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टीएमएच में आज होगा कॉकलियर इंप्लांट

एक वर्ष पहले
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दो बच्चों का किया जाएगा ऑपरेशन

टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में रविवार को कॉकलियर इंप्लांट होगा। इसके लिए भोपाल से कॉकलियर इंप्लांट एंड ईएनटी सर्जन डॉ. एसपी दुबे आएंगे। इंप्लांट के लिए सरायकेला-खरसांवा स्थित नीरुडीह गांव निवासी साढ़े चार वर्षीय लखन मंडल व देवघर के जसीडीह निवासी दो वर्षीय अप्रित कुमार रे को चयनित किया गया है।

इसपर करीब छह लाख रुपए खर्च आएगा। सारा खर्च सरकार उठाएगी। टीएमएच के ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. विनायक बरुवा ने बताया कि अब घबराने की जरूरत नहीं है। आपका बच्चा अगर पांच साल से कम उम्र का है और उसमें सुनने की क्षमता नहीं है तो वह भी सामान्य बच्चों की तरह बोल-सुन सकता है। इसके लिए कॉकलियर इंप्लांट किया जाता है। इस ऑपरेशन के बाद बच्चों में 100 प्रतिशत तक सुनने व 90 प्रतिशत तक बोलने की क्षमता आ जाती है। यह इंप्लांट महंगा जरूर है लेकिन अगर किसी परिवार की मासिक आमदनी 15 हजार रुपए तक है तो उसका सारा खर्च सरकार वहन करेगी। एपिड योजना के तहत ही इन दोनों मरीजों का चयन हुआ है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए मुंबई के अली यावर जंग राष्ट्रीय श्रवण विकलांगता संस्थान की वेबसाइट पर पंजीयन करा सकते हैैं।

मेडिका अस्पताल के व्यावसायिक उपयोग की जांच रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी गई

मेडिका हॉस्पिटल (कांतिलाल गांधी मेमोरियल ट्रस्ट) जमीन विवाद मामले में जांच टीम ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट डीसी रवि शंकर शुक्ला को सौंप दी। जिस जमीन पर मेडिका अस्पताल का संचालन किया जा रहा, वह जमीन टाटा लीज की है। अस्पताल चलाने के लिए कांतिलाल गांधी मेमोरियल ट्रस्ट को 1989 में सबलीज पर जमीन दी गई थी। सबलीज पर जमीन इस शर्त पर दी गई थी कि वह गरीबों का इलाज सस्ते में करेगा, लेकिन 2014 में कांतिलाल गांधी मेमोरियल ट्रस्ट ने सबलीज की जमीन और उस पर बनी संरचना को मेडिका हॉस्पिटल को हस्तांतरित कर दिया था। मेडिका अस्पताल में मंहगे इलाज की शिकायत और लीज की शर्तों के उल्लंघन मामले की शिकायत मिलने पर डीसी रवि शंकर शुक्ला ने इस मामले की जांच एडीसी सौरव कुमार सिन्हा को दी थी।

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