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टाटा स्टील से हटाए जाएंगे 500 से अधिक वेंडर, ठेकाकर्मियों को ट्रेनिंग लेना अनिवार्य

3 वर्ष पहले
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टाटा स्टील में 500 से अधिक वेंडर (ठेका एजेंसी) हटाए जाएंगे। प्रबंधन उन वेंडरर्स को हटाएगा, जिसने रजिस्ट्रेशन कराने के बाद पांच साल में कोई काम नहीं किया है। प्रबंधन ने ऐसी एजेंसियों की सूची बनाई है। इसके अलावा कंपनी के करीब 30 हजार ठेकाकर्मियों के लिए ट्रेनिंग अनिवार्य कर दिया गया है। प्रशिक्षण स्किल के अनुसार 15 से 30 दिनों तक दिया जाएगा। अब उन्हीं ठेकाकर्मियों काे नया गेटपास जारी होगा, जिसने प्रशिक्षण लिया है। पहले से कार्यरत ठेकाकर्मियों को रोटेशन के आधार पर ट्रेनिंग दी जाएगी। कंपनी के चीफ स्तर के अधिकारी अवनीश गुप्ता, वीके निराला, एसके पांडेय, प्रकाश सिंह, अभिनंदन कुमार, यूनियन पदाधिकारी शहनवाज आलम समेत अन्य पदाधिकारियों के साथ सुरक्षा व क्वालिटी इंप्रूवमेंट पर गुरुवार को सेफ्टी एक्सीलेंस सेंटर में कॉन्ट्रैक्टर सेफ्टी मीटिंग में यह जानकारी दी गई। प्रबंधन की ओर से बताया गया कि शून्य दुर्घटना के लिए सेफ्टी, स्किल, मेंटर-मेंटी (हमसफर) कार्यक्रम लागू किया जा रहा है। 31 दिसंबर तक इसे पूर्ण रूप से लागू कर दिया जाएगा। प्रबंधन ने स्पष्ट कर दिया कि ठेकाकर्मियों को जेएनटीवीटीआई (जमशेदजी नसरवानजी टाटा वोकेशनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट) से प्रशिक्षण अनिवार्य होगा।

अभी तीन दिनों की ट्रेनिंग के बाद मिलता है गेटपास
अभी पुलिस वेरिफिकेशन और तीन दिनों की सेफ्टी ट्रेनिंग के बाद ठेकाकर्मियों को गेटपास मिलता है। अब वे जिस ट्रेड में काम करेंगे, उसका टेस्ट पास करना पड़ेगा। 15 से 30 दिनों की ट्रेनिंग लेनी होगी।

जेएनटीवीटीआई को एनएसडीसी से मान्यता
जेएनटीवीटीआई को एनएसडीसी से मान्यता मिल गई है। कंपनी का यह तकनीकी संस्थान है, जहां से प्रमुख ट्रेड में प्रशिक्षण के साथ जरूरत के अनुसार कोर्स डिजाइन करने के बाद प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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