टिमकेन में लंबित ग्रेड समझौता का रास्ता साफ, कंपनी के 235 कर्मियों को मिलेगा लाभ
ग्रेड रिवीजन कर मजदूरों को दें नियमानुसार लाभ
टिमकेन कंपनी में 1 मई 2017 से लंबित ग्रेड रिवीजन का रास्ता साफ हो गया है। उपश्रमायुक्त (डीएलसी) कार्यालय में शुक्रवार को इस मामले में डीएलसी राजेश प्रसाद ने टिमकेन प्रबंधन को निर्देश दिया है।
डीएलसी राजेश प्रसाद ने कंपनी प्रबंधन का पक्ष सुनने के बाद कहा कि गिरवरधारी गुट श्रम विभाग के फॉर्म बी रजिस्टर में मान्यता प्राप्त यूनियन के तौर पर दर्ज है। कोर्ट ने भी यूनियन की मान्यता को लेकर हुई अपील पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। इसके बाद स्पष्ट है कि मान्यता प्राप्त यूनियन गिरवरधारी गुट ही है। कंपनी इनसे ग्रेड रिवीजन वार्ता जल्द से जल्द कर मजदूरों को लाभ दे।
टिमकेन ग्रेड रिवीजन समझौता होने से कंपनी में कार्यरत 235 मजदूरों को ग्रेड का फायदा मिलेगा। कंपनी में 1 मई 2017 से ग्रेड रिवीजन लंबित है। इस मामले में मजदूरों की समस्या को लेकर जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने भी नियम सम्मत कार्रवाई करते हुए ग्रेड रिवीजन समझौता जल्द करने को लेकर उपश्रमायुक्त (डीएलसी) राजेश प्रसाद को
पत्र लिखा था।
ग्रेड रिवीजन में गिरवर धारी गुट के कारण हो रही देरी : विजय यादव
टिमकेन वर्कर्स यूनियन के विपक्षी खेमा के नेता विजय यादव ने कहा कि वे भी ग्रेड रिवीजन समझौता जल्द से जल्द चाहते हैं। अब तक इसमें देरी के लिए गिरवर धारी गुट की गलती रही है। वहीं टिमकेन वर्कर्स यूनियन मान्यता का मामला कोर्ट में है। अगर ऐसे में उपश्रमायुक्त राजेश प्रसाद किसी भी तरह के नियम का उल्ल्घंन करते हैं तो कोर्ट कार्रवाई करेगी। ग्रेड रिवीजन समझौता होने से कर्मचारियों को फायदा होगा।
मिट्टी समतलीकरण का विरोध करने पर यूनियन नेता को किया था बर्खास्त
मालूम हो कि कंपनी प्रबंधन ने यूनियन नेताओं ने 28 अगस्त 2019 को कंपनी परिसर में ही मिट्टी समतलीकरण के काम में लगा दिया था। विरोध करने पर कंपनी प्रबंधन ने यूनियन उपाध्यक्ष आदिप बार को बर्खास्त कर दिया। डीसी रविशंकर शुक्ला से इस मामले की शिकायत के बाद तत्कालीन एडीएम (लॉ एंड आर्डर) सुबोध कुमार, निवर्तमान उप श्रमायुक्त राकेश प्रसाद व कारखाना निरीक्षक विनीत कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनी। उक्त कमेटी ने भी आदिप बार की बर्खास्तगी वापस लेने व कोई दूसरी सजा देने का आदेश कंपनी प्रबंधन को दिया था।
टिमकेन उपाध्यक्ष बर्खास्तगी मामले में प्रबंधन अड़ा, कहा- कोर्ट का फैसला मानेंेगे
टिमकेन यूनियन उपाध्यक्ष आदिप बार के मामले में शुक्रवार को उपश्रमायुक्त कार्यालय में सुनवाई हुई। कंपनी प्रबंधन की ओर से प्रतिनिधि और आदिब बार दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए डीएलसी ने उन्हें समझौता करने की सलाह दी। इस पर प्रबंधन ने कहा कि वे लेबर कोर्ट का आदेश मानेंगे, चाहे फैसला जो भी हो। प्रबंधन की ओर से कहा गया कि जब मामला न्यायिक हो गया है, तो वे कुछ नहीं कर सकते। प्रबंधन के अड़ियल रूख के बाद डीएलसी राजेश प्रसाद ने भी फैसले का इंतजार करने की सलाह केस करने वाले आदिप बार को दी है।
त्रिपक्षीय वार्ता में टिमकेन के जीएम गौरीशंकर राय, एचआर हेड दिनेश कुमार, टिमकेन वर्कर्स यूनियन के महामंत्री गिरवरधारी, डिप्टी प्रेसिडेंट एलपी सिंह और डीएलसी ने बैठक के दस्तावेजों पर संयुक्त हस्ताक्षर किए। डीएलसी ने निर्देश दिया है कि एक अप्रैल तक इस मामले में प्रबंधन मजदूरों की लंबित समस्या का हल कर कार्यालय को सूचित करे।
त्रिपक्षीय वार्ता में दस्तावेजों पर हुए हस्ताक्षर