मानगो दुष्कर्म मामला / पीड़िता रोते हुए सीआईडी टीम से बोली-थाना प्रभारी और डीएसपी ने यहीं लूटी थी आबरू



सीआईडी टीम को घटनास्थल की जानकारी देती पीड़िता। सीआईडी टीम को घटनास्थल की जानकारी देती पीड़िता।
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सीआईडी टीम को घटनास्थल की जानकारी देती पीड़िता।सीआईडी टीम को घटनास्थल की जानकारी देती पीड़िता।

  • दुष्कर्म पीड़िता को सात महीने बाद शिनाख्ती के लिए एमजीएम थाने लेकर पहुंची जांच टीम

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2019, 11:10 AM IST

जमशेदपुर. मुख्यमंत्री के आदेश के सात महीने मानगो सहारा सिटी की दुष्कर्म पीड़िता को साथ लेकर सीआईडी टीम मंगलवार को एमजीएम थाना पहुंची। एमजीएम थाने पहुंचकर पीड़िता के जख्म हरे हो गए। सीआईडी टीम के सामने रोते हुए वह बोली- एमजीएम के थाना प्रभारी और डीएसपी ने मेरे साथ यहीं दुष्कर्म किया था। पीड़िता टीम को बताती जा रही थी कि कहां थानेदार बैठे थे? फिर किस दरवाजे से कहां ले जाया गया। कहां आबरू लूटी गई? टीम ने उसके बयान और घटनास्थल की बारीकी से आकलन किया।

 

घटनास्थल की जांच की गई
पीड़िता ने मामले की अनुसंधानकर्ता सीआईडी इंस्पेक्टर मिनाक्षी कुमारी को बताया कि थानेदार के चैंबर के बगल के कमरे में हाजत है। वहां उसे रखा गया था। थानेदार इमदाद अंसारी और सर (डीएसपी अजय केरकेट्टा) ने उसके साथ थाने में ही गलत किया था। थाना के बंद कमरों को देखकर वह टीम को बताती रही। सीआईडी टीम पीड़िता को लेकर यहां दोपहर 12 बजे पहुंची थी। करीब डेढ़ घंटे तक उससे पूछताछ और घटनास्थल की जांच की गई। इसके बाद पीड़िता व टीम लौट गई। इस दौरान नानकचंद्र सेठ भी मौजूद थे। सीआईडी इंस्पेक्टर मीनाक्षी कुमारी एक महिला आरक्षी के साथ आई थीं।

 

नानक सेठ ने जताई जांच में गड़बड़ी की आशंका
नानक सेठ व उनकी पत्नी सीएम आवास पहुंचे। हालांकि मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने सीएम के ओएसडी राकेश चौधरी को लिखित शिकायत की। नानक सेठ ने बताया कि मुख्यमंत्री के आदेश के 7 महीने बाद भी सीआईडी ने आरोपी पुलिस अफसरों से पूछताछ नहीं की।

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