Hindi News »Jharkhand »Jamtara» जामताड़ा के आदिवासियों ने अधिकार के लिए दिल्ली में किया धरना-प्रदर्शन

जामताड़ा के आदिवासियों ने अधिकार के लिए दिल्ली में किया धरना-प्रदर्शन

देश के दस राज्यों मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना, गुजरात, राजास्थान, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:45 AM IST

जामताड़ा के आदिवासियों ने अधिकार के लिए दिल्ली में किया धरना-प्रदर्शन
देश के दस राज्यों मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना, गुजरात, राजास्थान, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश के साथ बंगाल बिहार से जय आदिवासी युवा शाक्ति के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के सड़कों में अपने अधिकारों को लेकर हल्ला बोल किया। आंदोलन में जामताड़ा से भी काफी संख्या में लोग दिल्ली के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। लोगों ने केन्द्र सरकार से पांचवीं और छठवीं अनसूचि लागू करने, अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 को यथास्थिति बरकार रखने हेतू संसद से विधयक पारित करने, अधिसूचित जनजाति समुदाय के अतिरिक्त अन्य गैर आदिवासी जातियों को को आदिवासियों का दर्ज देने का प्रस्ताव रद्द किए जाने की मांग किया। इसके अलावे संविधान में दर्ज अनुसूचित जनजाति शब्द को हटाकर आदिवासी शब्द लिखा जाए, वन अधिकार अधिनियम 2006 को पूर्ण रूप से लागू किया जाए, विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाए, खानिज सम्पदा और उद्योग, कारखानों के नाम पर 5वीं अनसूचि कानून का उल्लंघन कर अपनी ही जमीन से बेदखल किर विस्थापित किये गये 4 करोड़ से अधिक आदिवासी परिवारों को चिन्हित कर उनके सम्मान में संसद में शवेत पत्र लाकर उन्हें पुनर्वास, मुअावजा दिया जाए, अनुसूचित बहुल क्षेत्रों में फैली गंभीर बीमारियों रोकथाम किया जाए, जनजाति छात्रों को उनकी मातृभाषा में सम्पूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराया जाए आदि मांगों को लेकर नारे लगाते हुए संसद का घेराव और सभा किया गया। सभा को सम्बोधित करते हुए जयस के राष्ट्रीय संरक्षक डाॅ. हीरालाल अलावा ने कहां कि देश का आदिवासियों को संविधान में मिले आधिकारों सं वंजित रखा गया है, असंवैधानिक तरीके से उनके जमीनों को छीना गया है। सभा को कटराम नरसिम्मा तेलंगाना, रामनारायण, छत्तीसगढ़, सुरेन्द्र कटारा राजस्थान, अर्जुन राठवार, गुजरात, अमित तरवी, महाराष्ट्र, राजेश कुमार गोड़, बिहार, रविराज, अरविंद मुजालदा, मध्यप्रदेश, लशकर सोरेन, सरना धर्मगुरु संथाल, हरादर मुर्मू सर्वोच्च मांझी संथाल समाज, शयाम लाल मरांडी, मनोज हेम्ब्रम आदि थे।

दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन में शामिल देश भर से आए आदिवासी युवक।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Jamtara

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×