो भारतीय महासागर में अप्रैल से अक्टूबर तक बराबर दक्षिण- पश्चिम दिशा से चलती है। अक्टूबर से अप्रैल तक हवा उत्तर-पूर्व दिशा से चलती है। अप्रैल से अक्टूबर तक जो हवा चलती है, प्राय: उसी के असर से भारत में वर्षा होती है।

इस साल अच्छी बारिश होने की संभावना कम है। सामान्य रूप से शहर में औसत मानसून बारिश लगभग 1000 से 1200 मिलीमीटर होती है। इस वर्ष अाैसत से अधिक बारिश हो सकती है। मालूम हाे कि इससे पहले 2018 व 2017 में भी अाैसत से अधिक बारिश हुई थी। दो दशक में दो बार ही समय से पहले मानसून का आगमन हुआ है। 2000 में पांच जून और 2006 में चार जून को मानसून ने दस्तक दिया था। माैसम वैज्ञानिक रतन कुमार महताे ने बताया कि जमशेदपुर में मानसून के आगमन का सामान्य समय 15 जून है। इस बार भी तय समय से देरी पर मानसून अाने से किसानों को परेशानी हाे सकती है। प्री-मानसून के पहुंचने का असर सोमवार को शहर में देखने को मिला। अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता अधिकतम 77 न्यूनतम 30 फीसदी रही।

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