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नागाडीह मामले में गवाही से मुकरने वाले दो पुलिसकर्मी सस्पेंड

एक वर्ष पहले
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बागबेड़ा के नागाडीह में 2017 में बच्चा चोरी का आरोप लगाकर हत्या के मामले में कोर्ट में बयान से मुकरने वाले पुलिस के दो जवानों को सस्पेंड कर दिया गया है। एसएसपी अनूप बिरथरे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई की है।

टाइगर मोबाइल के दो जवान पारस सिंह और विजय कुमार महतो को सस्पेंड किया गया। घटना के वक्त ये दोनों टाइगर मोबाइल के जवान तत्कालीन थाना प्रभारी के साथ नागाडीह गए हुए थे। पुलिस के सामने गौतम वर्मा, विकास वर्मा और गंगेश गुप्ता की ग्रामीणों ने पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। ग्रामीणों के हमले में वृद्धा रामसखी देवी गंभीर रूप से घायल हो गई थी। बाद में उसकी मौत टाटा मुख्य अस्पताल में हो हुई थी। नागाडीह में पुलिस पर भी ग्रामीणों ने हमला किया था। जिसमें पुलिस वालों को चोट आई थी। गवाही के वक्त कोर्ट में पारस सिंह और विजय कुमार महतो गवाही में मुकर गए। जिसमें अंधेरा होने की बात कही थी। इसका लाभ आरोपियों को मिल सकता था। दैनिक भास्कर ने पुलिसकर्मियों से मुकरने के मामले को प्रकाशित किया था। इसके बाद एसएसपी ने दोनों पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की।

पुलिसकर्मियों ने कहा था- कुछ देख नहीं पाए


एडीजे 1 राधाकृष्ण की कोर्ट में सुनवाई के दौरान पुलिसकर्मियों ने कहा था कि रात की घटना थी, इसलिए किसी को नहीं पहचान पाया। अंधेरे के चलते किधर से भीड़ आई, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। गौरतलब है कि 18 मई 2017 को नागाडीह में जुगसलाई के गौतम वर्मा, विकास वर्मा, रामसखी देवी और गंगेश गुप्ता की ग्रामीणों ने पीट पीटकर कर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस द्वारा अब तक 26 लोगों को आरोपी बनाया गया है।


भास्कर इंपैक्ट

25 फरवरी के अंक में प्रकाशित।

नागाडीह मामले में गलत गवाही देने वाले दोनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इतने गंभीर मामले में लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - अनूप बिरथरे, एसएसपी।
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