रैयती भूमि पर बिना नक्शा वाले घर ही हाेंगेेे वैध, ‌Rs.200 वर्गफीट दर से जुर्माना

Jamshedpur News - शहरी क्षेत्र में रैयती जमीन पर 2018 के पहले बिना नक्शा के बने 10 मीटर ऊंचे बहुमंजिले भवन व प्राइवेट मकान जुर्माना...

Bhaskar News Network

Oct 13, 2019, 07:06 AM IST
Jamshedpur News - only houses with no map will be valid on ryoti land penalty of rs200 sqft
शहरी क्षेत्र में रैयती जमीन पर 2018 के पहले बिना नक्शा के बने 10 मीटर ऊंचे बहुमंजिले भवन व प्राइवेट मकान जुर्माना शुल्क लेकर वैध किए जाएंगे। राज्य सरकार ने एेसे मकानाें से 200 रुपए प्रति वर्गफीट की दर से जुर्माना शुल्क ससूलने का अादेश दिया है। नगर विकास विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी की है।

इसके तहत 5000 वर्गफीट वाले मकान व जी प्लस दाे बहुमंजिले भवन काे नियमित किया जाएगा। सरकार के अादेश के बाद सभी नगर निकायाें ने सर्वे शुरू कर दिया है। इसके दायरे में शहर के 30 से 40 हजार हाउसहाेल्ड अाएंगे। इस प्रावधान के तहत जमशेदपुर अक्षेस, मानगाे नगर निगम व जुगसलाई नगर पर्षद क्षेत्र में रैयती भूखंड पर बिना नक्शा के बनाए गए एेसे अावासीय भवन ही वैध हाेंगे। इसके लिए उक्त भूखंड का म्यूटेशन व सभी दस्तावेज सही हाेना चाहिए। इसमें व्यावसायिक भवनाें काे शामिल नहीं किया गया है। सिर्फ अावासीय परिसर ही वैध हाेंगे। वहीं टाटा लीज लीज, 86 बस्ती, बिहार सरकार व अनावाद भूखंड पर बनाए गए मकान इस नियम के दायरे में नहीं अाएंगे। तीनाें निकायाें जमशेदपुर अक्षेस, मानगाे नगर नगर निगम व जुगसलाई नगर पर्षद में अवैध मकान व बिल्डिंग का निगम की अाेर से एक टीम बनाकर सर्वे किया जा रहा है। जेएनएसी के एसअाे कृष्ण कुमार ने बताया कि नगर विकास विभाग ने जी प्लस दाे बिल्डिंग, जाे बिना नक्शा के बनाए गए है। साथ ही प्राइवेट मकान जिसका नक्शा पास नहीं हुअा है, एेसे भवनाें का क्षेत्रफल 5000 वर्गफीट है, ताे भवन निर्माता नगर निकायाें में अावेदन जमा कर सकते है।

उन्हाेंने बताया कि राज्य सरकार ने अवैध भवन काे नियमित करने के लिए 200 रुपए प्रति वर्गफीट की दर से शुल्क जमा लिया जाएगा। रैयती भूखंड अवैध मकान व बिल्डिंग नियमित हाेने पर वैध हाे जाएगा अाैर टूटने का खतरा नहीं रहेगा। अवैध हाेने पर अक्सर नगर निगम व उपायुक्त कार्यालय में शिकायत व नाेटिस के साथ अवैध हिस्से काे ताेड़ने की कार्रवाई की जाती है। तीनाें नगर निकाय में लगभग 50 बहुमंजिली भवन है, जाे अवैध है, जिसका नक्शा पास नहीं है।

मानगाे क्षेत्र में अवैध मकानाें की संख्या अधिक

उन्हाेंने बताया कि रैयती भूखंड पर बने मकान ही इसके दायरे में अाएंगे। मानगाे नगर निगम क्षेत्र में इसके दायरे में अधिक मकान अाएगा। मानगाे में सर्वे चल रहा है। मानगाे नगर निगम के ईअाे दीपक सहाय ने बताया कि मानगाे में एेसे सैकड़ाें मकानाें काे लाभ मिलेगा। पूरे मानगाे का सर्वे चल रहा है। उन्हाेंने लाेगाें से अपील की है कि 5000 वर्गफीट वाले मकान व बिल्डिंग जाे बिना नक्शा के बने हैं, वे निगम कार्यालय में अावेदन जमा कर सकते हैं। अावेदन सुबह 10 बजे से लेकर शाम पांच बजे तक जमा लिया जाएगा। वहीं जुगसलाई नगर पर्षद में भी रैयती मकान व भवन का सर्वे शुरू हाे गया है।

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