एक साल तो आइडिया को दूसरे के सामने प्रेजेंट करने में ही गुजर गया, लेकिन किसी ने एक पैसे नहीं दिए, असफलता से काफी सीखा : अभिषेक जायसवाल

Jamshedpur News - जमशेदपुर | विभागीय अादेश के बाद जिले के करीब 66 शैक्षणिक संस्थानाें में विधान सभा चुनाव से संबंधित सी-विजिल एप...

Nov 11, 2019, 06:51 AM IST
जमशेदपुर | विभागीय अादेश के बाद जिले के करीब 66 शैक्षणिक संस्थानाें में विधान सभा चुनाव से संबंधित सी-विजिल एप डाउनलाेड करने संबंधित प्रतियाेगिता नहीं कराई है। इसको लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी शिवेंद्र कुमार ने सभी 85 शिक्षण संस्थानाें के प्रिंसिपलों काे नाेटिस जारी किया है। इसमें प्रतियाेगिता कराकर इससे संबंधित प्रतिवेदन विभाग काे उपलब्ध कराने वाले अाैर नहीं कराने वाले दाेनाें का नाम शामिल है। पत्र में कहा गया कि 8 नवंबर तक प्रतियाेगिता कराते हुए इसकी जानकारी विभाग काे उपलब्ध करानी थी कि उनके संस्थान में सी- विजिल एप डाउनलाेड की संख्या क्या है। लेकिन निर्धारित समय तक सिर्फ 19 ने ही प्रतिवेदन उपलब्ध कराया। एेसे में यह स्पष्ट है कि 66 संस्थानाें में एक भी एप डाउनलाेड नहीं हुअा जाे सही नहीं है। 11 नवंबर काे एप डाउनलाेड कराने से प्रतियाेगिता कराकर रिपाेर्ट विभाग काे भेजनी थी।

शहर के स्कूली विद्यार्थियों ने वायु प्रदूषण को रोकने के उपाय बताए

जमशेदपुर | इन्स्टीट्यूशन अॉफ इंजीनियर्स के जमशेदपुर चैप्टर की ओर से आयोजित क्रिएटिविटी ओलंपियाड का समापन रविवार को हो गया। रविवार शाम को आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में डायरेक्ट और ओपन डोमेन में विजयी रही टीमों को पुरस्कृत किया गया। दूसरे दिन शहर के लगभग 15 स्कूल के विद्यार्थियों ने एयर पॉल्यूशन विषय पर अपने मॉडल बनाए। दो श्रेणी में हुई इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपने मॉडल के जरिए बताया कि कैसे हवा को जहरीला बनाने से रोका जा सकता है। जूनियर श्रेणी में कक्षा छह से आठ और सीनियर श्रेणी में कक्षा नौ से बारहवीं के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। पहले दिन डायरेक्ट डोमन में झारखंड समेत पांच प्रदेशों से आई टीमों ने एक्सप्लाइडिंग फ्लूड पावर पर अपना मॉडल बनाया था।

शिविर में 833 लाेगाें की अांखाें की जांच

जमशेदपुर | ललित नारायण मिश्र सांस्कृतिक समाजिक कल्याण समिति, छोटागोविन्दपुर की ओर से आदर्श उच्च विद्यालय, राहरगोड़ा में आईएमए के सहयोग से नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 833 असहाय मरीजों का इलाज किया गया। शिविर में नेत्र जांच पूर्णिमा नेत्रालय के चिकित्सकों किया गया और नेत्र जांच के दौरान 53 मरीजों को मोतियाबिंद से त्रस्त मरीजों को खोज निकाला गया। सभी मरीजों का मोतियाबिंद का आपरेशन पूर्णिमा नेत्रालय मे नि:शुल्क किया जाएगा। मोतियाबिंद मरीजों का अॉपरेशन 19 नवंबर को होगा। उद्घाटन सिविल सर्जन महेश्वरी प्रसाद ने किया।

कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थी।

बुलबुल तूफान की धुंध छंटते ही जमशेदपुर पुस्तक मेले में उमड़ी पुस्तक प्रेमियों की भीड़

मेले में डाइट प्लान कर अपना वजन कम करने के साथ मधुमेह और हृदय रोगियों के लिए भी पुस्तकें उपलब्ध

सिटी रिपोर्टर | जमशेदपुर

बीमारियों का इलाज डॉक्टर के पास ही नहीं, पुस्तकों के पास भी है। जमशेदपुर पुस्तक मेले में ऐसी पुस्तकों की भरमार है, जो हमें विभिन्न बीमारियों से दूर रहने के टिप्स बताती हैं। ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी लाइफ स्टाइल बीमारियों से बचने के साथ ही विभिन्न चिकित्सा पद्धति पर आधारित पुस्तकें भी हैं, जो हमें विभिन्न रोगों से बचाने के लिए घरेलू नुस्खे और इलाज बताती हैं। आज की भागमभाग में सही डाइट एक चुनौती है। इशी खोसला की डाइट डॉक्टर नामक पुस्तक हमें सही भोजन के बारे में बताती है।

पुस्तक बताती है कि आप डाइट को प्लान करके न सिर्फ अपना वजन कम कर सकते हैं, बल्कि मोटापे से होने वाली बीमारियों को रोक सकते हैं। प्रभात पब्लिकेशन की ही वेट लॉस के 101 टिप्स नामक एक पुस्तक है, जिसे डॉ. अनिल चतुर्वेदी ने लिखा है। मोटापे से मुक्ति के लिए 201 टिप्स, गैस और एसिडिटी के लिए 201 टिप्स, मधुमेह रोगियों के लिए 201 टिप्स और हृदय रोगियों के लिए 201 आहार टिप्स भी स्टॉल नंबर-22 पर उपलब्ध है। अनिद्रा (नींद नहीं आना) के शिकार लोगों के लिए डॉ. एमपी श्रीवास्तव और डॉ. संजय श्रीवास्तव की पुस्तक निद्रा रोग-कारण और निवारण है। आधुनिक चिकित्सा पद्धति के साथ चुंबक चिकित्सा और एक्युप्रेशर के जरिए स्वस्थ जीवन के टिप्स दिए गए हैं।

आधुनिक चिकित्सा पद्धति के साथ चुंबक चिकित्सा और एक्युप्रेशर के जरिए स्वस्थ जीवन के मिल रहे टिप्स

सिटी रिपोर्टर | जमशेदपुर

उद्यमिता की बीहड़ राह पर चल कर सफल उद्यमी बने दो उद्यमियों ने रविवार को अपनी सक्सेस स्टोरी शेयर की। एक्सएलआरआई जमशेदपुर के इंटरप्रिन्योरशिप सेल की ओर से संस्थान परिसर में आयोजित एक्जाल्ट नामक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एंटीलॉग वेकेशंस के संस्थापक और सीईओ अभिषेक जायसवाल ने बताया कि कैसे उन्होंने बिना पैसे के अपना बिजनेस शुरू किया। बकौल जायसवाल, अपने आइडिया को दो सौ वेंचर कैपिटलिस्ट के साथ शेयर किया, लेकिन किसी ने एक पैसा नहीं दिया। मगर हताश नहीं हुआ और धैर्य बनाए रखा। एक साल का समय अपने आइडिया को दूसरे के सामने प्रेजेंट करने में ही समाप्त हो गया।

देश के एक शहर से दूसरे शहर में जाता और अपने आइडिया को बताता। लेकिन हर जगह निराशा हाथ लगी। यहां तक कि अपने आइडिया को मॉरिशस और सिंगापुर तक ले गया लेकिन कोई भी मेरे आइडिया को आगे बढ़ाने के लिए सीड मनी देने को तैयार नहीं था। शुरूआती असफलता से काफी सीखा। आज लगता है कि असफलता से जितना सीखा जा सकता है, उतना सफलता से नहीं। शायद आज मैं सफल उद्यमी नहीं बन पाता, अगर शुरुआती असफलता नहीं मिलती। आज मेरी कंपनी मेरे जज्बे की बदौलत है। आज यह कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी लक्जरी हॉलिडे के कलेक्शन के लिए जानी जाती है। इस कार्यक्रम के दूसरे वक्ता और इंडिया मार्ट के को फाउंडर बृजेश अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने उस वक्त अपना उद्यम शुरू किया, जब आज की तरह इंटरनेट की सुलभ उपलब्धता नहीं थी। बिजनेस टू बिजनेस (बीटूबी) मॉडल पर आधारित उनकी कंपनी के लिए शुरूआती दौर काफी चुनौतीपूर्ण रहा। कई बार हताश भी हो जाता, लेकिन परिवार का साथ बना रहा। दादाजी ने एक दिन कहा-अगर तुम्हें लगता है कि तुम्हारे बिजनेस से कस्टमर को फायदा है और उनकी जिंदगी बदलती है तो आगे बढ़ो। पीछे नहीं मुड़कर देखो। दादाजी की यह बात प्रेरित कर गई और मैं एक सफल उद्यमी बन पाया। मौके पर शहर के विभिन्न स्कूलों के 600 से ज्यादा स्टूडेंट्स मौजूद थे। प्रतियोगिता में निर्णायक के तौर पर डीसी रवि शंकर शुक्ला ने भाग लिया।

रविवार को मौसम साफ होते ही शाम को जमशेदपुर पुस्तक मेले में पुस्तक प्रेमियों की भीड़ उमड़ी। लेकिन रविवार को जैसी भीड़ होनी चाहिए, वैसी नहीं थी। टैगोर सोसायटी के महासचिव आशीष चौधरी ने बताया कि शनिवार को मौसम खराब रहने से केवल 2 हजार विजिटर्स आए। अच्छी बात यह है कि मेले में युवा भी दिख रहे हैं और वे पुस्तकों की खरीदारी भी कर रहे हैं।

रामचरितमानस की बढ़ी बिक्री के बाद गीता प्रेस ने 300 और प्रतियां भेजीं

गीता प्रेस के स्टॉल पर रामचरितमानस और रामायण की बढ़ी बिक्री के बाद प्रकाशक ने रविवार को 300 और प्रतियां मंगाई है। यह जानकारी प्रेस के संतोष कुमार ने दी।

मेले में अब तक रवीश कुमार की पुस्तक की 25 प्रतियां बिकीं

रामकमल प्रकाशन के डीए पांडेय ने बताया कि अभी सबसे ज्यादा रवीश कुमार की ही पुस्तक बिक रही है। अभी तक स्थापित लेखकों की पुस्तकें मेले में ज्यादा बिकती थीं।

जमशेदपुर पुस्तक मेला में चला मतदाता जागरूकता अभियान

स्वीप कोषांग की ओर से रविवार को रवींद्र भवन साकची में चल रहे जमशेदपुर पुस्तक मेले में मतदाता जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान में करीम सिटी कॉलेज के कैंपस एम्बेसडर और एनएसएस के स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। उन्होंने मेले में आए विजिटर्स को वोट के महत्व को बताते हुए विधान सभा चुनाव में मत का इस्तेमाल करने की अपील की।

पुस्तकों के प्रति दीवानगी ऐसी कि हर रोज मेले में आते हैं

शायद ही कोई दिन हो जिस दिन जमशेदपुर पुस्तक मेला में पुस्तकों के बीच अरुण कुमार शर्मा नहीं दिखे। उनका कहना है कि 35 साल से मेले में आ रहे हैं। 1985 में जब मेला शुरू हुआ था तो इंटर में पढ़ते थे। पूरे साल इस मेले का बेसब्री से इंतजार करते हैं। पुस्तकों के बीच रहने का जो अनुभव है, उसे बयां नहीं कर सकते। डॉक्टर डॉ. अरुण कुमार शर्मा की साहित्य में रुचि है।

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