एमजीएम अस्पताल में भर्ती महिला मरीज से दुष्कर्म मामले में विधानसभा में जमकर हंगामा, वेल में अाए भाजपा विधायक
एमजीएम अस्पताल में भर्ती 50 साल की महिला मरीज के साथ दुष्कर्म का मामला विधानसभा में शुक्रवार को जाेर शाेर से उठाया गया। भाजपा विधायकों ने वेल में आकर विरोध प्रदर्शन किया। सरकार को भी कटघरे में खड़ा किया। अनंत अाेझा ने इस मामले को लेकर सदन के भीतर दाे बार दैनिक भास्कर अखबार लहराया अाैर फिर कार्यस्थगन प्रस्ताव भी लाया। लेकिन स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने उसे अमान्य कर दिया। शुक्रवार काे जैसे ही विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई अाैर स्पीकर ने प्रश्नकाल शुरू किया। विधायक भानुप्रताप शाही ने व्यवस्था का प्रश्न बताते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्री जहां के विधायक हैं, उन्हीं के क्षेत्र के एमजीएम अस्पताल में दुष्कर्म जैसी घृणित घटना हुई है। लेकिन इस संबंध में सरकार की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने इस मामले में त्वरित कार्रवाई कर दोषियों को दंडित करने की मांग रखी।
स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि जमशेदपुर के एसएसपी को जांच के लिए बोला गया है। जांच में सरकार कोई कमी नहीं रहने देना चाहती है। यह सरकार कार्रवाई करके भी दिखाएगी। हालांकि स्वास्थ मंत्री ने मामले काे सस्पेक्टेड भी बताया। इसके बाद विपक्ष का शोर शराबा शुरू हो गया। सभी विपक्षी विधायक वेल में आ गये और हंगामा शुरू कर दिया। इस बीच संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि मामले की जांच करायी जा रही है। विपक्ष इस बात का भराेसा रखे कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। वे स्पीकर से इस संबंध में नियमन देने की मांग करने लगे। इस पर स्पीकर ने कहा कि अनुसंधान करने का वक्त दें। जब सरकार ने यह बता दिया है कि जांच हो रही है तो सभी को संतुष्ट हो जाना चाहिए। कहा कि इस मामले में नियमन देने की कोई अावश्यकता नहीं है। इसके बाद विपक्षी अपनी सीट पर वापस आ गये। भाजपा विधायक नील कंठ सिंह मुंडा ने कहा कि मंत्री संदिग्ध होने की बात बोल रहे हैं जो उचित नहीं है। जांच की बात बोलकर इसे लीपापाेती कर ठेलने का प्रयास किया जा रहा है। इसकी जांच 24 घंटे में होनी चाहिए।
एमजीएम अधीक्षक ने जांच के लिए कमेटी बनाई
अधीक्षक ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। कमेटी अपनी रिपोर्ट शनिवार को देगी। कमेटी का नेतृत्व वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. आरवाई चौधरी को सौंपी गई है। पहले एमजीएम प्रबंधन ने पूरे मामले को अफवाह करार दिया था। पुलिस जांच में खुलासे के बाद अस्पताल के पदाधिकारी अपनी गर्दन बचाने में लगे हुए हैं। इस मामले में पुलिस ने नर्स और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की है। एमजीएम अधीक्षक की तीन सदस्यीय कमेटी में डॉ. आरवाई चौधरी, डॉ. ललित मिंज, डॉ. नारायण उरांव शामिल हैं। अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने कहा है कि छह मार्च को जानकारी मिली थी। कर्मचारियों से पूछताछ की गई। सभी ने घटना से इनकार किया था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि बुजुर्ग महिला के साथ दुष्कर्म हुआ था।
सदन में गूंजा दुष्कर्म का मामला
सदन में विधायक अनंत अाेझा ने दो बार लहराया भास्कर कहा- दोषी पर कार्रवाई हो
नाेटिस का जवाब मिलने पर हाेगी कार्रवाई
इधर, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि अब तक की जांच में कुछ फैक्ट सामने आया है, जिसके आधार पर पुलिस एक संदिग्ध की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। नोटिस का जवाब मिलने पर अधीक्षक की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
अधीक्षक को नोटिस; आरोपी सीसीटीवी में कैद, मेडिकल रिपोर्ट तैयार, विभागीय कार्रवाई शुरू
डीसी ने अधीक्षक से मांगा जवाब : इधर, दुष्कर्म मामले में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के आदेश पर डीसी रवि शंकर शुक्ला ने अधीक्षक डाॅ. नकुल चौधरी को नोटिस जारी कर 48 घंटे के अंदर जवाब मांगा है। अधीक्षक से दो बिन्दुओं पर जवाब तलब किया गया है।