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फूलों-हर्बल रंगों की होली से शहरवासी सराबोर

एक वर्ष पहले
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शहर में रंगों और फूलों की होली का अलग अंदाज दिखा। जहां अधिकांश लोगों ने हर्बल रंगों से सूखी होली का आनंद लिया, वहीं जुगसलाई के राजस्थानी लोगों ने राधा-कृष्ण के साथ फूलों की होली खेली। गोलमुरी शिव मंदिर समिति की ओर से शुक्रवार को होली के मौके पर गोलमुरी फूड प्लाजा से झांकी निकाली गई। इस अवसर पर फूलों के रथ पर राधा-रानी संग भक्तों ने जमकर होली खेली। वहीं, सभी एक-दूसरे को रंग अाैर गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं

मानव कल्याण सेवा समिति की ओर से मंगलवार की जुगसलाई में सुबह से फूलों की होली को लिए लोग जुटे। सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक मोहल्ले में घूम-घूम कर लोगों ने राधा-कृष्ण के साथ फूलों की होली खेली। इस बार होली में रंगों का उपयोग नहीं किया, बल्कि िसर्फ फूलों से होली खेली गई। इसके लिए कोलकाता से पांच सौ किलो फूल मंगाए गए थे। श्रीराम टेकरी मंदिर से शुरू होकर मेन रोड, गर्ल्स स्कूल रोड, फिरंगी चौक, नया बाजार, मारवाड़ी पाड़ा रोड, चौक बाजार होते हुए ब्रांच रामटेकरी रोड तक जीवंत राधा-कृष्ण की झांकियों संग की होली खेली गई। फूलों से सजी बग्घी पर राजस्थानी समाज के लोग कान्हा जी के साथ लोग नगर भ्रमण पर निकले। यात्रा मार्ग में फूलों की होली के साथ कृष्ण नाम का जयघोष होता रहा। राधा-कृष्ण के साथ शिव परिवार की अनुपम झांकी लोगों को आकर्षित कर रही थी।

कोलकाता के कलाकारों ने राजस्थानी गीतों की पैरोडी से समा बांधी। जुगसलाई के श्याम कुटीर में आयोजित कार्यक्रम में फूलों की होली हुई। मुझे लगी श्याम संग प्रीत नामक कार्यक्रम में फूलों की होली के साथ कृष्ण राधा की झांकी निकली। शहर की गायिका श्रद्धा दास ने रंग मत डारे रे सांवरियां, यशोमती मैया से बोले नंदलाला और जुल्म कर डारयो-सितम कर डारयो सरीखे गीतों को गाकर सबको थिरकाया। बेटी श्रद्धा दास के साथ रमेश दास ने तबले पर ताल देकर जुगलबंदी की। कोलकाता के पायल मिश्रा ग्रुप के साथ शहर के कंचन डांस ग्रुप के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से धमाल मचाया। मौके पर केदारनाथ जैसूका, अरुण बांकरेवाल, मंटू अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, प्रहलाद अग्रवाल, बालमुकुंद गोयल, दीपक भालोटिया, मुरलीधर केडिया, सांवर लाल शर्मा, नटवर सिंघानिया, मुरलीधर शर्मा, श्रवण मित्तल, रामेश्वर भालोटिया, शंकर लाल मित्तल आदि मौजूद थे।

धालभूम क्लब में नृत्य प्रस्तुत करतीं कलाकार।

नंदलाला और जुल्म कर डारयो-सितम कर डारयो सरीखे गीतों को गाकर सबको थिरकाया। बेटी श्रद्धा दास के साथ रमेश दास ने तबले पर ताल देकर जुगलबंदी की। कोलकाता के पायल मिश्रा ग्रुप के साथ शहर के कंचन डांस ग्रुप के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से धमाल मचाया। मौके पर केदारनाथ जैसूका, अरुण बांकरेवाल, मंटू अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, प्रहलाद अग्रवाल, बालमुकुंद गोयल, दीपक भालोटिया, मुरलीधर केडिया, सांवर लाल शर्मा, नटवर सिंघानिया, मुरलीधर शर्मा, श्रवण मित्तल, रामेश्वर भालोटिया, शंकर लाल मित्तल आदि मौजूद थे।

जिला मारवाड़ी सम्मेलन साकची शाखा का दो दिवसीय रंगोत्सव 9 व 10 मार्च को धूमधाम से मनाया गया। मंगलवार को सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक साकची धालभूम क्लब मैदान में (अग्रसेन भवन के सामने) एक-दूसरे पर रंग डालकर सामूहिक रूप से होली मनाई गई। शाम 6.30 बजे से रात 10 बजे तक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान लोगों ने अबीर गुलाल, ठंडई व मिठाइयां के साथ लजीज व्यंजन का लुत्फ उठाया। शाम सात बजे रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर तक चला। राजस्थान और कोलकाता से आए आर्या डांस ग्रुप के कलाकारों ने लोक गीत व नृत्य नाटिका की प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों को होली के रंग में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए गायक महावीर अग्रवाल मुन्ना ने सीता परणिजे श्री राम जी..., रंग मत डरे रे सांवरिया.. पल्लो लटके..., घूमर.., अरे रे रे म्हारो ढोलना..., होलिया मे उडे रे गुलाल..., रंगीलो फागान... आदि गीतों की प्रस्तुति देकर पूरे माहौल को राजस्थानी मय बना दिया। रंग मत डारे रे सांवरिया...., ओ रंग दे भाया ओ रंग दे...., होलिया में उड़े रे गुलाल गीतों पर लोग खूब झूमे। संस्था के अध्यक्ष ओमप्रकाश रिंगसिया की अध्यक्षता में सभी कार्यक्रम संपन्न हुआ। मौके पर निर्मल काबरा, सुरेश सोंथालिया, उमेश साह, अशोक मोदी, संतोष अग्रवाल, बजरंग लाल अग्रवाल, अरुण बांकरेवाल, दीपक पारिख, दिनेश चौधरी आदि मौजूद थे।

साकची धालभूम क्लब मैदान में होली पर दिखी राजस्थानी संस्कृति की अद्भुत झलक

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