टीएमएच के जिस मरीज को कोरोना होना बताया, वह अस्थमा का निकला: सीएस
टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में कोरोना वायरस के मरीज की खबर की अफवाह सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद टाटा स्टील ने बुधवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर ऐसी खबर को गलत बताया है। टाटा स्टील कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन चीफ कुलवीन सुरी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि टीएमएच में कोरोना के किसी मरीज के एडमिट होने की सूचना गलत है।
उधर, जिले के सिविल सर्जन डॉ. महेश्वर प्रसाद टीएमएच पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। जिसे कोरोना का मरीज बताया जा रहा था, डाक्टरों ने बात कर गहनता से जांच की। जांच के बाद सीएस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि जिस मरीज में कोरोना की बात कही गई है कि वह अस्थमा का मरीज है और पिछले 10 दिनों से सांस की तकलीफ से जूझ रहा है। उसका इलाज टीएमएच में चल रहा है लेकिन वह कोरोना से संक्रमित नहीं है। मरीज ने पूछताछ में यह जानकारी भी दी कि वह कोरोना फैलने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में कहीं आना जाना भी नहीं किया है।
कोरोना पर डीसी ने कल बुलाई बैठक रेलवे स्टेशन पर कैंप लगाने का आदेश
डीसी रवि शंकर शुक्ला ने कोरोना से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी है। डीसी ने बुधवार को सिविल सर्जन डा महेश्वर प्रसाद को आदेश दिया कि आगामी 13 फरवरी को कोरोना के संक्रमण से लोगों को बचाने व जागरूक बनाने के लिए बैठक बुलाई जाए। इस बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा समाज के गणमान्य लोगों को भी आमंत्रित किया जाएगा। डीसी ने सिविल सर्जन से कहा कि जिले के सभी रेलवे स्टेशन कोरोना वायरस की जांच के लिए विशेष कैंप लगाए। होटल व रेस्टोरेंट की साफ सफाई की नियमित रूप से जांच करने को कहा। सरकारी व निजी स्कूल के बच्चों को जागरूक करने के साथ- साथ एंटीसेफ्टिक हैंड वाश अथवा सैनिटाइजर के उपयोग के बारे में जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया। प्रशासन 1857 में बने कानून के आधार पर कोरोना से निपटने की तैयारी कर रहा है।
टीएमएच में कोरोना का मरीज नहीं : टाटा स्टील
कहा गया है कि जिस मरीज में कोरोना की बात कही गई है कि वह अस्थमा का मरीज है और पिछले 10 दिनों से सांस की तकलीफ से जूझ रहा है। उसका इलाज टीएमएच में चल रहा है लेकिन वह कोरोना से संक्रमित नहीं है। मरीज ने पूछताछ में यह जानकारी भी दी कि वह कोरोना फैलने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में कहीं आना जाना भी नहीं किया है।